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BBL privatisation bid in trouble after ACA rejects current proposal

Chamari Athapaththu · · 1 min read
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क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के निजीकरण के मंसूबों को बड़ा झटका

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के गलियारों में इस समय हलचल मची हुई है। हालिया घटनाक्रम में, BBL privatisation bid in trouble after ACA rejects current proposal की खबर ने क्रिकेट जगत को चौंका दिया है। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर्स एसोसिएशन (ACA) ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) के उस मॉडल को सिरे से नकार दिया है, जिसके तहत बिग बैश लीग (BBL) का निजीकरण करने की योजना थी।

ACA का कड़ा रुख और विरोध की वजहें

ACA के मुख्य कार्यकारी पॉल मार्श ने खिलाड़ियों को भेजे गए एक ईमेल में स्पष्ट किया कि वे वर्तमान में CA द्वारा अपनाई जा रही दिशा से सहमत नहीं हैं। मार्श का मानना है कि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट फिलहाल निजीकरण के सही रास्ते पर एकजुट नहीं है। उन्होंने कहा, ‘क्रिकेट विक्टोरिया द्वारा मेलबर्न रेनेगेड्स को बेचने और मेलबर्न स्टार्स के साथ विलय की हालिया उथल-पुथल यह साबित करती है कि खेल अभी तक उस दृष्टिकोण पर सहमत नहीं है जो निजीकरण की प्रक्रिया में उचित मूल्य प्रदान कर सके।’

खिलाड़ियों की मांग और वेतन का मुद्दा

निजीकरण की इस पूरी बहस के केंद्र में खिलाड़ियों का वेतन और राजस्व हिस्सेदारी का मुद्दा है। ACA का तर्क है कि CA का वर्तमान एमओयू (MOU) प्रस्ताव न केवल खिलाड़ियों की मौजूदा राजस्व हिस्सेदारी को बेहतर नहीं बनाता है, बल्कि यह सभी खिलाड़ी समूहों के लिए वेतन वृद्धि का प्रावधान करने में भी विफल रहता है।

  • खिलाड़ियों की प्राथमिकताओं को नजरअंदाज करना।
  • विदेशी खिलाड़ियों और स्थानीय खिलाड़ियों के वेतन में भारी अंतर।
  • भविष्य की सुरक्षा और दीर्घकालिक वित्तीय लाभों का अभाव।
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खास बात यह है कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी इस बात से खासे नाराज हैं कि विदेशी खिलाड़ियों को मौजूदा ढांचे के तहत स्थानीय खिलाड़ियों की तुलना में 100,000 से 200,000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तक अधिक मिलते हैं।

क्या है अगला कदम?

ACA ने स्पष्ट किया है कि जब तक CA का प्रस्ताव बेहतर नहीं होता, तब तक वे इसे स्वीकार करने पर विचार नहीं कर सकते। पॉल मार्श ने जोर देकर कहा कि चूंकि किसी भी टीम की बिक्री हमेशा के लिए होती है, इसलिए इस फैसले को अभी सही तरीके से लेना अनिवार्य है। ACA अब CA और राज्य संघों के साथ मिलकर काम करने की योजना बना रही है ताकि एक ऐसा समझौता हो सके जो खिलाड़ियों और खेल दोनों के लिए हितकारी हो।

निजीकरण का भविष्य

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सीईओ टॉड ग्रीनबर्ग का तर्क था कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए खिलाड़ियों के वेतन में वृद्धि करना जरूरी है, और निजीकरण ही इसका एकमात्र रास्ता है। हालांकि, ACA की इस असहमति ने पूरी प्रक्रिया को अनिश्चितता के दौर में डाल दिया है। आने वाले दिनों में ACA, स्टार्स और रेनेगेड्स के खिलाड़ियों के साथ बैठक करेगी, जिससे इस जटिल स्थिति पर और अधिक स्पष्टता आने की उम्मीद है।

यह स्पष्ट है कि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट का भविष्य अब इस बात पर निर्भर करेगा कि बोर्ड और खिलाड़ी संघ के बीच बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है। खेल प्रेमियों के लिए, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया अपने मॉडल में बदलाव करने के लिए तैयार होता है या फिर BBL के निजीकरण की राह और कठिन हो जाएगी।

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Chamari Athapaththu

Chamari Athapaththu is a prominent Sri Lankan cricket analyst, bilingual commentator, and features writer for ThePapare.com. With an intimate understanding of the women’s game — from the pressures of international captaincy to the intricacies of franchise cricket — she offers a rare, player-informed perspective in her analysis. After representing Sri Lanka at youth level and retiring early due to injury, Athapaththu transitioned into sports media, where she has become a leading voice on women’s cricket in South Asia. She has covered ICC Women’s World Cups, the Women’s Premier League, and the Women’s Big Bash League, and is a regular face on Sri Lanka Rupavahini’s cricket broadcasts, delivering sharp, empathetic commentary in both Sinhala and English.