कामरान अकमल का पाकिस्तान क्रिकेट टीम पर फूटा गुस्सा, कहा – शर्म के अलावा कुछ नहीं बचा
Contents
- 1 बांग्लादेश के हाथों करारी शिकस्त के बाद कामरान अकमल का फूटा गुस्सा
- 2 सिलहट और मीरपुर टेस्ट में पाकिस्तान का निराशाजनक आत्मसमर्पण
- 3 “शर्म के अलावा अब हमारे पास कुछ नहीं बचा”
- 4 बोर्ड के रवैये और ‘पैराशूट’ चयन पर उठाए गंभीर सवाल
- 5 पीएसएल और राष्ट्रीय टीम की प्राथमिकताओं पर तीखा प्रहार
- 6 भारतीय टीम से तुलना: दोस्ती बनाम प्रदर्शन
- 7 भविष्य अंधकारमय: डब्ल्यूटीसी अंक तालिका में बड़ी गिरावट
बांग्लादेश के हाथों करारी शिकस्त के बाद कामरान अकमल का फूटा गुस्सा
पाकिस्तान क्रिकेट टीम को बांग्लादेश के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 0-2 से ऐतिहासिक क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा है। इस शर्मनाक प्रदर्शन के बाद पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज कामरान अकमल ने खिलाड़ियों के रवैये और पाकिस्तान क्रिकेट के पूरे ढांचे की कड़े शब्दों में आलोचना की है। अकमल का मानना है कि खिलाड़ियों की खराब मानसिकता और बोर्ड में बैठे गैर-क्रिकेटिंग लोगों के अहंकार के कारण लंबे समय तक पाकिस्तान क्रिकेट की स्थिति सुधरने वाली नहीं है।
सिलहट और मीरपुर टेस्ट में पाकिस्तान का निराशाजनक आत्मसमर्पण
बांग्लादेश के खिलाफ दो मैचों की इस टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान का प्रदर्शन बेहद साधारण रहा। सिलहट में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में पाकिस्तान को 78 रनों से शिकस्त झेलनी पड़ी, जिससे सीरीज में उनका सूपड़ा साफ हो गया। इससे पहले मीरपुर में खेले गए पहले टेस्ट मैच में भी पाकिस्तान को 104 रनों की करारी हार का सामना करना पड़ा था।
दूसरे टेस्ट के पहले दिन टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का पाकिस्तान का फैसला उस समय सही साबित होता दिखा, जब मोहम्मद अब्बास ने मैच की दूसरी ही गेंद पर महमूदुल हसन जॉय को शून्य पर आउट कर दिया। पाकिस्तान ने एक समय बांग्लादेश को 116 रन पर 6 विकेट के स्कोर पर समेट कर पूरी तरह से बैकफुट पर धकेल दिया था। लेकिन यहां से लिटन दास ने शानदार 126 रनों की जुझारू शतकीय पारी खेली और निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ मिलकर टीम को संकट से निकाला। बांग्लादेश के लिए इस पारी में दूसरा सर्वोच्च स्कोर महज 29 रन था।
इसके जवाब में बांग्लादेश के गेंदबाजों ने पाकिस्तानी बल्लेबाजों की बखिया उधेड़ दी। पाकिस्तान के केवल दो बल्लेबाज ही 25 रन का आंकड़ा पार करने में सफल रहे, जिनमें से एक मुख्य गेंदबाज साजिद खान थे। ताइजुल इस्लाम और नाहिद राणा ने तीन-तीन विकेट लेकर बांग्लादेश को पहली पारी के आधार पर महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी।
दूसरी पारी में बांग्लादेश का बल्लेबाजी प्रदर्शन और भी बेहतर रहा। जॉय और लिटन दास दोनों ने शानदार अर्धशतक लगाए। इसके अलावा, अनुभवी बल्लेबाज मुशफिकुर रहीम ने अपने टेस्ट करियर का ऐतिहासिक 14वां शतक जड़ते हुए पाकिस्तान के सामने 437 रनों का बेहद कठिन लक्ष्य रखा।
पाकिस्तान के लिए युवा गेंदबाज खुर्रम शहजाद ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और दोनों पारियों में 4-4 विकेट चटकाए। हालांकि, 437 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की टीम कभी भी मुकाबले में नहीं दिखी। मोहम्मद रिजवान ने 94 रनों की संघर्षपूर्ण पारी खेली, जबकि कप्तान शान मसूद और सलमान अली आगा ने भी 71-71 रनों का योगदान दिया, लेकिन ताइजुल इस्लाम के घातक छह विकेटों के स्पेल ने पाकिस्तान की पारी का अंत कर दिया।
“शर्म के अलावा अब हमारे पास कुछ नहीं बचा”
इस करारी हार के बाद कामरान अकमल ने अपने यूट्यूब चैनल ‘गेम प्लान’ पर बातचीत करते हुए पाकिस्तान टीम पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने सबसे पहले बांग्लादेशी टीम को विपरीत परिस्थितियों में भी बेहतरीन खेल दिखाने के लिए बधाई दी।
अकमल ने कहा, “बांग्लादेश और उनके पूरे देश को बहुत-बहुत बधाई। उन्होंने वाकई शानदार क्रिकेट खेला है। उनके देश में जो कुछ भी चल रहा था – विरोध प्रदर्शन, सरकारी अस्थिरता – उन सबके बावजूद वे कभी भी अपनी बुनियादी क्रिकेट रणनीतियों से पीछे नहीं हटे। यह उनकी बहुत बड़ी उपलब्धि है।”
