IPL 2026: आर अश्विन ने रिकी पोंटिंग की वायरल तस्वीर पर जताई सहानुभूति, पंजाब किंग्स के पतन पर उठाए सवाल
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पंजाब किंग्स का आईपीएल 2026 का सफर: एक सुनहरे आगाज से निराशाजनक अंत तक
आईपीएल 2026 के मौजूदा सीजन में पंजाब किंग्स का अभियान किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा है। धर्मशाळा में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ मिली हालिया हार ने टीम के प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदों को लगभग खत्म कर दिया है। एक समय खिताब के प्रबल दावेदार के रूप में देखी जा रही यह टीम अब लगातार छह हार के बाद टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर खड़ी है।
डगआउट में पोंटिंग की मायूसी
रविवार, 18 मई को धर्मशाळा में मैच के बाद की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई। पंजाब किंग्स के मुख्य कोच और महान ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर रिकी पोंटिंग को डगआउट में अकेले बैठे हुए देखा गया। पोंटिंग का चेहरा निराशा और गहरे सदमे को बयां कर रहा था। यह दृश्य उन तमाम प्रशंसकों के लिए दिल तोड़ने वाला था जो पोंटिंग को एक फाइटर के रूप में जानते हैं।
सोशल मीडिया पर फैंस ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि पोंटिंग को इस हाल में देखना वाकई दर्दनाक है, क्योंकि उन्होंने हमेशा टीम के लिए अपना सब कुछ झोंक दिया है।
आर अश्विन ने उठाए सवाल
इस पूरे घटनाक्रम पर भारतीय टीम के अनुभवी स्पिनर आर अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल ‘ऐश की बात’ पर अपनी राय रखी। अश्विन ने सहानुभूति जताते हुए कहा, ‘मैंने टीवी पर वह तस्वीर देखी। पोंटिंग अकेले बैठे हुए थे और निश्चित रूप से उनके दिमाग में बहुत कुछ चल रहा होगा। पंजाब की टीम टूर्नामेंट में टॉप-2 में रहने की स्थिति में थी, लेकिन फिर सब कुछ बदल गया।’
अश्विन ने टीम की हार के कारणों पर चर्चा करते हुए कहा, ‘मैंने 2018 में पंजाब की कप्तानी की थी। मैं उनका बचाव नहीं कर रहा, लेकिन तीन या चार बड़ी टीमें अपने घरेलू मैदान को नहीं बदलतीं। आपने मुल्लांपुर में जीतना शुरू किया और फिर अचानक धर्मशाळा शिफ्ट हो गए, जहां आपने लगातार तीन घरेलू मैच गंवा दिए।’
होम ग्राउंड का फैसला बना मुसीबत
अश्विन ने फ्रेंचाइजी के घरेलू मैचों को दो अलग-अलग मैदानों (मुल्लांपुर और धर्मशाळा) में बांटने के फैसले पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला पूरी तरह से व्यावसायिक था और इसने टीम के प्रदर्शन को बुरी तरह प्रभावित किया।
- पिच और परिस्थितियों का अंतर: अश्विन के अनुसार, मुल्लांपुर और धर्मशाळा की ऊंचाई और उछाल में जमीन-आसमान का अंतर है। मिट्टी एक हो सकती है, लेकिन जलवायु की स्थिति अलग है।
- खिलाड़ियों पर प्रभाव: विदेशी और युवा खिलाड़ियों को इन बदलती परिस्थितियों के साथ सामंजस्य बिठाने में बहुत दिक्कत हुई।
- मैनेजमेंट की प्राथमिकता: अश्विन ने संकेत दिया कि फ्रेंचाइजी मालिकों ने टीम के प्रदर्शन से ज्यादा व्यापारिक निर्णयों को महत्व दिया, जिसका खामियाजा कोच रिकी पोंटिंग और कप्तान श्रेयस अय्यर को भुगतना पड़ा है।
अब आगे क्या?
पंजाब किंग्स की स्थिति अब ‘करो या मरो’ की हो गई है। उन्हें न केवल अपना आखिरी मैच लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ जीतना होगा, बल्कि अन्य टीमों के परिणामों पर भी निर्भर रहना होगा। अश्विन ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा कि अगर पंजाब ने अपने घरेलू मैचों में से एक भी जीत लिया होता, तो आज स्थिति पूरी तरह अलग होती।
यह पूरा मामला स्पष्ट करता है कि आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में केवल टैलेंट ही काफी नहीं होता, बल्कि सही रणनीतिक फैसले और स्थिरता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। पोंटिंग की वह खामोश तस्वीर वास्तव में एक पूरी टीम के संघर्ष और गलत फैसलों की एक बड़ी कहानी कह रही है।