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Ashwin: Suryakumar’s axing will set precedent for future selection calls

Nusrat Jahan · · 1 min read
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भारतीय क्रिकेट में एक नया और विवादास्पद बदलाव

भारतीय क्रिकेट टीम में हालिया बदलावों ने खेल जगत में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। सूर्यकुमार यादव को टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम से बाहर किए जाने के फैसले पर दिग्गज स्पिनर आर अश्विन ने अपनी स्पष्ट राय रखी है। अश्विन का मानना है कि टी20 विश्व कप जिताने वाले कप्तान को इतनी जल्दी बाहर का रास्ता दिखाना न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि यह भविष्य के चयन पैमानों के लिए एक कठिन नजीर भी पेश करता है।

अश्विन की चिंता और सूर्यकुमार का नजरिया

आर अश्विन ने एक साक्षात्कार के दौरान कहा कि वह खुद को सूर्यकुमार की जगह रखकर देख रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि हालांकि सूर्यकुमार का हालिया फॉर्म पिछले कुछ महीनों में उतना अच्छा नहीं रहा था, लेकिन उन्होंने एक कप्तान के तौर पर विश्व कप जैसा बड़ा टूर्नामेंट जीतकर देश को गौरवान्वित किया था। अश्विन के अनुसार, ‘क्या कोई ऐसा उदाहरण है जहां टी20 विश्व कप जीतने वाले कप्तान को बिना किसी चेतावनी के बाहर कर दिया गया हो?’ यह सवाल भारतीय क्रिकेट के चयन ढांचे पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

सूर्यकुमार ने टी20 विश्व कप में 242 रन बनाए थे, जबकि उसके बाद आईपीएल में उनका प्रदर्शन औसत रहा। बावजूद इसके, अश्विन का मानना है कि खिलाड़ी को अपनी फॉर्म वापस पाने के लिए थोड़ा और समय दिया जा सकता था।

नजीर बनने वाला चयन

अश्विन ने इस बात पर जोर दिया कि यह कोई सामान्य निर्णय नहीं है। उन्होंने कहा, ‘यह चयन के मामले में एक ऐतिहासिक दिन है। भविष्य में जब भी कोई ऐसा कठिन निर्णय लिया जाएगा, तो इस घटना को एक मिसाल के रूप में देखा जाएगा।’ उनका मानना है कि इस तरह की कठोरता टीम के भीतर खिलाड़ियों के मनोबल और सुरक्षा की भावना को प्रभावित कर सकती है।

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श्रेयस अय्यर की वापसी और चुनौतियां

सूर्यकुमार की जगह श्रेयस अय्यर को नया कप्तान नियुक्त किया गया है। श्रेयस ने पिछले दो वर्षों से कोई टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है, हालांकि आईपीएल में केकेआर के साथ उनका नेतृत्व शानदार रहा है। अश्विन ने श्रेयस की काबिलियत पर सवाल नहीं उठाए हैं, लेकिन उन्होंने टीम के भीतर के ‘एथोस’ (नैतिक मूल्यों) पर चिंता व्यक्त की है।

अश्विन ने कहा, ‘श्रेयस का आईपीएल में कप्तान के रूप में शानदार होना एक अलग बात है। लेकिन अगर टीम का उप-कप्तान, जिसे पहले से ही कप्तानी के लिए तैयार किया जा रहा था, उसे नजरअंदाज कर बाहर से किसी को लाया जाता है, तो यह चयन प्रक्रिया के पुराने ढर्रे पर लौटने जैसा है।’

निष्कर्ष: क्या स्थिरता जरूरी है?

अंत में, आर अश्विन का यह मानना है कि टीम की सफलता के लिए केवल आईपीएल के आंकड़े काफी नहीं होते। टी20 विश्व कप जीतने वाली टीम के अन्य 14 सदस्यों के दृष्टिकोण से देखें तो यह बदलाव काफी भ्रम पैदा करने वाला हो सकता है। भारतीय चयनकर्ताओं के लिए यह समय आत्मनिरीक्षण करने का है कि क्या वे भविष्य में स्थिरता को प्राथमिकता देंगे या ऐसे कठोर फैसलों के साथ आगे बढ़ेंगे जो टीम की संस्कृति को पूरी तरह से बदल सकते हैं।

क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टी20 टीम किस तरह का प्रदर्शन करती है और क्या सूर्यकुमार यादव अपनी फॉर्म और लय वापस पाकर टीम में वापसी कर पाते हैं या नहीं।

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Nusrat Jahan

Nusrat Jahan is a senior cricket journalist for Prothom Alo English and a familiar face on T Sports, Bangladesh's leading sports broadcaster. A graduate of the University of Dhaka, she has been at the forefront of covering Bangladesh women's cricket, from their historic Asia Cup triumph to their growing presence in ICC global events. Her reporting goes beyond match scores to illuminate the systemic challenges facing female cricketers in South Asia, the rise of private investment in women’s sport, and the power of grassroots cricket in rural Bangladesh. Jahan is also a passionate advocate for gender-inclusive sports media and regularly conducts workshops for aspiring young female journalists. Her commentary style blends tactical insight with human-interest storytelling, making her a trusted voice for both traditional audiences and the new generation of cricket fans.