फहीम अशरफ का दोहरा चेहरा: सुरेश रैना को आदर्श मानने वाले खिलाड़ी ने भारत पर की थी विवादित टिप्पणी
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फहीम अशरफ का दोहरा चेहरा: सुरेश रैना को आदर्श मानने वाले खिलाड़ी का विवादित अतीत
क्रिकेट की दुनिया में अक्सर खिलाड़ी एक-दूसरे की प्रशंसा करते हैं, लेकिन जब ऐसा बयान किसी ऐसे खिलाड़ी की ओर से आता है जिसका अतीत विवादों से भरा रहा हो, तो उस पर सवाल उठना स्वाभाविक है। हाल ही में पाकिस्तानी ऑलराउंडर फहीम अशरफ ने एक साक्षात्कार के दौरान भारतीय क्रिकेट के दिग्गज और चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व खिलाड़ी सुरेश रैना को अपना ‘आइडल’ बताया। हालांकि, उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है।

क्या है पूरा मामला?
हसन आज़म के यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए फहीम अशरफ ने अपने शुरुआती दिनों के प्रेरणा स्रोतों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “क्रिस गेल, सईद अनवर और सुरेश रैना मेरे बल्लेबाजी के आदर्श रहे हैं। हम भारतीय खिलाड़ियों की प्रशंसा करने में कोई हिचक नहीं दिखाते, जबकि भारतीय खेमा हमारा नाम लेने से भी कतराता है। उन्हें हमारी तारीफ करने पर मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन हमें ऐसा कोई डर नहीं है।”
अशरफ ने आगे कहा कि उन्होंने मोहम्मद आसिफ, उमर गुल और मोहम्मद आमिर जैसे गेंदबाजों को देखकर गेंदबाजी सीखी है। उनकी ये बातें सुनने में तो खिलाड़ी के प्रति सम्मान दर्शाती हैं, लेकिन क्रिकेट प्रेमियों ने उनके इस बयान को ‘दोहरा मापदंड’ करार दिया है।
भारत विरोधी पोस्ट से रहा है पुराना नाता
फहीम अशरफ का यह बयान इसलिए भी आलोचनाओं के घेरे में है क्योंकि उन्होंने अतीत में भारत के प्रति बेहद अपमानजनक रवैया अपनाया है। विशेष रूप से, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अशरफ ने इंस्टाग्राम पर ऐसे पोस्ट साझा किए थे, जो भारत की संप्रभुता और देश की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले थे। उन्होंने पाकिस्तानी सेना द्वारा मिसाइल लॉन्च करने वाली कलाकृतियों को शेयर करके भारत का मजाक उड़ाया था।
सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए याद दिलाया कि कैसे एक तरफ वह भारतीय खिलाड़ियों की प्रशंसा करते हैं, तो दूसरी तरफ वही व्यक्ति एआई (AI) जनित तस्वीरों का उपयोग करके भारत के खिलाफ नफरत फैलाने की कोशिश करता रहा है। उपयोगकर्ताओं का मानना है कि यह बयान केवल सुर्खियों में बने रहने का एक तरीका है।
खेल के मैदान पर गिरता प्रदर्शन और भविष्य
केवल विवाद ही नहीं, बल्कि फहीम अशरफ का क्रिकेट करियर भी इन दिनों उतार पर है। पीएसएल 2026 में उनका प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा था, और इसके बाद टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी पाकिस्तान के सुपर 8 से बाहर होने के बाद उनकी काफी आलोचना हुई।
रिपोर्ट्स के अनुसार, खराब फॉर्म के चलते फहीम अशरफ का नाम पीसीबी (PCB) के आगामी केंद्रीय अनुबंधों (Central Contracts) से हटाया जा सकता है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड अब युवा खिलाड़ियों जैसे अज़ान अवैस और अब्दुल्ला फज़ल पर भरोसा जताने की तैयारी में है, जिन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया था।
पुनरागमन की कोशिश
अपने करियर को बचाने की जद्दोजहद में फहीम अशरफ अब इंग्लैंड की काउंटी चैंपियनशिप में यॉर्कशायर के साथ जुड़ गए हैं। वे टेस्ट प्रारूप में खुद को दोबारा साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, प्रशंसकों के बीच उनकी छवि को सुधारना उनके प्रदर्शन से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण काम होगा।
क्रिकेट के खेल में अक्सर कहा जाता है कि खिलाड़ी का प्रदर्शन ही उसकी पहचान होता है, लेकिन फहीम अशरफ के मामले में, उनके विवादास्पद अतीत और बयानों ने एक ऐसी बहस को जन्म दे दिया है जिसे मिटाना आसान नहीं होगा। चाहे वह सुरेश रैना के प्रति उनका सम्मान हो या भारत के खिलाफ उनके द्वारा किए गए हमले, यह स्पष्ट है कि खेल और राजनीति के इस मिश्रण में फहीम अशरफ खुद को विवादों के केंद्र में पाते हैं।