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मोहम्मद शमी के साथ भेदभाव पर वसीम जाफर का फूटा गुस्सा, अजीत अगरकर पर साधा निशाना

Karim Rahimi · · 1 min read
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मोहम्मद शमी की अनदेखी: क्या चयनकर्ताओं का रवैया सही है?

भारतीय क्रिकेट टीम में चयन प्रक्रिया हमेशा से चर्चा का विषय रही है, लेकिन हाल ही में मोहम्मद शमी को लेकर जो स्थिति बनी है, उसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर ने खुलकर चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर और बीसीसीआई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। जाफर का मानना है कि अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के साथ न्याय नहीं हो रहा है।

शमी के प्रदर्शन की अनदेखी

शमी, जिन्होंने लंबे समय तक भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की कमान संभाली है, उन्हें आगामी अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच के लिए नहीं चुना गया है। 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से ही शमी को भारतीय टीम प्रबंधन द्वारा लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। अजीत अगरकर का यह तर्क कि शमी केवल छोटे प्रारूप (टी20) के लिए फिट हैं, वसीम जाफर को बिल्कुल भी रास नहीं आया। जाफर ने इसे ‘बकवास’ करार देते हुए कहा कि चयनकर्ताओं को अपनी बात स्पष्ट रखनी चाहिए।

शमी का हालिया प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्होंने बंगाल को रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। आंकड़ों पर नजर डालें तो शमी ने 7 रणजी मैचों में 37 विकेट चटकाए हैं, जो उनकी फिटनेस और फॉर्म का प्रमाण है। इसके अलावा सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में 16 और विजय हजारे ट्रॉफी में 15 विकेट लेकर उन्होंने साबित किया है कि वह किसी भी प्रारूप के लिए तैयार हैं।

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बुमराह और शमी की तुलना

वसीम जाफर ने इस बहस को और आगे ले जाते हुए जसप्रीत बुमराह का उदाहरण दिया। जाफर ने पूछा, ‘अगर बुमराह फिट नहीं होते और वापसी करते, तो क्या उनके साथ भी ऐसा ही बर्ताव होता?’ उन्होंने साफ कहा कि शमी का स्तर बुमराह के बराबर है और उन्हें उसी सम्मान का हकदार माना जाना चाहिए। दुनिया का कोई भी अनुभवी बल्लेबाज शमी को शीर्ष गेंदबाजों में शुमार करता है, ऐसे में उन्हें इस तरह दरकिनार करना उनके करियर का अपमान है।

वर्तमान स्थिति और आईपीएल का प्रभाव

वर्तमान में मोहम्मद शमी आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जाइंट्स का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और अब तक 12 मैचों में 10 विकेट ले चुके हैं। वहीं दूसरी ओर, जसप्रीत बुमराह को कार्यभार प्रबंधन (workload management) के नाम पर अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट और वनडे सीरीज से आराम दिया गया है। बुमराह फिलहाल मुंबई इंडियंस के लिए खेल रहे हैं, हालांकि 2026 टी20 विश्व कप के बाद से उनका प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा है और वे लय में दिखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

निष्कर्ष: पारदर्शिता की कमी

वसीम जाफर के बयानों से साफ है कि भारतीय टीम के चयन में पारदर्शिता और स्पष्टता की भारी कमी महसूस हो रही है। जब एक अनुभवी खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट में लगातार विकेट ले रहा हो, तो उसे बिना किसी ठोस कारण के बाहर रखना प्रशंसकों और विशेषज्ञों के गले नहीं उतर रहा है। बीसीसीआई और चयनकर्ताओं को अब इस मुद्दे पर एक स्पष्ट रुख अपनाना होगा ताकि अनुभवी खिलाड़ियों का मनोबल न गिरे और भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित रहे। प्रशंसकों का मानना है कि शमी जैसे मैच-विनर खिलाड़ी को बाहर बैठाना टीम की रणनीति के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।

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Karim Rahimi

Karim Rahimi is a senior cricket correspondent for BBC Pashto and a contributor to Afghanistan International. Covering the remarkable rise of Afghan cricket from refugee camps to World Cups, Rahimi has become one of the most trusted voices on the sport in the region. He reported from Afghanistan’s historic first Test match in Bangalore, the 2019 ODI World Cup, and multiple ICC T20 World Cups. His work goes beyond match reports, exploring the impact of conflict, displacement, and politics on the players and their families. Rahimi’s interviews with stars like Rashid Khan and Mohammad Nabi are widely echoed in regional and international media. He is known for his measured tone and deep access to the Afghanistan Cricket Board (ACB) and team management.