वहीं अपने देश के खिलाड़ियों के बारे में बात करते हुए अकमल ने बेहद सख्त लहजे में कहा, “हमारे पास अब शर्म करने के अलावा कुछ नहीं बचा है। हम पिछले छह-सात सालों से लगातार एक ही बात कह रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ भी नहीं बदला है।”
बोर्ड के रवैये और ‘पैराशूट’ चयन पर उठाए गंभीर सवाल
कामरान अकमल ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के शीर्ष अधिकारियों पर भी सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब गैर-क्रिकेटिंग लोग क्रिकेट के फैसलों में अपना अहंकार शामिल करते हैं, तो खेल का विकास रुक जाता है।
उन्होंने कहा, “जब बोर्ड में गैर-क्रिकेटर्स का अहंकार शामिल हो जाता है, तो क्रिकेट कभी नहीं सुधर सकता। जब आप ‘पैराशूट’ के जरिए लोगों का चयन करते हैं, तो आपके लिए योग्यता (merit) और कौशल (skill) का कोई महत्व नहीं रह जाता। जहां असली गलती है, वहां न तो कोई जवाबदेही है और न ही प्रदर्शन का कोई पैमाना तय किया गया है।”
पीएसएल और राष्ट्रीय टीम की प्राथमिकताओं पर तीखा प्रहार
अकमल ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों की प्राथमिकताओं पर भी उंगली उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि खिलाड़ी पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के लिए हमेशा फिट रहते हैं, लेकिन जब देश के लिए खेलने या घरेलू क्रिकेट की बात आती है, तो उनकी फिटनेस गायब हो जाती है।
उन्होंने कहा, “पीएसएल के दौरान कभी भी कोई खिलाड़ी अनफिट नहीं होता। लेकिन जैसे ही घरेलू क्रिकेट शुरू होता है, खिलाड़ियों के फिटनेस लेटर आने शुरू हो जाते हैं। पीएसएल के दौरान ऐसा एक भी पत्र नहीं आता। जब खिलाड़ियों की मानसिकता ऐसी होगी, तो पाकिस्तान क्रिकेट आगे कैसे बढ़ेगा?”
इसके साथ ही उन्होंने बोर्ड के कड़े फिटनेस मानकों को भी अव्यावहारिक बताया। उन्होंने कहा, “एक खिलाड़ी जो घरेलू क्रिकेट में 100, 200 रन बना रहा है, दिन के 18 ओवर गेंदबाजी कर रहा है, आप सिर्फ इसलिए उसका करियर खत्म कर देते हैं क्योंकि वह एक लंबी कूद नहीं लगा पाया। यदि वह दो किलोमीटर की दौड़ में आधा मिनट लेट हो जाता है, तो आप उसे अनफिट घोषित कर देते हैं। क्रिकेट के फैसले लेने वालों को पहले खुद के अंदर झांकना चाहिए।”
भारतीय टीम से तुलना: दोस्ती बनाम प्रदर्शन
कामरान अकमल ने इस दौरान भारतीय क्रिकेट टीम का उदाहरण देते हुए पाकिस्तान में जारी ‘यारी-दोस्ती’ के कल्चर पर निशाना साधा। उन्होंने बताया कि कैसे भारत ने समय आने पर अपने बड़े खिलाड़ियों को बाहर करने का कड़ा फैसला लिया।
अकमल ने कहा, “चेतेश्वर पुजारा को ड्रॉप किया गया, अजिंक्य रहाणे को बाहर किया गया, शिखर धवन को बाहर का रास्ता दिखाया गया – जबकि वे कितने बड़े मैच विनर थे। वहां हमेशा क्रिकेट और देश की टीम को सबसे ऊपर रखा जाता है। लेकिन हमारे यहां मैदान पर आज भी केवल दोस्तियां निभाई जा रही हैं।”
भविष्य अंधकारमय: डब्ल्यूटीसी अंक तालिका में बड़ी गिरावट
जब कामरान अकमल से पाकिस्तान क्रिकेट के भविष्य और सुधार के रास्ते के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बेहद निराशाजनक प्रतिक्रिया दी। उनका मानना है कि आने वाले कुछ वर्षों में स्थिति सुधरने की कोई उम्मीद नहीं है।
उन्होंने कहा, “अगर व्यावहारिक तौर पर कहूं, तो मुझे अगले चार-पांच सालों में कोई सुधार होता नहीं दिख रहा है। चीजें वैसी ही चलती रहेंगी जैसी अब तक चल रही हैं। यदि आप सच में सुधार चाहते हैं, तो आपको कड़े और बड़े फैसले लेने होंगे। अन्यथा, कुछ नहीं बदलने वाला।”
इस 0-2 की हार के बाद पाकिस्तान आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की अंक तालिका में खिसक कर आठवें स्थान पर पहुंच गया है, जिससे उनके फाइनल में पहुंचने के सपने को करारा झटका लगा है। वहीं बांग्लादेश इस ऐतिहासिक जीत के साथ पांचवें पायदान पर आ गया है। पाकिस्तान की यह लगातार सातवीं विदेशी टेस्ट हार है और जुलाई 2023 के बाद से वे घर से बाहर एक भी टेस्ट मैच जीतने में नाकाम रहे हैं। पाकिस्तान को अपनी अगली दो टेस्ट सीरीज विदेशी सरजमीं पर ही खेलनी हैं, जिसमें जुलाई में वेस्टइंडीज के खिलाफ दो मैच और अगस्त में इंग्लैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज शामिल है।