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रविंद्र जडेजा ने क्यों छोड़ी CSK? राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी और रियान पराग से जुड़ा बड़ा खुलासा

Chamari Athapaththu · · 1 min read
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एमएस धोनी की सीएसके से रविंद्र जडेजा के जाने की असली वजह आई सामने

आईपीएल 2026 के सीजन से पहले क्रिकेट गलियारों में एक ऐसी खबर आई जिसने सभी प्रशंसकों को हैरान कर दिया। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक, रविंद्र जडेजा को राजस्थान रॉयल्स (RR) में ट्रेड कर दिया गया। जडेजा का सीएसके के साथ 12 साल का एक बेहद शानदार और ऐतिहासिक सफर रहा है। लेकिन इस बड़े फैसले के पीछे आखिर क्या वजह थी? क्या यह सिर्फ एक सामान्य टीम बदलाव था या इसके पीछे रविंद्र जडेजा की कप्तानी की बड़ी महत्वाकांक्षाएं छिपी थीं? हाल ही में आई एक रिपोर्ट में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं, जिसमें रियान पराग और संजू सैमसन का एंगल भी सामने आया है।

12 वर्षों का सुनहरा सफर और सीएसके से विदाई

रविंद्र जडेजा और चेन्नई सुपर किंग्स का रिश्ता बेहद गहरा रहा है। जडेजा ने सीएसके के साथ 12 शानदार साल बिताए और इस दौरान टीम को तीन आईपीएल खिताब दिलाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फैंस आज भी आईपीएल 2023 के उस ऐतिहासिक फाइनल को नहीं भूल सकते, जहां जडेजा ने आखिरी दो गेंदों पर 10 रन बनाकर चेन्नई को चैंपियन बनाया था। वह सीएसके के खेमे में एमएस धोनी के बाद सबसे चहेते खिलाड़ी माने जाते थे। ऐसे में आईपीएल 2026 से पहले उनका टीम छोड़ना हर किसी के लिए एक बड़ा झटका था।

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ट्रेड का पूरा गणित और संजू सैमसन की एंट्री

आईपीएल 2026 के ट्रेड विंडो के दौरान दोनों टीमों, चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स, ने अपने खिलाड़ियों को लेकर कुछ बेहद कड़े और बड़े फैसले लिए। इस ट्रेड डील के तहत चेन्नई सुपर किंग्स ने रविंद्र जडेजा और सैम करन (जो 2025 में सीएसके का हिस्सा थे) को राजस्थान रॉयल्स के हवाले कर दिया। इसके बदले में सीएसके को राजस्थान रॉयल्स के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन मिले।

संजू सैमसन साल 2021 से राजस्थान रॉयल्स के नियमित कप्तान थे, लेकिन चोट के कारण वह आईपीएल 2025 के कई मैचों में नहीं खेल पाए थे। इसके बाद सैमसन ने खुद आईपीएल 2025 के बाद आरआर से बाहर निकलने की इच्छा जताई थी। इस ट्रेड डील के तहत रविंद्र जडेजा की सैलरी में भी कटौती देखी गई, जहां उनकी सैलरी 18 करोड़ रुपये से घटकर 14 करोड़ रुपये हो गई।

क्या कप्तानी की महत्वाकांक्षा बनी सीएसके छोड़ने की वजह?

क्रिकब्लॉगर की एक नई रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि रविंद्र जडेजा के सीएसके छोड़ने के पीछे सबसे बड़ी वजह उनकी राजस्थान रॉयल्स का कप्तान बनने की चाहत थी। जब 2025 में संजू सैमसन चोटिल हुए थे, तब युवा खिलाड़ी रियान पराग ने राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी संभाली थी। हालांकि, पराग के नेतृत्व में टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और उद्घाटन चैंपियन राजस्थान रॉयल्स अंक तालिका में नौवें स्थान पर रही।

सैमसन के टीम से बाहर होने के बाद, राजस्थान रॉयल्स के शीर्ष नेतृत्व ने कप्तानी के लिए कई नामों पर विचार किया। इनमें युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और अनुभवी रविंद्र जडेजा का नाम सबसे आगे था। लेकिन अंततः फ्रेंचाइजी ने एक बार फिर रियान पराग को ही कप्तानी की कमान सौंपने का फैसला किया।

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सीएसके मैनेजमेंट का सख्त कदम और जडेजा का पुराना नाता

