संजू सैमसन की धौनी जैसी स्टम्पिंग: हेनरिक क्लासेन का विकेट और मैच का टर्निंग पॉइंट
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संजू सैमसन की जादुई स्टम्पिंग: क्या यह मैच का निर्णायक मोड़ था?
क्रिकेट के खेल में विकेटकीपर की भूमिका अक्सर नजरअंदाज कर दी जाती है, लेकिन जब कोई विकेटकीपर एमएस धोनी जैसी फुर्ती दिखाता है, तो वह पूरे मैच को एक झटके में बदल सकता है। हाल ही में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच खेले गए मुकाबले में कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जब संजू सैमसन ने अपनी चपलता से हेनरिक क्लासेन को स्टम्प आउट किया।
क्लासेन की शानदार पारी का हुआ अंत
सनराइजर्स हैदराबाद के मध्यक्रम के बल्लेबाज हेनरिक क्लासेन उस समय बेहतरीन बल्लेबाजी कर रहे थे। उन्होंने अपनी टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और अर्धशतक की ओर बढ़ रहे थे। क्लासेन 26 गेंदों में 47 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए थे, जिसमें उन्होंने छह शानदार चौके और दो गगनचुंबी छक्के जड़े थे। हालांकि, उनकी यह पारी केवल तीन रन से अर्धशतक से चूक गई, जो अंततः उनकी टीम के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ।
मैच का टर्निंग पॉइंट: 15वां ओवर
यह घटना मैच के 15वें ओवर की तीसरी गेंद पर घटी। चेन्नई सुपर किंग्स के विदेशी स्पिनर नूर अहमद ने गेंदबाजी की कमान संभाली हुई थी। उन्होंने अपने कोण (angle) को बदला और विकेट के ऊपर से एक शानदार गुगली डाली। क्लासेन ने इस गेंद पर ‘इनसाइड-आउट’ शॉट खेलने का प्रयास किया, लेकिन वे गेंद की गति और स्पिन को ठीक से भांप नहीं पाए।
शॉट खेलने के प्रयास में क्लासेन का पिछला पैर क्रीज से बस कुछ मिलीमीटर बाहर निकल गया। बस, यही वह पल था जिसका संजू सैमसन को इंतजार था। उन्होंने बिना कोई समय बर्बाद किए, एक पलक झपकते ही गिल्लियां बिखेर दीं। यह स्टम्पिंग इतनी तेज थी कि अंपायर को भी निर्णय लेने में देरी नहीं लगी। उनकी यह तकनीक बिल्कुल वैसी ही थी जैसी पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी के खेल में देखने को मिलती है।
क्या थी क्लासेन की प्रतिक्रिया?
अपनी शानदार बल्लेबाजी के बाद इस तरह आउट होने से क्लासेन काफी निराश नजर आए। मैच के इस नाजुक मोड़ पर विकेट गंवाना सनराइजर्स हैदराबाद के लिए भारी पड़ा। उनकी नाराजगी स्वाभाविक थी, क्योंकि एक सेट बल्लेबाज का जाना किसी भी टीम के लिए रन गति को कम कर देता है। इस विकेट ने न केवल मैच की लय बदली, बल्कि चेन्नई सुपर किंग्स को खेल में वापस आने का सुनहरा मौका भी दिया।
निष्कर्ष
क्रिकेट में अक्सर ऐसे छोटे-छोटे पल बड़े परिणामों को जन्म देते हैं। संजू सैमसन की यह स्टम्पिंग इस बात का प्रमाण है कि विकेट के पीछे की तत्परता मैच का पासा कैसे पलट सकती है। जहां एक तरफ क्लासेन अपने अर्धशतक से चूक गए, वहीं दूसरी तरफ सैमसन ने एक बार फिर अपनी विकेटकीपिंग कौशल से सबका दिल जीत लिया। इस मुकाबले के बाद से ही फैंस सोशल मीडिया पर सैमसन की तुलना धोनी की अद्भुत कला से करने लगे हैं।
यह मुकाबला न केवल टीम के रणनीति पर निर्भर था, बल्कि व्यक्तिगत कौशल और दबाव झेलने की क्षमता का भी टेस्ट था। आने वाले मैचों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सनराइजर्स हैदराबाद इस हार से उबरकर वापसी कर पाती है या नहीं।