अजीत अगरकर ने वैभव सूर्यवंशी के चयन पर तोड़ी चुप्पी: जानिए क्यों नहीं मिली जगह
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अजीत अगरकर ने वैभव सूर्यवंशी के चयन पर तोड़ी चुप्पी
आईपीएल 2026 के सीजन में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलने वाले 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने अपनी बल्लेबाजी से पूरे क्रिकेट जगत को प्रभावित किया है। 2025 में अपने शानदार आईपीएल डेब्यू के बाद से ही, क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों के बीच इस ‘वंडर बॉय’ को भारतीय राष्ट्रीय टीम में शामिल करने की मांग तेज हो गई थी। हालांकि, मंगलवार को घोषित भारत बनाम अफगानिस्तान सीरीज की टीम में उनका नाम नदारद देखकर कई लोग हैरान रह गए।
अफगानिस्तान सीरीज के लिए टीम में बड़े बदलाव
अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने भारत के लिए एक टेस्ट और तीन वनडे मैचों की सीरीज के लिए टीम की घोषणा की। इस चयन प्रक्रिया में कई चौंकाने वाले फैसले लिए गए। ऋषभ पंत को टेस्ट टीम के उप-कप्तान पद से हटा दिया गया है और उन्हें वनडे टीम से पूरी तरह बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। उनकी जगह केएल राहुल और ईशान किशन को क्रमशः ये जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
प्रमुख तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को दोनों सीरीज से आराम दिया गया है। वहीं, रोहित शर्मा और हार्दिक पांड्या की वनडे टीम में वापसी हुई है, हालांकि उनका खेलना फिटनेस टेस्ट पास करने पर निर्भर करेगा। इसके अलावा, अक्षर पटेल को टेस्ट टीम से बाहर कर दिया गया है, जबकि तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को वनडे और बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार को टेस्ट टीम में पहली बार मौका मिला है। गुरनूर बराड़ और हर्ष दुबे को भी टीम में शामिल किया गया है।
वैभव सूर्यवंशी को क्यों नहीं मिला मौका?
सभी की निगाहें युवा वैभव सूर्यवंशी पर टिकी थीं। जब चयन समिति से उनके चयन न होने के बारे में पूछा गया, तो अजीत अगरकर ने स्पष्ट किया कि उन्हें अभी और अनुभव की आवश्यकता है। अगरकर ने कहा, ‘वैभव सूर्यवंशी ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन हमें यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ियों को भी नहीं भूलना चाहिए। वैभव ने इंडिया ए टीम तक पहुंचकर अपनी काबिलियत साबित की है और हमें उम्मीद है कि वह वहां भी अच्छा प्रदर्शन जारी रखेंगे।’
भविष्य की राह
अगरकर के बयानों से यह स्पष्ट है कि चयन समिति वैभव की प्रतिभा को पहचानती है, लेकिन वे किसी भी खिलाड़ी को जल्दबाजी में राष्ट्रीय टीम में शामिल करने के बजाय उन्हें व्यवस्थित विकास प्रक्रिया से गुजरते हुए देखना चाहते हैं। इंडिया ए के साथ उनका आगामी समय उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की नींव रखने के लिए महत्वपूर्ण होगा।
वैभव के प्रशंसक निश्चित रूप से निराश हो सकते हैं, लेकिन क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी कम उम्र में उन पर दबाव डालने के बजाय उन्हें घरेलू क्रिकेट और ए-टीम के स्तर पर खुद को और निखारने का समय देना एक परिपक्व फैसला है। भारतीय क्रिकेट का भविष्य निश्चित रूप से उनके कंधों पर टिका है, लेकिन उनके समय का सही चुनाव करना प्रबंधन की प्राथमिकता है।
आगामी अफगानिस्तान सीरीज में भारतीय टीम के नए संयोजन और युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन देखने लायक होगा। क्या ये बदलाव टीम को वांछित परिणाम दिला पाएंगे? यह तो सीरीज शुरू होने के बाद ही पता चलेगा।