रिपोर्ट के अनुसार, रविंद्र जडेजा ने अपने कुछ करीबियों और सहयोगियों से बातचीत के दौरान भविष्य में राजस्थान रॉयल्स का कप्तान बनने की इच्छा व्यक्त की थी। जब चेन्नई सुपर किंग्स के प्रबंधन को इस बात की भनक लगी, तो उन्होंने जडेजा को टीम में बनाए रखने के बजाय उन्हें रिलीज करने यानी ट्रेड करने का फैसला कर लिया।

दिलचस्प बात यह है कि रविंद्र जडेजा ने अपने आईपीएल करियर की शुरुआत साल 2008 में राजस्थान रॉयल्स के साथ ही की थी। उस समय राजस्थान के तत्कालीन कप्तान और महान स्पिनर शेन वॉर्न ने जडेजा को ‘रॉकस्टार’ का उपनाम दिया था। उसी साल राजस्थान रॉयल्स ने आईपीएल का पहला खिताब भी अपने नाम किया था। ऐसे में जडेजा के लिए राजस्थान रॉयल्स में वापसी करना एक तरह से घर वापसी जैसा था।

एमएस धोनी की नाराजगी और अधूरी जानकारी

भले ही महेंद्र सिंह धोनी अब आधिकारिक तौर पर चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान नहीं हैं, लेकिन आज भी टीम का हर खिलाड़ी और प्रबंधन किसी भी बड़े फैसले के लिए उन्हीं की तरफ देखता है। क्रिकब्लॉगर की रिपोर्ट में एक और सनसनीखेज दावा किया गया है कि धोनी इस ट्रेड से बिल्कुल भी खुश नहीं थे। रिपोर्ट के मुताबिक, धोनी को इस पूरे ट्रेड डील और जडेजा के जाने के फैसले के बारे में पूरी तरह से सूचित भी नहीं किया गया था, जो सीएसके के खेमे में आंतरिक तालमेल पर सवाल खड़े करता है।

कप्तानी में जडेजा का पिछला निराशाजनक रिकॉर्ड

अगर हम इतिहास पर नजर डालें, तो आईपीएल में बतौर कप्तान रविंद्र जडेजा का रिकॉर्ड बेहद साधारण और निराशाजनक रहा है। साल 2022 में एमएस धोनी द्वारा कप्तानी छोड़ने के बाद जडेजा को चेन्नई सुपर किंग्स का नया कप्तान नियुक्त किया गया था। लेकिन उनके नेतृत्व में सीएसके का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। टीम अपने शुरुआती आठ मैचों में से केवल दो ही जीत सकी। इसके बाद बीच टूर्नामेंट में ही जडेजा को कप्तानी से हटा दिया गया।

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जडेजा को हटाए जाने के बाद धोनी ने दोबारा टीम की कमान संभाली, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और सीएसके अंक तालिका में नौवें स्थान पर रही थी। हालांकि, इसके अगले ही साल यानी 2023 में धोनी के नेतृत्व में सीएसके ने पांचवीं बार खिताब जीता, जिसमें जडेजा ने फाइनल मैच में मैच जिताऊ पारी खेलकर अपनी अहमियत साबित की थी।

वर्तमान प्रदर्शन और निष्कर्ष

रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि अगर कप्तानी की यह महत्वाकांक्षा नहीं होती, तो रविंद्र जडेजा के पास चेन्नई सुपर किंग्स जैसी सफल फ्रेंचाइजी को छोड़ने का कोई दूसरा ठोस कारण नहीं था। मौजूदा टूर्नामेंट में रविंद्र जडेजा के प्रदर्शन की बात करें, तो उन्होंने अब तक 11 मैचों में केवल 8 विकेट लिए हैं, लेकिन वह हमेशा की तरह अपनी किफायती गेंदबाजी से टीम के लिए उपयोगी साबित हो रहे हैं। कप्तानी की इस जंग और आंतरिक मतभेदों ने निश्चित रूप से इस सीजन की सबसे बड़ी इनसाइड स्टोरी को जन्म दिया है।

Chamari Athapaththu

Chamari Athapaththu is a prominent Sri Lankan cricket analyst, bilingual commentator, and features writer for ThePapare.com. With an intimate understanding of the women’s game — from the pressures of international captaincy to the intricacies of franchise cricket — she offers a rare, player-informed perspective in her analysis. After representing Sri Lanka at youth level and retiring early due to injury, Athapaththu transitioned into sports media, where she has become a leading voice on women’s cricket in South Asia. She has covered ICC Women’s World Cups, the Women’s Premier League, and the Women’s Big Bash League, and is a regular face on Sri Lanka Rupavahini’s cricket broadcasts, delivering sharp, empathetic commentary in both Sinhala and English.