Bracey, van Buuren dig into frustrate Northants: काउंटी चैंपियनशिप में ग्लॉस्टरशायर की शानदार वापसी
चैंपियनशिप मैच का दूसरा दिन: ग्लॉस्टरशायर का जुझारू पलटवार
रोथसे काउंटी चैंपियनशिप (Rothesay County Championship) में सिंच काउंटी ग्राउंड, वांटेज रोड पर चल रहे मुकाबले के दूसरे दिन बेहद उतार-चढ़ाव भरा खेल देखने को मिला। जब ग्लॉस्टरशायर का शीर्ष क्रम ताश के पत्तों की तरह बिखर गया था, तब ग्रीम वैन ब्यूरेन (Graeme van Buuren) और जेम्स ब्रेसी (James Bracey) ने एक ऐतिहासिक साझेदारी कर अपनी टीम को मैच में वापस ला खड़ा किया। इस मैच में स्थिति ऐसी थी कि Bracey, van Buuren dig into frustrate Northants का नारा चारों तरफ गूंज उठा, क्योंकि इन दोनों ने नॉर्थम्प्टनशायर के गेंदबाजों को विकेट के लिए तरसा दिया।
नॉर्थम्प्टनशायर की पहली पारी: गथरी और सेल्स का अहम योगदान
दूसरे दिन सुबह जब नॉर्थम्प्टनशायर ने अपनी पहली पारी को 380 रन पर 7 विकेट के नुकसान से आगे बढ़ाना शुरू किया, तो उनका इरादा एक बड़ा स्कोर खड़ा करने का था। जेम्स सेल्स (James Sales) ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए अपना अर्धशतक पूरा किया। हालांकि, वह 50 रन के निजी स्कोर पर जेम्स ब्रेसी के हाथों लेग साइड में एक शानदार कैच देकर आउट हो गए। इस विकेट को न्यूजीलैंड के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी क्रिस्टियन क्लार्क (Kristian Clarke) ने हासिल किया, जिन्होंने अपने पदार्पण मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए 109 रन देकर 6 विकेट चटकाए।
सेल्स के आउट होने के बाद, लियाम गथरी (Liam Guthrie) ने आक्रामक रुख अपनाया। गथरी ने केवल 50 गेंदों में 52 रनों की तूफानी पारी खेली, जो प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनका सर्वोच्च स्कोर है। उन्होंने हैरी कॉनवे (21 रन) के साथ नौवें विकेट के लिए 70 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। गथरी की इस पारी में बेहतरीन ड्राइव, कट और कवर्स के ऊपर से लगाए गए कुछ शानदार शॉट्स शामिल थे। उन्होंने माइल्स हैमंड की गेंद पर स्वीप शॉट खेलकर नॉर्थम्प्टनशायर का स्कोर 450 रनों के पार पहुंचाया। अंत में जैक टेलर ने नॉर्थम्प्टनशायर के आखिरी दो विकेट लेकर उनकी पारी को 465 रनों पर समेट दिया।
ग्लॉस्टरशायर की शुरुआत रही निराशाजनक, शीर्ष क्रम हुआ फेल
465 रनों के विशाल स्कोर का पीछा करने उतरी ग्लॉस्टरशायर की शुरुआत बेहद खराब रही। लंच तक टीम ने बिना किसी नुकसान के 15 रन बना लिए थे, लेकिन लंच के ठीक बाद नॉर्थम्प्टनशायर के कप्तान ल्यूक प्रॉक्टर (Luke Procter) ने अपनी स्विंग और सटीक लाइन-लेंथ से ग्लॉस्टरशायर के बल्लेबाजों को परेशानी में डाल दिया। प्रॉक्टर ने एक बेहद कसी हुई गेंदबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने 6 ओवर के स्पैल में 4 मेडन ओवर फेंके और केवल 5 रन देकर जो फिलिप्स (Joe Phillips) का महत्वपूर्ण विकेट लिया। जो फिलिप्स का कैच विकेटकीपर रिकार्डो वास्कोनसेलोस ने लपका।
इसके बाद युवा तेज गेंदबाज राफी वेदरॉल (Raphy Weatherall) ने दबाव को बनाए रखा। उन्होंने अपने पहले ही ओवर में अनुभवी बल्लेबाज कैमरन बैनक्रॉफ्ट (Cameron Bancroft) को एलबीडब्ल्यू (lbw) आउट कर दिया। बैनक्रॉफ्ट केवल कुछ ही रन बना सके क्योंकि गेंद पिच होने के बाद काफी नीचे रही। टॉमी बूरमैन ने वेदरॉल की गेंद पर थर्ड मैन की दिशा में खेलकर टीम का स्कोर 50 तक पहुंचाया, लेकिन दूसरे छोर पर खड़े माइल्स हैमंड गथरी की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए। इसके तुरंत बाद बूरमैन भी गथरी की गेंद पर विकेट के पीछे कैच दे बैठे, जिससे ग्लॉस्टरशायर का स्कोर 56 रन पर 4 विकेट हो गया और टीम गहरे संकट में दिखाई देने लगी।
