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Reddy: ‘You’ve got to do something about your mindset’ in order to succeed

Karim Rahimi · · 1 min read
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क्रिकेट में सफलता का नया मंत्र: मानसिकता का महत्व

आधुनिक क्रिकेट में केवल कौशल ही पर्याप्त नहीं है। नितीश कुमार रेड्डी, जिन्होंने हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में शानदार शुरुआत की है, ने खेल के प्रति अपने दृष्टिकोण को पूरी तरह से बदल दिया है। रेड्डी का स्पष्ट मानना है कि Reddy: ‘You’ve got to do something about your mindset’ in order to succeed, और यही बात उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है।

हार्डिक पांड्या की अनुपस्थिति में बड़ी जिम्मेदारी

आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए बल्ले और गेंद दोनों से कमाल दिखाने के बाद, रेड्डी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ी है। वनडे सीरीज के पहले मैच में, जो बारिश के कारण 25 ओवरों तक सीमित हो गया था, उन्होंने 31 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। हार्दिक पांड्या की गैर-मौजूदगी में, रेड्डी अब भारतीय टीम में मुख्य सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर की भूमिका निभा रहे हैं।

मैच के बाद धर्मशाला में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, ‘एक ऑलराउंडर के रूप में, मेरा काम टीम के लिए दोनों भूमिकाएं निभाना है। चाहे कप्तान मुझे गेंद दे या टीम को रनों की जरूरत हो, मुझे बस वहां मौजूद रहना है और अपना इरादा दिखाना है।’

गेंदबाजी में सुधार और स्टीफन जोन्स का योगदान

रेड्डी की गेंदबाजी में आई गति और सटीकता के पीछे हाई-परफॉर्मेंस कोच स्टीफन जोन्स के साथ की गई कड़ी मेहनत है। हालांकि, रेड्डी का मानना है कि तकनीक से ज्यादा खेल ‘माइंडसेट’ का है। उन्होंने कहा, ‘हम सभी के पास कौशल है, इसीलिए हम यहां हैं। लेकिन यह उस मानसिकता के बारे में है जिसे आप वहां मैदान पर पेश करते हैं।’

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दबाव को संभालने की कला

आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंटों में खेलने के अनुभव ने रेड्डी को सिखाया है कि दबाव को कैसे हैंडल किया जाए। उनका मानना है कि भारतीय टीम में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन केवल वही खिलाड़ी शीर्ष पर पहुंचते हैं जो मानसिक रूप से मजबूत रहते हैं।

  • सीखने की प्रक्रिया: रेड्डी का मानना है कि टी20 में चार ओवर न मिल पाने की कमी को नेट प्रैक्टिस में पूरा किया जाना चाहिए।
  • योजना पर टिके रहना: वनडे क्रिकेट में पुरानी गेंद के साथ सटीक लेंथ पर गेंदबाजी करना एक बड़ी चुनौती है, जिसे केवल मानसिक धैर्य से ही पूरा किया जा सकता है।
  • वापसी की क्षमता: यदि एक या दो ओवर खराब जाते हैं, तो अगले ओवर में वापसी करना ही असली ऑलराउंडर की पहचान है।

भविष्य की ओर देखते हुए

नितीश कुमार रेड्डी का यह परिपक्व दृष्टिकोण न केवल उन्हें एक बेहतर खिलाड़ी बनाता है, बल्कि युवा क्रिकेटरों के लिए एक मिसाल भी पेश करता है। आने वाले समय में फैंस उनसे गेंदबाजी में और अधिक गति और बल्लेबाजी में और स्थिरता की उम्मीद कर सकते हैं। जैसा कि उन्होंने जोर देकर कहा, जब आप दबाव को बेहतर तरीके से संभालते हैं और मैदान पर अपना सही माइंडसेट रखते हैं, तभी आप मैच में ऊपरी हाथ हासिल करते हैं।

रेड्डी का यह सफर हमें याद दिलाता है कि क्रिकेट केवल बाउंड्री मारने या विकेट लेने का खेल नहीं है, बल्कि यह निरंतर सुधार और आत्म-अनुशासन की एक लंबी यात्रा है। उनकी यह सोच भारतीय टीम के लिए आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।

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Karim Rahimi

Karim Rahimi is a senior cricket correspondent for BBC Pashto and a contributor to Afghanistan International. Covering the remarkable rise of Afghan cricket from refugee camps to World Cups, Rahimi has become one of the most trusted voices on the sport in the region. He reported from Afghanistan’s historic first Test match in Bangalore, the 2019 ODI World Cup, and multiple ICC T20 World Cups. His work goes beyond match reports, exploring the impact of conflict, displacement, and politics on the players and their families. Rahimi’s interviews with stars like Rashid Khan and Mohammad Nabi are widely echoed in regional and international media. He is known for his measured tone and deep access to the Afghanistan Cricket Board (ACB) and team management.