Tamim: Building a world-class High Performance Centre ‘my biggest dream’ – बीसीबी अध्यक्ष का बड़ा ऐलान
विश्व स्तरीय हाई परफॉर्मेंस सेंटर का सपना
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के नवनिर्वाचित अध्यक्ष और पूर्व राष्ट्रीय कप्तान तमीम इकबाल ने बोर्ड की कमान संभालते ही देश में क्रिकेट की तस्वीर बदलने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है। उनके एजेंडे में सबसे ऊपर बांग्लादेश में एक अत्याधुनिक और विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे का निर्माण करना है। तमीम इकबाल ने खुलकर बात करते हुए साझा किया कि “Tamim: Building a world-class High Performance Centre ‘my biggest dream'” उनका सबसे बड़ा सपना है। ढाका के पूर्वी उपनगर पूर्वांचल में इस विशाल परियोजना को साकार करने के लिए उन्होंने पहले ही योजना बनानी शुरू कर दी है, जब उन्हें पिछले साल अप्रैल में सरकार द्वारा एड-हॉक समिति का प्रमुख नियुक्त किया गया था।
तमीम इकबाल का मानना है कि बांग्लादेशी क्रिकेटरों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए एक ऐसी जगह की आवश्यकता है जहां वे अपनी प्रतिभा को निखार सकें। उन्होंने इस परियोजना पर विस्तार से बात करते हुए कहा, “हाई परफॉर्मेंस सेंटर शायद मेरा सबसे बड़ा सपना है। मुझे पूरी उम्मीद है कि मैं इस सपने को पूरा कर सकूंगा। इसके लिए हमें सरकार से बड़े सहयोग की आवश्यकता होगी। शुरुआत में, बीसीबी खुद इस सेंटर को फंड कर सकता है।”
पूर्वांचल परियोजना और सरकारी सहयोग
इस परियोजना को अमलीजामा पहनाना आसान नहीं है, लेकिन तमीम ने पहले ही कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि जो कंपनी मौजूदा सेंटर के डिजाइन से जुड़ी थी, उससे नए सिरे से रीडिजाइन तैयार करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि हम पूर्वांचल में इस सेंटर को शुरू कर सकें। जैसा कि आप समझ सकते हैं, इस तरह की बड़े पैमाने की परियोजना के लिए भारी मात्रा में धन की आवश्यकता होती है। हम निश्चित रूप से इस संबंध में सरकार का सहयोग मांगेंगे।”
इस दिशा में प्रगति के बारे में बताते हुए तमीम ने साझा किया कि उन्होंने देश के वित्त मंत्री से मुलाकात की है। वित्त मंत्री का रुख इस परियोजना को लेकर बेहद सकारात्मक रहा है, जिससे बोर्ड का उत्साह बढ़ा है। अब बीसीबी को सरकार के पास औपचारिक रूप से आवेदन भेजना है ताकि आवश्यक वित्तीय सहायता और मंजूरी मिल सके।
मौजूदा बुनियादी ढांचे की सीमाएं
वर्तमान में, बीसीबी का हाई परफॉर्मेंस सेंटर शेर-ए-बांग्ला राष्ट्रीय स्टेडियम के परिसर में स्थित है। हालांकि, यह सुविधा बेहद सीमित है और आधुनिक क्रिकेट की जरूरतों को पूरी तरह से पूरा करने में सक्षम नहीं है। एक राष्ट्रीय स्टेडियम के भीतर सीमित जगह होने के कारण खिलाड़ियों को वे आधुनिक सुविधाएं और तकनीक नहीं मिल पाती हैं जो दुनिया के अन्य शीर्ष देशों में उपलब्ध हैं।
तमीम का मानना है कि पूर्वांचल में बनने वाला नया केंद्र पूरी तरह से स्वतंत्र होगा और वहां खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, फिटनेस, पुनर्वास (रिहैबिलिटेशन) और मानसिक मजबूती के लिए विश्व स्तरीय सुविधाएं मौजूद होंगी। यह आधुनिक केंद्र भविष्य के सितारों को तैयार करने में एक मील का पत्थर साबित होगा।
