Cummins keen to play entirety of Australia’s ‘unprecedented’ run
क्रिकेट के व्यस्ततम दौर में पैट कमिंस की बड़ी चुनौती
पैट कमिंस ने उम्मीद जताई है कि वे ऑस्ट्रेलिया के रिकॉर्ड-तोड़ 12 महीने के व्यस्त क्रिकेट शेड्यूल में हर मैच का हिस्सा बन पाएंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया है कि तीनों मुख्य तेज गेंदबाजों (बिग-थ्री) का इतने मैचों में लगातार खेलना किसी चमत्कार से कम नहीं होगा।
शारीरिक फिटनेस और तैयारी
आईपीएल से वापसी के बाद कमिंस अपनी शारीरिक स्थिति को लेकर काफी सकारात्मक हैं। चार महीने पहले हुई पीठ की चोट के बाद उन्होंने प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की है। उन्होंने एक मीडिया इवेंट में कहा, ‘मेरा शरीर बहुत अच्छा महसूस कर रहा है। स्कैन की रिपोर्ट भी बिल्कुल ठीक है। अब अगला कदम टेस्ट मैच की परिस्थितियों के लिए खुद को तैयार करना है, जहाँ मुझे दिन में 20 ओवर गेंदबाजी करने के बाद अगले दिन फिर से मैदान पर उतरना होगा।’
‘अभूतपूर्व’ शेड्यूल का सामना
अगले 12 महीनों में ऑस्ट्रेलियाई टीम को 21 टेस्ट मैच खेलने हैं। यह सफर अगस्त में बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू सीरीज के साथ शुरू होगा। इसके बाद टीम को दक्षिण अफ्रीका का दौरा करना है, भारत में एक ऐतिहासिक सीरीज खेलनी है और इंग्लैंड में एशेज के लिए कड़ी चुनौती का सामना करना है। इसके अलावा, न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज और 150वीं वर्षगांठ का टेस्ट मैच भी शामिल है।
कमिंस का कहना है कि यह एक ‘अभूतपूर्व’ स्थिति है। वे कहते हैं, ‘यह बहुत आश्चर्यजनक होगा अगर हम तीनों गेंदबाज (मिचेल स्टार्क, जोश हेजलवुड और खुद) सभी 21 टेस्ट मैचों में खेल पाएं। इसमें निश्चित रूप से रोटेशन और बदलाव की आवश्यकता होगी।’
टेस्ट मैचों को प्राथमिकता
अपनी इस महत्वाकांक्षी योजना को सफल बनाने के लिए कमिंस ने स्पष्ट किया है कि उन्हें सीमित ओवरों के क्रिकेट में कटौती करनी होगी। उनका मुख्य ध्यान पूरी तरह से टेस्ट मैचों पर है। उन्होंने संकेत दिए कि इस बार बिग बैश लीग (BBL) में उनकी भागीदारी कम होने की संभावना है। टेस्ट मैचों के बाद की थकान और रिकवरी ही यह तय करेगी कि वे सफेद गेंद के क्रिकेट में कितना खेलेंगे।
जोश हेजलवुड की वापसी
कमिंस ने जोश हेजलवुड की फिटनेस पर भी बात की। चोटों के कारण पिछली एशेज सीरीज से बाहर रहने वाले हेजलवुड ने आईपीएल में शानदार प्रदर्शन कर वापसी की है। कमिंस ने कहा, ‘जोश जैसे गेंदबाज के लिए सबसे कठिन काम चोट से उबरने के बाद दोबारा लय हासिल करना है। उन्हें देखकर खुशी हुई कि वे अब फिर से नियमित क्रिकेट खेल रहे हैं।’
टीम का भविष्य
पिछले एशेज सीजन के दौरान जब कमिंस और हेजलवुड चोटिल थे, तब स्कॉट बोलैंड, माइकल नेसर, झाय रिचर्डसन और ब्रेंडन डॉगेट जैसे गेंदबाजों ने जिम्मेदारी संभाली थी। कमिंस का मानना है कि इस व्यस्त साल में टीम की गहराई बहुत मायने रखेगी। वे मानते हैं कि टीम के पास ऐसे खिलाड़ी मौजूद हैं जो मुख्य खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में अंतर पैदा कर सकते हैं।
अंत में, ऑस्ट्रेलियाई कप्तान का संकल्प स्पष्ट है—वे यथासंभव हर टेस्ट मैच में टीम का नेतृत्व करना चाहते हैं, बशर्ते उनका शरीर इस कठिन सफर का साथ दे। यह आने वाला साल न केवल टीम के लिए, बल्कि विशेष रूप से तेज गेंदबाजों के लिए एक बड़ी परीक्षा साबित होगा।