वेंकटेश अय्यर ने की विराट कोहली की कप्तानी की तारीफ, RCB के लिए खास है यह रिश्ता
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आरसीबी और विराट कोहली का लंबा सफर
साल 2013 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए युवा विराट कोहली को टीम का स्थायी कप्तान नियुक्त किया था। कोहली के नेतृत्व में टीम ने अगले नौ वर्षों तक क्रिकेट जगत में अपनी छाप छोड़ी। हालांकि, इस दौरान टीम भले ही आईपीएल का खिताब न जीत सकी हो, लेकिन 2016 के फाइनल तक का सफर तय करना कोहली की कप्तानी की एक बड़ी उपलब्धि रही। 2022 में कोहली ने कप्तानी से हटने का निर्णय लिया ताकि वे एक शुद्ध बल्लेबाज के रूप में अपना ध्यान केंद्रित कर सकें। बिना किसी ट्रॉफी के भी, कोहली का कार्यकाल कई युवा प्रतिभाओं को निखारने और प्रशंसकों के दिलों पर राज करने के लिए हमेशा याद रखा जाएगा।
वेंकटेश अय्यर की विराट कोहली के प्रति दीवानगी
हाल ही में RCB द्वारा 7 करोड़ रुपये की भारी कीमत पर टीम में शामिल किए गए वेंकटेश अय्यर ने एक दिलचस्प बयान दिया है। क्रिकेट के गलियारों में जब उनसे पूछा गया कि वे किस कप्तान के नेतृत्व में खेलना पसंद करते, तो सभी को उम्मीद थी कि वे एमएस धोनी या रोहित शर्मा जैसे सफल कप्तानों का नाम लेंगे। लेकिन वेंकटेश ने बिना किसी हिचकिचाहट के विराट कोहली का नाम लिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हालांकि कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के दिनों में इयोन मॉर्गन उनके लिए सर्वश्रेष्ठ कप्तान रहे हैं, लेकिन कोहली के साथ खेलना एक अलग ही अनुभव है।
पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच जिताऊ साझेदारी
आईपीएल 2026 में रजत पाटीदार के चोटिल होने के बाद वेंकटेश अय्यर को मुख्य एकादश में मौका मिला। पंजाब किंग्स के खिलाफ मुकाबला टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण था और यहीं पर वेंकटेश ने खुद को साबित किया। उन्होंने विराट कोहली के साथ मिलकर न केवल एक शानदार साझेदारी की, बल्कि अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से विपक्षी गेंदबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।
मैच के बाद अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए वेंकटेश ने कहा, ‘मैं भाग्यशाली था कि विराट कोहली मेरे साथ बल्लेबाजी कर रहे थे। उन्होंने मुझे बल्लेबाजी के दौरान कुछ महत्वपूर्ण टिप्स दिए और निरंतर मेरा मार्गदर्शन किया।’ यह साझेदारी न केवल टीम को 222 के विशाल स्कोर तक ले गई, बल्कि RCB को प्लेऑफ में भी जगह दिलाने में निर्णायक साबित हुई।
7 करोड़ के निवेश को सही साबित किया
RCB प्रबंधन ने वेंकटेश अय्यर पर जो भरोसा जताया था, उसे उन्होंने अपनी 73 रनों की नाबाद पारी के जरिए पूरी तरह सही साबित कर दिया। मात्र 40 गेंदों में 182 के स्ट्राइक रेट से खेली गई उनकी पारी ने पंजाब किंग्स के खिलाफ 23 रनों की जीत सुनिश्चित की। यह दर्शाता है कि धैर्य और मौके का सही इस्तेमाल कैसे किसी खिलाड़ी की किस्मत बदल सकता है।
निष्कर्ष
विराट कोहली का ड्रेसिंग रूम और पिच पर प्रभाव आज भी बरकरार है। एक पूर्व कप्तान के रूप में उनकी सलाह और उनका अनुभव आज भी युवा खिलाड़ियों के लिए वरदान साबित हो रहा है। वेंकटेश अय्यर जैसे खिलाड़ियों का कोहली के प्रति सम्मान यह साबित करता है कि कप्तानी केवल ट्रॉफी जीतने तक सीमित नहीं होती, बल्कि टीम के साथियों का भरोसा और उनका विकास भी एक कप्तान की असली सफलता है। आरसीबी के लिए अब नजरें प्लेऑफ के अगले मुकाबलों पर हैं, जहां टीम एक बार फिर कोहली के अनुभव और अय्यर जैसे उभरते सितारों के दम पर ऐतिहासिक जीत की तलाश में होगी।