आईपीएल में कंकशन सब्स्टीट्यूट की पूरी लिस्ट: जानिए कब और क्यों बदले गए खिलाड़ी
आईपीएल में खिलाड़ियों की सुरक्षा और कंकशन सब्स्टीट्यूट (Concussion Substitute) नियम
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) दुनिया की सबसे रोमांचक और प्रतिस्पर्धी टी20 लीगों में से एक है। खेल के रोमांच को बढ़ाने और इसे अधिक सुरक्षित बनाने के लिए आईपीएल प्रशासन समय-समय पर नए नियमों को लागू करता रहता है। चाहे वह ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ का नियम हो या ‘टाइम-आउट’ से जुड़े कड़े दिशा-निर्देश, इन सभी का उद्देश्य खेल को अधिक गतिशील बनाना है। इसी कड़ी में खिलाड़ियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए ‘कंकशन सब्स्टीट्यूट नियम’ (Concussion Substitute Rule) की शुरुआत की गई थी।
क्रिकेट जैसे तेज गति वाले खेल में, जहां 140-150 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंदें फेंकी जाती हैं, खिलाड़ियों के सिर या गर्दन पर चोट लगने का खतरा हमेशा बना रहता है। इस गंभीर समस्या से निपटने और खिलाड़ियों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए आईपीएल में कंकशन सब्स्टीट्यूट का नियम बेहद मददगार साबित हुआ है। आईपीएल 2026 सीजन में ही अब तक दो कंकशन रिप्लेसमेंट देखने को मिल चुके हैं। आइए जानते हैं कि यह नियम वास्तव में क्या है और आईपीएल इतिहास में अब तक कब और किन परिस्थितियों में कंकशन सब्स्टीट्यूट का उपयोग किया गया है।
क्या है आईपीएल का कंकशन सब्स्टीट्यूट नियम?
कंकशन सब्स्टीट्यूट नियम को मुख्य रूप से मैदान पर खिलाड़ियों को सिर या गर्दन में लगने वाली गंभीर चोटों (Concussion) के बाद सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया है। आईपीएल के आधिकारिक खेल नियमों (IPL Playing Conditions) के अनुसार, यदि कोई खिलाड़ी मैच के दौरान चोटिल हो जाता है और मेडिकल टीम को उसके कंकशन (मस्तिष्क आघात) से पीड़ित होने का संदेह होता है या इसकी पुष्टि होती है, तो टीम उस खिलाड़ी को मैच से बाहर कर उसका विकल्प मैदान पर उतार सकती है।
हालांकि, इस नियम के तहत कुछ बेहद महत्वपूर्ण शर्तें लागू होती हैं:
- मैच रेफरी की मंजूरी: टीम सीधे तौर पर किसी भी खिलाड़ी को नहीं बदल सकती। इसके लिए टीम के डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ की रिपोर्ट के आधार पर मैच रेफरी की अंतिम मंजूरी आवश्यक होती है।
- लाइक-फॉर-लाइक रिप्लेसमेंट (Like-for-Like): घायल खिलाड़ी की जगह मैदान पर आने वाला नया खिलाड़ी ‘लाइक-फॉर-लाइक’ होना चाहिए। इसका मतलब है कि अगर कोई शुद्ध बल्लेबाज चोटिल हुआ है, तो उसकी जगह केवल बल्लेबाज ही आ सकता है। इसी तरह, विकेटकीपर के स्थान पर विकेटकीपर और मुख्य गेंदबाज के स्थान पर मुख्य गेंदबाज को ही शामिल किया जा सकता है।
आईपीएल इतिहास में अब तक के सभी कंकशन सब्स्टीट्यूट्स की पूरी सूची (IPL Concussion Substitutes Full List)
आईपीएल के इतिहास में अब तक कुल पांच बार कंकशन सब्स्टीट्यूट नियम का उपयोग किया जा चुका है। नीचे दिए गए विवरण में जानिए कि ये घटनाएं कब और किन खिलाड़ियों के साथ हुईं:
1. विष्णु विनोद (ईशान किशन के स्थान पर) – आईपीएल 2023
आईपीएल इतिहास में पहला कंकशन सब्स्टीट्यूट वर्ष 2023 के क्वालीफायर 2 मुकाबले में देखने को मिला था। यह मैच मुंबई इंडियंस और गुजरात टाइटंस के बीच खेला जा रहा था। फील्डिंग के दौरान मुंबई इंडियंस के विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन की भिड़ंत दुर्घटनावश अपने ही साथी खिलाड़ी क्रिस जॉर्डन से हो गई। जॉर्डन की कोहनी ईशान किशन की बाईं आंख के पास जोर से लगी।
चिकित्सकीय जांच के बाद ईशान को कंकशन प्रोटोकॉल के कारण मैच से बाहर होना पड़ा। मुंबई इंडियंस ने नियमों के तहत मैच रेफरी से अनुमति ली और विकेटकीपर-बल्लेबाज विष्णु विनोद को उनके ‘लाइक-फॉर-लाइक’ विकल्प के रूप में मैदान पर उतारा। यह आईपीएल इतिहास की पहली कंकशन रिप्लेसमेंट घटना के रूप में दर्ज हुई।
