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IPL 2026: अंबाती रायडू ने अंशुल कंबोज के बुरे दिन को ‘गोल्डन डक’ जैसा बताया

Chamari Athapaththu · · 1 min read
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अंशुल कंबोज के लिए एक भयावह शाम

आईपीएल 2026 का सीजन अंशुल कंबोज के लिए यादगार रहा है, लेकिन लखनऊ में शुक्रवार की शाम उनके करियर का सबसे कठिन दिन साबित हुई। जब उनका सामना मिचेल मार्श और निकोलस पूरन जैसे फॉर्म में चल रहे बल्लेबाजों से हुआ, तो गेंदबाजी करना किसी चुनौती से कम नहीं था। कंबोज ने अपने पहले ओवर में केवल 11 रन दिए थे, लेकिन दूसरे ओवर में मिचेल मार्श ने उन पर ऐसा प्रहार किया कि पूरा मैच ही पलट गया। मार्श ने पहली चार गेंदों पर लगातार चार छक्के जड़े, और कंबोज के पैर में गेंद लगने के बाद अंतिम गेंद पर चौका लगा।

रायडू का विश्लेषण: यह एक ‘गोल्डन डक’ जैसा है

अंबाती रायडू ने ESPNcricinfo के ‘टाइमआउट’ शो पर इस घटना को बेहद करीब से देखा। उन्होंने कहा, ‘जो खिलाड़ी पूरे सीजन इतनी अच्छी गेंदबाजी कर रहा हो, उसका एक दिन खराब होना स्वाभाविक है। यह एक गोल्डन डक जैसा है।’ रायडू का मानना है कि कंबोज की अधिकतर गेंदें अच्छी थीं, लेकिन मार्श और पूरन की शानदार फॉर्म के सामने वे असहाय दिखे।

क्या सीएसके में अनुभव की कमी है?

इस मुकाबले के दौरान रायडू ने एक बड़ा सवाल उठाया। उनका मानना है कि चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के पास मैदान पर पर्याप्त ‘स्मार्ट हेड्स’ या अनुभवी खिलाड़ी नहीं थे जो कंबोज को उस मुश्किल स्थिति में संभाल सकें। रायडू ने कहा, ‘वहां ऐसे खिलाड़ी नहीं थे जो खेल को नियंत्रित कर सकें या कंबोज के पास जाकर उन्हें थोड़ा समय लेने या जूता बांधने का बहाना बनाकर शांत कर सकें। केवल संजू सैमसन वहां थे, लेकिन वह अक्सर ऐसी स्थितियों में हस्तक्षेप नहीं करते हैं।’

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रायडू ने सुझाव दिया कि एक अनुभवी खिलाड़ी को आकर गेंदबाज से बस एक सवाल पूछना चाहिए था, जैसे: ‘क्या तुम्हें लगता है कि धीमी गेंद काम करेगी?’ यह गेंदबाज की विचार प्रक्रिया को बदलने के लिए काफी हो सकता था।

मिचेल मैकक्लेनाघन का नजरिया

न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज मिचेल मैकक्लेनाघन ने रायडू की बात से सहमति जताई। उन्होंने कहा, ‘एक गेंदबाज के लिए ऐसी स्थिति बहुत कठिन होती है। यह एक ‘परफेक्ट स्टॉर्म’ था। लखनऊ पहले ही दौड़ से बाहर हो चुका था, इसलिए बल्लेबाज बिना किसी दबाव के खुलकर शॉट खेल रहे थे।’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक वरिष्ठ खिलाड़ी का मिड-ऑन या मिड-ऑफ पर होना बहुत जरूरी है, जो गेंदबाज को दबाव से बाहर ला सके।

आंकड़ों का आईना

अंततः, कंबोज ने 2.4 ओवर में 63 रन लुटा दिए और उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। यह उनके लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि इस सीजन में उन्होंने 19 विकेट लिए हैं और अभी भी पर्पल कैप की दौड़ में तीसरे स्थान पर बने हुए हैं। लखनऊ सुपर जायंट्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को 7 विकेट से हरा दिया, और यह मैच साबित कर गया कि क्रिकेट में एक गेंदबाज का दिन कितना भी अच्छा क्यों न हो, एक ‘परफेक्ट स्टॉर्म’ उसे जमीन पर ला सकता है।

निष्कर्ष

कंबोज का यह प्रदर्शन युवा गेंदबाजों के लिए एक सबक की तरह है। क्रिकेट न केवल कौशल का खेल है, बल्कि मानसिक दृढ़ता और अनुभवी मार्गदर्शन का भी मिश्रण है। उम्मीद है कि कंबोज इस बुरे दिन को पीछे छोड़कर अगले मैचों में मजबूती से वापसी करेंगे।

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Chamari Athapaththu

Chamari Athapaththu is a prominent Sri Lankan cricket analyst, bilingual commentator, and features writer for ThePapare.com. With an intimate understanding of the women’s game — from the pressures of international captaincy to the intricacies of franchise cricket — she offers a rare, player-informed perspective in her analysis. After representing Sri Lanka at youth level and retiring early due to injury, Athapaththu transitioned into sports media, where she has become a leading voice on women’s cricket in South Asia. She has covered ICC Women’s World Cups, the Women’s Premier League, and the Women’s Big Bash League, and is a regular face on Sri Lanka Rupavahini’s cricket broadcasts, delivering sharp, empathetic commentary in both Sinhala and English.