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शाहिद अफरीदी और उजैर बलूच विवाद: एक पुरानी तस्वीर से बढ़ा बवाल

Nusrat Jahan · · 1 min read
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पाकिस्तानी क्रिकेट के मशहूर ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी एक बार फिर सुर्खियों में हैं और इस बार वजह मैदान पर उनके कारनामे नहीं, बल्कि एक पुरानी तस्वीर है। सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें अफरीदी कथित आतंकवादी और गैंगस्टर उजैर बलूच के साथ दिखाई दे रहे हैं। इस तस्वीर के सामने आने के बाद से ही पूर्व पाकिस्तानी कप्तान को फैंस और आम जनता की कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।

वायरल तस्वीर और उसके पीछे का विवाद

यह वायरल तस्वीर कथित तौर पर साल 2013 की है, जिसमें शाहिद अफरीदी कराची में उजैर बलूच के साथ एक डिनर पार्टी में बैठे हुए दिख रहे हैं। जैसे ही यह तस्वीर सोशल मीडिया पर फैली, कई लोगों ने अफरीदी के एक ऐसे व्यक्ति के साथ संबंध पर सवाल उठाना शुरू कर दिया, जिसे पाकिस्तान के सबसे खतरनाक अपराधियों में से एक माना जाता था। तस्वीर में दोनों को अनौपचारिक माहौल में बातचीत करते देखा जा सकता है, जिसने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि आखिर एक मशहूर क्रिकेटर और एक कुख्यात गैंगस्टर के बीच क्या संबंध हो सकता है।

कौन है उजैर बलूच?

उजैर बलूच का नाम कराची के ल्यारी गैंग नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। उस पर गिरोह हिंसा, जबरन वसूली, हत्याओं और ड्रग अपराधों सहित कई गंभीर आरोप थे। 2016 में उसकी गिरफ्तारी के बाद, वह पाकिस्तान के सबसे हाई-प्रोफाइल अंडरवर्ल्ड अपराधियों में से एक बन गया था। बलूच पर पाकिस्तान में आतंक का राज कायम करने और कई निर्दोष लोगों की जान लेने का आरोप है। ऐसे में अफरीदी का उसके साथ दिखना स्वाभाविक रूप से सार्वजनिक जांच का विषय बन गया।

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बॉलीवुड कनेक्शन और भारत विरोधी बयान

इस तस्वीर ने तब और अधिक सनसनी मचा दी, जब लोगों ने इसका संबंध ब्लॉकबस्टर बॉलीवुड फिल्म ‘धुरंधर’ से जोड़ा। इस फिल्म में एक गैंगस्टर किरदार था जिसका नाम भी उजैर बलूच था और वह भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल था। इस फिल्मी कनेक्शन के कारण, अफरीदी की यह तस्वीर ऐसे समय में सामने आई है जब वह पहले भी भारत विरोधी बयान दे चुके हैं, जिससे मामला और गरमा गया है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इस बात पर हैरानी जताई कि फिल्म ‘धुरंधर’ में इस क्रिकेटर को उजागर क्यों नहीं किया गया।

शाहिद अफरीदी का भारत-पाकिस्तान मुद्दों में कश्मीर का जिक्र करना कोई नई बात नहीं है। उन्होंने वर्षों से कई भारत विरोधी टिप्पणियां की हैं, जिसके लिए उन्हें भारी आलोचना का सामना करना पड़ा है। यहां तक कि पूर्व पाकिस्तानी कप्तान गौतम गंभीर के साथ सोशल मीडिया पर कई बार आमने-सामने की बहस में भी पड़ चुके हैं। 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान, अफरीदी ने खुले तौर पर पाकिस्तानी सेना का समर्थन किया और भारत के खिलाफ सोशल मीडिया पोस्ट साझा किए थे। इन पुराने बयानों को देखते हुए, उजैर बलूच के साथ उनकी तस्वीर ने भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स के बीच और अधिक आक्रोश पैदा कर दिया है।

सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया और अफरीदी की चुप्पी

तस्वीर वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अफरीदी पर जमकर निशाना साधा है। कई यूजर्स ने इसे “आतंकवादी सहानुभूति” करार दिया है और सवाल उठाया है कि क्या ऐसे लोगों के साथ क्रिकेट खेला जाना चाहिए। ट्विटर पर विभिन्न पोस्ट्स में अफरीदी को फिल्म ‘धुरंधर’ से जोड़ने और उनके कथित “आतंकवादी मानसिकता” पर सवाल उठाने वाली टिप्पणियाँ देखी गईं। कुछ यूजर्स ने तो यहाँ तक लिखा कि “यही वजह है कि शाहिद अफरीदी धुरंधर से नफरत करते हैं और फिल्म रिलीज के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें पाकिस्तान में किसी पर भरोसा नहीं है।”

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हालांकि, इन सभी आरोपों और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों के बावजूद, शाहिद अफरीदी ने अभी तक इस वायरल तस्वीर या उससे जुड़े दावों पर कोई बयान या स्पष्टीकरण नहीं दिया है। उनकी चुप्पी ने प्रशंसकों के बीच और अधिक अटकलों को जन्म दिया है। यह सवाल बना हुआ है कि क्या यह एक आकस्मिक मुलाकात थी या इसके पीछे कोई गहरा संबंध था।

तथ्य जांच और अस्पष्टता

‘द संडे गार्डियन’ द्वारा की गई एक तथ्य जांच के अनुसार, यह अभी तक आधिकारिक या व्यक्तिगत रूप से पुष्टि नहीं की गई है कि अफरीदी वास्तव में उजैर बलूच से मिले थे। वायरल तस्वीर पूरे संदर्भ को नहीं दिखाती है, और इंटरनेट पर प्रसारित हो रहे दावों का समर्थन करने के लिए अब तक कोई मजबूत सबूत सामने नहीं आया है। इसका मतलब है कि, भले ही तस्वीर वास्तविक हो, लेकिन उसके पीछे की कहानी और दोनों व्यक्तियों के बीच के संबंध की वास्तविक प्रकृति अभी भी स्पष्ट नहीं है।

पाकिस्तान में सम्मान और करियर की उपलब्धियाँ

एक तरफ जहां भारत और सोशल मीडिया के एक बड़े वर्ग में अफरीदी को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है, वहीं पाकिस्तान में वह एक सम्मानित व्यक्तित्व बने हुए हैं। हाल ही में, उन्हें पाकिस्तान के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘हिलाल-ए-इम्तियाज’ से सम्मानित किया गया है।

इसी महीने की शुरुआत में आयोजित एक समारोह में पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने अफरीदी को यह पुरस्कार प्रदान किया था। इस सम्मान के साथ, अफरीदी उन दिग्गज पाकिस्तानी क्रिकेटरों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने पहले भी प्रतिष्ठित ‘हिलाल-ए-इम्तियाज’ पुरस्कार प्राप्त किया था। इस सूची में इमरान खान, वसीम अकरम और वकार यूनिस जैसे महान खिलाड़ी शामिल हैं।

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अपने करियर की बात करें तो, अफरीदी पाकिस्तान के सबसे बड़े सफेद गेंद वाले सितारों में से एक रहे हैं। उन्होंने 500 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं और अपनी निडर बल्लेबाजी और आक्रामक शैली के लिए जाने जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके नाम 12000 से अधिक रन और 500 से अधिक विकेट दर्ज हैं, जो उन्हें खेल के इतिहास के सबसे सफल ऑलराउंडरों में से एक बनाते हैं।

फिलहाल, शाहिद अफरीदी के प्रशंसकों और आलोचकों के बीच यह विवाद जारी है। जब तक अफरीदी स्वयं इस मामले पर कोई स्पष्टीकरण नहीं देते, तब तक सोशल मीडिया पर अटकलें और बहसें थमने की संभावना कम ही है।

Nusrat Jahan

Nusrat Jahan is a senior cricket journalist for Prothom Alo English and a familiar face on T Sports, Bangladesh's leading sports broadcaster. A graduate of the University of Dhaka, she has been at the forefront of covering Bangladesh women's cricket, from their historic Asia Cup triumph to their growing presence in ICC global events. Her reporting goes beyond match scores to illuminate the systemic challenges facing female cricketers in South Asia, the rise of private investment in women’s sport, and the power of grassroots cricket in rural Bangladesh. Jahan is also a passionate advocate for gender-inclusive sports media and regularly conducts workshops for aspiring young female journalists. Her commentary style blends tactical insight with human-interest storytelling, making her a trusted voice for both traditional audiences and the new generation of cricket fans.