2. युद्धवीर सिंह चरक (मोहसिन खान के स्थान पर) – आईपीएल 2024
आईपीएल इतिहास का दूसरा कंकशन रिप्लेसमेंट साल 2024 में लखनऊ के एकाना स्टेडियम में लखनऊ सुपर जायंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मैच के दौरान हुआ। लखनऊ के तेज गेंदबाज मोहसिन खान शॉर्ट थर्ड मैन पर फील्डिंग कर रहे थे। एक शॉट को रोकने के लिए उन्होंने हवा में डाइव लगाई, लेकिन लैंडिंग के वक्त उनका संतुलन बिगड़ गया और उनका सिर जमीन से जोर से टकरा गया।
गंभीर चोट लगने के तुरंत बाद मोहसिन दर्द से कराहते हुए मैदान से बाहर चले गए। मेडिकल जांच में कंकशन के लक्षण मिलने के बाद उन्हें आगे खेलने की अनुमति नहीं दी गई। उनकी जगह लखनऊ सुपर जायंट्स ने तेज गेंदबाज युद्धवीर सिंह चरक को टीम में शामिल किया, जिन्होंने कंकशन सब्स्टीट्यूट के रूप में गेंदबाजी की भूमिका निभाई।
3. अश्वनी कुमार (कॉर्बिन बॉश के स्थान पर) – आईपीएल 2025
आईपीएल 2025 में मुंबई इंडियंस और गुजरात टाइटंस के बीच वानखेड़े स्टेडियम में हुए मैच में तीसरा कंकशन सब्स्टीट्यूट देखा गया। मुंबई इंडियंस के ऑलराउंडर कॉर्बिन बॉश पारी के अंतिम ओवर में बल्लेबाजी कर रहे थे। तभी गुजरात के तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा की एक तेजतर्रार बाउंसर सीधे उनके हेलमेट पर जा लगी।
हालांकि बॉश ने उस समय अपनी संक्षिप्त पारी पूरी कर ली, लेकिन जब वह ड्रेसिंग रूम में वापस लौटे और मेडिकल टीम ने उनका आकलन किया, तो उनमें कंकशन के स्पष्ट लक्षण पाए गए। सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए मुंबई इंडियंस ने बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अश्वनी कुमार को कॉर्बिन बॉश के कंकशन सब्स्टीट्यूट के रूप में टीम में शामिल करने का फैसला किया।
4. शार्दुल ठाकुर (मिचेल सेंटनर के स्थान पर) – आईपीएल 2026
आईपीएल 2026 के रोमांचक सीजन में कंकशन सब्स्टीट्यूट का पहला मामला मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेले गए हाई-प्रोफाइल मैच में आया। चेन्नई के खिलाड़ी मिचेल सेंटनर बाउंड्री लाइन के पास एक मुश्किल डाइविंग कैच लेने के प्रयास में बुरी तरह गिर गए।
शुरुआत में ऐसा लगा कि उनके कंधे में चोट आई है, लेकिन बाद में मुंबई इंडियंस के मेडिकल बुलेटिन में यह साफ किया गया कि गिरने के दौरान सेंटनर का सिर और गर्दन भी जमीन से जोर से टकराए थे। कंकशन प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मैच रेफरी की मंजूरी से ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर को सेंटनर के रिप्लेसमेंट के रूप में मैदान पर उतारा गया।
5. तेजस्वी दहिया (अंगकृष रघुवंशी के स्थान पर) – आईपीएल 2026
आईपीएल 2026 का दूसरा और अब तक का सबसे हालिया कंकशन रिप्लेसमेंट मैच नंबर 65 में कोलकाता नाइट राइडर्स और मुंबई इंडियंस के बीच मुकाबले के दौरान हुआ। केकेआर के युवा बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी मुंबई की पारी के दौरान फील्डिंग कर रहे थे। तभी गेंद को रोकने के प्रयास में उनकी टक्कर साथी स्पिनर वरुण चक्रवर्ती से हो गई।
इस टक्कर के बाद रघुवंशी काफी असहज दिखे और उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा। मेडिकल टीम द्वारा जांच किए जाने के बाद यह निर्णय लिया गया कि वह मैच जारी नहीं रख पाएंगे। उनकी जगह कोलकाता नाइट राइडर्स ने तेजस्वी दहिया को कंकशन सब्स्टीट्यूट के रूप में टीम में शामिल किया।
निष्कर्ष: खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए एक वरदान
आईपीएल में कंकशन सब्स्टीट्यूट नियम का लगातार इस्तेमाल यह दर्शाता है कि आधुनिक क्रिकेट में खिलाड़ियों की सुरक्षा को कितनी गंभीरता से लिया जा रहा है। सिर और गर्दन की चोटें अक्सर दीर्घकालिक नुकसान पहुंचा सकती हैं, और ऐसे में किसी भी खिलाड़ी को जबरन मैदान पर टिके रहने के बजाय सुरक्षित विकल्प प्रदान करना खेल की भावना के अनुकूल है। उम्मीद है कि भविष्य में भी यह नियम खिलाड़ियों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।