साझेदारी जिसने मैच का रुख बदल दिया: वैन ब्यूरेन और ब्रेसी का संघर्ष
जब ग्लॉस्टरशायर ने अपने चार प्रमुख विकेट केवल 56 रनों पर खो दिए थे, तब कप्तान ग्रीम वैन ब्यूरेन और विकेटकीपर-बल्लेबाज जेम्स ब्रेसी क्रीज पर मौजूद थे। इन दोनों बल्लेबाजों के कंधों पर टीम को संभालने की बड़ी जिम्मेदारी थी। उन्होंने बेहद सतर्कता के साथ बल्लेबाजी करते हुए चायकाल तक टीम का स्कोर 118 रन तक पहुंचाया। इस दौरान दोनों ने 113 गेंदों में 62 रनों की साझेदारी की। नॉर्थम्प्टनशायर के गेंदबाजों ने उन पर कड़ा शिकंजा कसा हुआ था, लेकिन वैन ब्यूरेन और ब्रेसी ने धैर्य नहीं खोया।
चायकाल के बाद इन दोनों ने अपने हाथ खोलने शुरू किए। जेम्स ब्रेसी ने स्पिनर हैरिसन की गेंद पर मिड-ऑफ की दिशा में शानदार ड्राइव लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया और साथ ही दोनों के बीच शतकीय साझेदारी भी पूरी हुई। दूसरी ओर, वैन ब्यूरेन को शॉर्ट मिडविकेट पर एक जीवनदान मिला, और उन्होंने हैरी कॉनवे की गेंदों पर कुछ करीबी अपीलों का सामना किया, लेकिन वह क्रीज पर डटे रहे और जल्द ही उन्होंने भी अपना अर्धशतक पूरा कर लिया।
दिन का अंत और मैच की वर्तमान स्थिति
एक बार सेट होने के बाद रनों की गति काफी तेज हो गई। ब्रेसी ने जेम्स सेल्स की गेंद पर लगातार दो गगनचुंबी छक्के लगाए, जिसमें से दूसरा छक्का तो मैदान के बाहर जाकर गिरा। वैन ब्यूरेन ने भी स्क्वायर लेग की दिशा में पुल शॉट खेलकर ग्लॉस्टरशायर के 200 रन पूरे किए। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 148 रनों की मजबूत साझेदारी हुई, जिसने नॉर्थम्प्टनशायर के गेंदबाजों को पूरी तरह से हताश कर दिया।
जब ऐसा लग रहा था कि यह जोड़ी दिन का खेल खत्म होने तक नाबाद रहेगी, तभी खेल के विपरीत जेम्स सेल्स की एक बेहतरीन बाहर निकलती गेंद पर जेम्स ब्रेसी स्लिप में जस्टिन ब्रॉड को कैच दे बैठे। ब्रेसी ने 72 रनों की शानदार और संयमित पारी खेली। उनके आउट होने के बाद वैन ब्यूरेन (75 रन पर नाबाद) और जैक टेलर ने दिन का खेल खत्म होने तक ग्लॉस्टरशायर को और कोई नुकसान नहीं होने दिया। दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक ग्लॉस्टरशायर ने 5 विकेट खोकर 233 रन बना लिए हैं और वह अभी भी नॉर्थम्प्टनशायर से 232 रन पीछे है।
मैच का विश्लेषण और तीसरे दिन की चुनौतियाँ
इस मुकाबले के दूसरे दिन का खेल पूरी तरह से टेस्ट क्रिकेट के वास्तविक रोमांच को दर्शाता है। जहाँ सुबह के सत्र में नॉर्थम्प्टनशायर का पलड़ा भारी दिख रहा था, वहीं दोपहर के सत्र में ग्लॉस्टरशायर के बल्लेबाजों ने अपनी तकनीक और मानसिक मजबूती का परिचय दिया। ‘Bracey, van Buuren dig into frustrate Northants’ की यह गाथा केवल रनों के बारे में नहीं है, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि विपरीत परिस्थितियों में कैसे विकेट पर टिककर खेला जाता है। तीसरे दिन ग्लॉस्टरशायर की कोशिश होगी कि ग्रीम वैन ब्यूरेन अपनी इस पारी को एक बड़े शतक में तब्दील करें और टीम को नॉर्थम्प्टनशायर के स्कोर के करीब ले जाएं। जैक टेलर का अनुभव भी यहाँ बेहद काम आने वाला है। दूसरी ओर, नॉर्थम्प्टनशायर के गेंदबाज सुबह के सत्र में जल्द से जल्द विकेट चटकाकर ग्लॉस्टरशायर को फॉलो-ऑन की तरफ धकेलने का प्रयास करेंगे। पिच अब बल्लेबाजी के लिए थोड़ी आसान होती दिख रही है, लेकिन शुरुआत के ओवरों में नई गेंद का सामना करना ग्लॉस्टरशायर के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।