अकीब नबी का भारत टीम से बाहर होना: राजनीतिक विवाद और पीएम मोदी का जिक्र
अकीब नबी का भारत टीम से बाहर होना: राजनीतिक विवाद और पीएम मोदी का जिक्र
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच के लिए 15 खिलाड़ियों की मजबूत भारतीय टीम की घोषणा की। इस चयन में कई लोगों को आश्चर्य हुआ, क्योंकि जम्मू-कश्मीर के प्रतिभाशाली तेज गेंदबाज अकीब नबी को राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं मिली, बावजूद इसके कि उन्होंने 2025-26 रणजी ट्रॉफी सीज़न में शानदार प्रदर्शन किया था। उनके इस बहिष्कार ने अब एक अप्रत्याशित राजनीतिक मोड़ ले लिया है, जिसने क्रिकेट के गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है।
अकीब नबी का रणजी ट्रॉफी में दमदार प्रदर्शन
29 वर्षीय अकीब नबी ने 2025-26 रणजी ट्रॉफी सीज़न में जम्मू-कश्मीर के लिए असाधारण प्रदर्शन किया। उन्होंने टूर्नामेंट के 10 मैचों की 17 पारियों में कुल 60 विकेट झटके, जो उनके कौशल और निरंतरता का प्रमाण है। इस दौरान, उनका गेंदबाजी औसत 12.56 का शानदार रहा और उन्होंने सात बार पांच विकेट लेने का कारनामा किया। फरवरी में कर्नाटक के खिलाफ हुए फाइनल में, अकीब ने अपनी टीम को खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हुबली में खेले गए इस फाइनल मैच में उन्होंने 54 रन देकर 5 विकेट लेकर कर्नाटक को पहली पारी में बड़ा स्कोर बनाने से रोका, जिससे जम्मू-कश्मीर को 291 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त मिली और अंततः उन्होंने ऐतिहासिक रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया। इस तरह के प्रदर्शन के बावजूद, उनका टीम से बाहर होना कई सवाल खड़े करता है, खासकर जब टीम इंडिया नए खिलाड़ियों को मौका दे रही है।
राजनीतिक विवाद ने लिया गंभीर मोड़
अकीब नबी को टीम इंडिया से बाहर किए जाने के बाद यह मामला अब एक गंभीर राजनीतिक विवाद में बदल गया है। जम्मू-कश्मीर के एक प्रमुख राजनेता, पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के वहीद पारा ने बीसीसीआई के इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर एक तीखे पोस्ट में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास और आईसीसी चेयरमैन जय शाह को कटघरे में खड़ा किया।
वहीद पारा ने अपने पोस्ट में लिखा, “67 साल बाद जम्मू-कश्मीर को ऐतिहासिक रणजी ट्रॉफी सफलता दिलाने वाले अकीब नबी, जो प्लेयर ऑफ द मैच रहे, आईपीएल के लिए चुने गए, और जिन्हें भारतीय प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और मुख्यमंत्री के साथ-साथ पूरे भारत के क्रिकेट प्रशंसकों ने सराहा था, उन्हें आज बीसीसीआई द्वारा जारी भारत टीम की सूची से आश्चर्यजनक रूप से बाहर कर दिया गया है। यह वाकई चौंकाने वाला है। आपकी जानकारी के लिए, @MithunManhas @JayShah।” पारा के इस बयान ने मामले को और गर्मा दिया है, क्योंकि उन्होंने प्रधानमंत्री के नाम का उल्लेख करके इस खेल के फैसले को सीधे राजनीतिक गलियारों से जोड़ दिया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने की थी अकीब की प्रशंसा
यह गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर ने जब 2025-26 में ऐतिहासिक रणजी ट्रॉफी खिताब जीता था, तब भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद अकीब नबी और उनकी टीम की प्रशंसा की थी। उन्होंने देश के युवाओं के लिए उनके प्रदर्शन को प्रेरणादायक बताया था। इस पृष्ठभूमि में, अकीब का भारतीय टीम से बाहर होना, विशेष रूप से एक ऐसे टेस्ट मैच के लिए जिसमें तीन नए चेहरों को मौका दिया गया है, कई लोगों के लिए समझ से परे है। राजनेताओं द्वारा इस पर प्रतिक्रिया देना दिखाता है कि इस तरह के चयन फैसले राष्ट्रीय और क्षेत्रीय गौरव से कैसे जुड़ सकते हैं और जनमानस की भावनाओं को कैसे प्रभावित कर सकते हैं।
