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पाकिस्तान की शर्मनाक बल्लेबाजी पर भड़के फैसल इकबाल, बाबर आजम की मानसिकता पर उठाए सवाल

Nusrat Jahan · · 1 min read
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पाकिस्तान क्रिकेट के लिए एक और निराशाजनक अध्याय

पाकिस्तान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम एक बार फिर आलोचनाओं के घेरे में है। सिलहट इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में बांग्लादेश के खिलाफ चल रहे दूसरे और अंतिम टेस्ट मैच में पाकिस्तानी बल्लेबाजों का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। शान मसूद की कप्तानी वाली टीम पहले ही ढाका में पहला टेस्ट हार चुकी है और अब सिलहट में सीरीज बचाने के लिए संघर्ष कर रही है। हालांकि, टीम ने गेंदबाजी में शानदार शुरुआत की थी, लेकिन सीनियर बल्लेबाजों की असफलता ने एक बार फिर प्रशंसकों को निराश किया है।

गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन और बल्लेबाजी का पतन

मैच की शुरुआत में कप्तान शान मसूद ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का साहसी निर्णय लिया। पाकिस्तानी तेज गेंदबाजों ने शुरुआत में बांग्लादेशी टीम को दबाव में ला दिया था। एक समय बांग्लादेश की टीम 106 रन पर 4 विकेट और फिर 117 रन पर 6 विकेट गंवाकर बेहद मुश्किल स्थिति में थी। हालांकि, लिटन दास ने 159 गेंदों में 126 रनों की जुझारू पारी खेलकर बांग्लादेश को 278 के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। पाकिस्तान के लिए खुर्रम शहजाद ने 4 और मोहम्मद अब्बास ने 3 विकेट लेकर बेहतरीन प्रदर्शन किया।

लेकिन जब बल्लेबाजी की बारी आई, तो पाकिस्तान की कमजोरी साफ नजर आई। पहली पारी में पूरी टीम मात्र 232 रन पर सिमट गई। बाबर आजम ने हालांकि 68 रनों की संघर्षपूर्ण पारी खेली, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से कोई समर्थन नहीं मिला। तइजुल इस्लाम और नाहिद राणा की घातक गेंदबाजी के सामने पाकिस्तानी बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह ढह गई। बांग्लादेश को पहली पारी में 46 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त मिली।

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फैसल इकबाल का कड़ा प्रहार

इस लचर प्रदर्शन के बाद पूर्व पाकिस्तानी टेस्ट क्रिकेटर फैसल इकबाल ने टीम के सीनियर खिलाड़ियों, विशेषकर बाबर आजम पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी निराशा व्यक्त करते हुए लिखा, ‘हमारी टेस्ट क्रिकेट अब कहां पहुंच गई है? सीनियर खिलाड़ियों ने इतना क्रिकेट खेला है, फिर भी वे दबाव की स्थितियों में बेकार साबित हो रहे हैं और अपने विकेट फेंक रहे हैं।’

फैसल इकबाल ने बाबर आजम के लंबे समय से चल रहे खराब फॉर्म पर भी चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बाबर में फिलहाल वह ‘टेम्परामेंट’ नहीं दिख रहा है जो एक टेस्ट बल्लेबाज के लिए आवश्यक है। इकबाल के अनुसार, मुश्किल परिस्थितियों में टीम को बचाने की क्षमता का अभाव बाबर और अन्य सीनियर खिलाड़ियों की सबसे बड़ी कमजोरी बन गई है। यह लगातार मिल रही असफलताएं अब पाकिस्तान के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गई हैं।

आगे की राह और मैच की स्थिति

मैच के अगले दिन बांग्लादेश ने अपनी दूसरी पारी में भी सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया। महमुदुल हसन जॉय के अर्धशतक की बदौलत बांग्लादेश ने अपनी बढ़त को मजबूत कर लिया है। मोमिनुल हक ने भी 30 रनों का योगदान दिया। तीसरे दिन की शुरुआत बांग्लादेश 110/3 के स्कोर के साथ करेगी और उनके पास 156 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त है।

पाकिस्तान के लिए अब यह मैच बचाना एक पहाड़ जैसा कार्य है। क्या शान मसूद की टीम वापसी कर पाएगी या उन्हें एक और शर्मनाक हार का सामना करना पड़ेगा? यह तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन फैसल इकबाल की यह टिप्पणी निश्चित रूप से टीम प्रबंधन और खिलाड़ियों को सोचने पर मजबूर करेगी कि आखिर उनकी टेस्ट मानसिकता में इतनी बड़ी कमी क्यों आ गई है।

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निष्कर्ष: पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए यह समय आत्ममंथन का है। सीनियर खिलाड़ियों पर निर्भरता और दबाव में बिखरने की प्रवृत्ति ने टीम की नींव हिला दी है। यदि बाबर आजम और अन्य अनुभवी खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारी नहीं समझते हैं, तो आने वाले समय में पाकिस्तान के लिए टेस्ट क्रिकेट में अपनी गरिमा बचाए रखना और भी कठिन हो जाएगा।

Nusrat Jahan

Nusrat Jahan is a senior cricket journalist for Prothom Alo English and a familiar face on T Sports, Bangladesh's leading sports broadcaster. A graduate of the University of Dhaka, she has been at the forefront of covering Bangladesh women's cricket, from their historic Asia Cup triumph to their growing presence in ICC global events. Her reporting goes beyond match scores to illuminate the systemic challenges facing female cricketers in South Asia, the rise of private investment in women’s sport, and the power of grassroots cricket in rural Bangladesh. Jahan is also a passionate advocate for gender-inclusive sports media and regularly conducts workshops for aspiring young female journalists. Her commentary style blends tactical insight with human-interest storytelling, making her a trusted voice for both traditional audiences and the new generation of cricket fans.