Bangladesh Cricket

Nayeem Hasan breaks down in tears while describing alleged police abuse

Nusrat Jahan · · 1 min read
nayeem 13 06 2026

बांग्लादेश क्रिकेट जगत में हलचल: नईम हसन का आरोप

बांग्लादेश के राष्ट्रीय टीम के स्पिनर नईम हसन ने हाल ही में एक बेहद गंभीर और परेशान करने वाला दावा किया है। ढाका प्रीमियर लीग (DPL) खेलकर अपने घर चट्टोग्राम लौट रहे इस युवा क्रिकेटर ने आरोप लगाया है कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें न केवल परेशान किया, बल्कि उनके साथ शारीरिक हिंसा भी की। इस पूरी घटना ने खेल जगत को स्तब्ध कर दिया है और सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना का विवरण: हवाई अड्डे से घर तक का सफर

25 वर्षीय नईम हसन ने मीडिया के सामने अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि यह घटना DPL के आखिरी मैच के बाद हुई। नईम के अनुसार, रात लगभग 10:20 बजे उनकी फ्लाइट चट्टोग्राम पहुंची। वाहन न मिलने के कारण, वह एक सीएनजी ऑटो-रिक्शा में अपने घर जा रहे थे। टोल प्लाजा के पास एक ट्रैफिक पुलिस अधिकारी ने उनका वाहन रुकवाया। शुरुआत में उन्हें लगा कि यह एक सामान्य जांच है, लेकिन स्थिति बहुत जल्दी नियंत्रण से बाहर हो गई।

सब-इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप

नईम ने आरोप लगाया कि एसआई शफीक ने उन्हें जबरन एक वाहन में धकेल दिया और दरवाजा बंद कर लिया। नईम ने कहा, “मैंने बार-बार उनसे पूछा कि क्या हुआ है, लेकिन उन्होंने मुझे चुप रहने को कहा और धमकी दी कि मैं एक आरोपी हूं।” नईम ने यह भी दावा किया कि एसआई शफीक ने उनका गला दबाया, उनका फोन छीन लिया और लाठी से उनकी पिटाई की। उस समय नईम ने चिल्लाकर मदद मांगी और अपने पिता को फोन करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें ऐसा करने से रोक दिया गया।

READ:  ढाका प्रीमियर लीग: नजमुल हुसैन शांतो के शतक से अबाहनी लिमिटेड की धमाकेदार जीत

पहचान बताने के बावजूद दुर्व्यवहार

सबसे चिंताजनक बात यह है कि घटनास्थल पर मौजूद कई लोगों ने नईम को पहचान लिया था और पुलिस को बताया था कि वह बांग्लादेश की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी हैं। इसके बावजूद, पुलिस अधिकारियों ने उनकी एक न सुनी। नईम का कहना है कि जब उन्हें थाने ले जाया गया, तो वहां के प्रभारी अधिकारी (OC) के सामने भी उन्होंने अपनी पहचान स्पष्ट की, लेकिन अधिकारी ने उन्हें आँखें नीची रखकर बात करने का निर्देश दिया। बाद में, जब मामले ने तूल पकड़ा और उच्च अधिकारियों के पास फोन आने लगे, तब जाकर पुलिस का रवैया बदला।

न्याय की मांग और मानसिक आघात

नईम हसन ने सवाल उठाया है कि यदि एक राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों का क्या होगा? उन्होंने कहा, “मैंने उन्हें बार-बार बताया कि मैं टेस्ट क्रिकेटर हूं। वहाँ लगभग 100 लोग मौजूद थे जिन्होंने मेरी पहचान की पुष्टि की, फिर भी उन्होंने मेरा गला दबाया और मेरे साथ मारपीट की।” इस घटना ने नईम को मानसिक रूप से गहरा आघात पहुंचाया है, जो उनकी बातों में साफ झलक रहा था।

आगे की कार्रवाई

नईम हसन ने स्पष्ट रूप से एसआई शफीक पर शारीरिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी को किसी भी स्थिति में उन पर हाथ उठाने का अधिकार नहीं था। हालांकि, उन्होंने कानून का पालन करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस का व्यवहार पूरी तरह से अनैतिक और डराने वाला था। फिलहाल, क्रिकेट फैंस और खेल प्रेमियों में इस घटना को लेकर भारी रोष है और अब यह देखना बाकी है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) और स्थानीय प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कार्रवाई करता है।

READ:  Nigar Sultana Joty stars as Bangladesh women defeat Scotland in tri-series: बांग्लादेश की शानदार जीत

यह घटना न केवल नईम हसन के लिए एक बुरा अनुभव रही है, बल्कि यह सुरक्षा बलों के कार्य करने के तरीकों पर भी एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लगाती है। एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के साथ ऐसा व्यवहार प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है, जिसकी निष्पक्ष जांच होना अनिवार्य है।

Nusrat Jahan

Nusrat Jahan is a senior cricket journalist for Prothom Alo English and a familiar face on T Sports, Bangladesh's leading sports broadcaster. A graduate of the University of Dhaka, she has been at the forefront of covering Bangladesh women's cricket, from their historic Asia Cup triumph to their growing presence in ICC global events. Her reporting goes beyond match scores to illuminate the systemic challenges facing female cricketers in South Asia, the rise of private investment in women’s sport, and the power of grassroots cricket in rural Bangladesh. Jahan is also a passionate advocate for gender-inclusive sports media and regularly conducts workshops for aspiring young female journalists. Her commentary style blends tactical insight with human-interest storytelling, making her a trusted voice for both traditional audiences and the new generation of cricket fans.