आईपीएल 2026 में अकीब नबी का प्रदर्शन
रणजी ट्रॉफी में अपनी सफलता के बाद, अकीब नबी को दिल्ली कैपिटल्स फ्रेंचाइजी ने आईपीएल 2026 सीज़न के लिए चुना था। हालांकि, दाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने अभी तक भारतीय टी20 कार्निवल में अपनी रणजी ट्रॉफी की सफलता को दोहरा नहीं पाया है। उन्होंने अपने चार आईपीएल प्रदर्शनों में एक भी विकेट हासिल नहीं किया है, जो शायद चयनकर्ताओं के मन में एक चिंता का विषय हो सकता है, हालांकि टेस्ट क्रिकेट और टी20 क्रिकेट के प्रारूप और जरूरतें अलग-अलग होती हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि टेस्ट टीम का चयन मुख्य रूप से रणजी प्रदर्शन पर अधिक आधारित होता है, और इसमें आईपीएल के आंकड़े हमेशा प्राथमिक मानदंड नहीं होते। फिर भी, एक बड़े मंच पर निरंतरता का अभाव चयनकर्ताओं के लिए एक विचारणीय बिंदु हो सकता है।
भारत की अफगानिस्तान टेस्ट टीम में नए चेहरे और बदलाव
अकीब नबी के बहिष्कार के अलावा, बीसीसीआई ने अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट के लिए तीन संभावित पदार्पण करने वाले खिलाड़ियों के नाम भी घोषित किए हैं। ये युवा खिलाड़ी हर्ष दुबे, गुरनूर बरार और मानव सुथार हैं, जिन्हें घरेलू क्रिकेट में उनके अच्छे प्रदर्शन का इनाम मिला है। वरिष्ठ खिलाड़ियों में, ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को टीम से बाहर रखा गया है, जिस पर मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने स्पष्टीकरण दिया कि उन्हें आगामी व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए आराम दिया गया है।
पिछले साल चोटिल शुभमन गिल की अनुपस्थिति में ऋषभ पंत ने टीम का नेतृत्व किया था, लेकिन इस बार केएल राहुल को भारत की उप-कप्तानी सौंपी गई है। शुभमन गिल टीम के कप्तान होंगे। यह दर्शाता है कि चयनकर्ता टीम में कुछ नए नेतृत्व विकल्प भी तलाश रहे हैं और भविष्य के लिए खिलाड़ियों को तैयार कर रहे हैं।
अफगानिस्तान टेस्ट के लिए भारतीय टीम
यहां अगले महीने होने वाले घरेलू अफगानिस्तान टेस्ट के लिए पूरी भारतीय टीम पर एक नजर है:
- शुभमन गिल (कप्तान)
- यशस्वी जायसवाल
- केएल राहुल (उप-कप्तान)
- साई सुदर्शन
- ऋषभ पंत
- देवदत्त पडिक्कल
- नीतीश कुमार रेड्डी
- वॉशिंगटन सुंदर
- कुलदीप यादव
- मोहम्मद सिराज
- प्रसिद्ध कृष्णा
- मानव सुथार
- गुरनूर बरार
- हर्ष दुबे
- ध्रुव जुरेल
निष्कर्ष
अकीब नबी का भारतीय टीम से बाहर होना एक जटिल मुद्दा बन गया है, जिसमें उनके शानदार रणजी प्रदर्शन, आईपीएल में औसत खेल और अब एक राजनीतिक प्रतिक्रिया शामिल है। चयनकर्ताओं के फैसले हमेशा सवालों के घेरे में रहते हैं, खासकर जब कोई खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट में इतना प्रभावी रहा हो। इस घटनाक्रम ने भारतीय क्रिकेट चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व पर फिर से बहस छेड़ दी है, और भविष्य में इसके क्या प्रभाव होंगे, यह देखना दिलचस्प होगा। यह प्रकरण एक बार फिर इस बात पर प्रकाश डालता है कि भारत जैसे क्रिकेट-प्रेमी देश में खेल और राजनीति कैसे आपस में जुड़ सकते हैं।