बांग्लादेश क्रिकेट की प्रतिष्ठा को बहाल करना
पिछले कुछ महीनों में बांग्लादेश क्रिकेट को मैदान के अंदर और बाहर कई चुनौतियों और विवादों का सामना करना पड़ा है। टी20 विश्व कप से बांग्लादेश की अनुपस्थिति और मीडिया बॉयकाट जैसे मुद्दों ने बोर्ड और टीम की छवि को काफी नुकसान पहुंचाया है। तमीम इकबाल इस बात से भली-भांति वाकिफ हैं और उनका प्राथमिक लक्ष्य इस डैमेज्ड प्रतिष्ठा को वापस पाना है।
खिलाड़ियों के सम्मान पर जोर देते हुए तमीम ने कहा, “खिलाड़ियों का जितना हो सके उतना सम्मान किया जाना चाहिए – न केवल वर्तमान क्रिकेटरों का, बल्कि पूर्व क्रिकेटरों का भी। बांग्लादेश क्रिकेट के हर हितधारक को उचित सम्मान मिलेगा। शायद पिछले डेढ़ साल में बीसीबी में इसकी कमी थी। हमें एक साथ आना होगा और बांग्लादेश क्रिकेट की इस खराब हुई प्रतिष्ठा को ठीक करना होगा।”
उनका मानना है कि जब तक खिलाड़ियों और पूर्व दिग्गजों को उचित सम्मान और सुरक्षा की भावना नहीं मिलेगी, तब तक मैदान पर बेहतर नतीजों की उम्मीद करना बेमानी होगा। बोर्ड का नया प्रशासन अब हर स्तर पर सम्मान और सहयोग की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रशासनिक मामलों में पारदर्शिता और ईमानदारी
बीसीबी के कामकाज को लेकर पिछले कई वर्षों से आलोचनाएं होती रही हैं, विशेष रूप से पारदर्शिता और निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर। तमीम इकबाल ने इन चिंताओं को दूर करने और बोर्ड के भीतर अधिकतम पारदर्शिता सुनिश्चित करने का वादा किया है।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “मैं अधिकतम पारदर्शिता सुनिश्चित करना चाहता हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि बोर्ड में हम सभी कोई भी ऐसा काम नहीं करेंगे जो विवादास्पद हो। हम पूरी ईमानदारी के साथ काम करना चाहते हैं। मुझे यकीन है कि हमसे गलतियां होंगी, लेकिन मैं यह देखना चाहता हूं कि हम उन गलतियों को कितनी जल्दी सुधारते हैं।”
यह दृष्टिकोण दिखाता है कि नया नेतृत्व आलोचनाओं से भागने के बजाय अपनी गलतियों को स्वीकार करने और उन्हें सुधारने के लिए तैयार है, जो कि एक परिपक्व और जवाबदेह संगठन की पहचान है।
एक बड़ी जिम्मेदारी का अहसास
तमीम इकबाल ने स्पष्ट किया कि पूर्णकालिक बीसीबी अध्यक्ष बनने के बाद वे किसी घमंड या अहंकार में नहीं हैं, बल्कि वे इसे एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी के रूप में देखते हैं। उन्होंने कहा, “मेरे अंदर ऐसा कोई अतिरिक्त अहसास नहीं है कि मैं कुछ बहुत बड़ा बन गया हूं। यह एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। मैंने पिछले कुछ वर्षों में क्रिकेट बोर्ड के बारे में बहुत सारी बातें की हैं, इसलिए अब मुझे लगता है कि यह वह समय है जब मुझे खुद को सबके सामने साबित करना होगा।”
एक खिलाड़ी और कप्तान के रूप में क्रिकेट के मैदान पर अपनी सेवाएं देने के बाद, अब तमीम के पास प्रशासनिक स्तर पर बदलाव लाने का एक बड़ा अवसर है। उनकी योजनाएं और विजन यह दर्शाते हैं कि वे केवल पद पर बने रहने के लिए नहीं, बल्कि बांग्लादेशी क्रिकेट के भविष्य को सुरक्षित और समृद्ध बनाने के लिए आए हैं।