Ahead of Afghanistan Test, Kuldeep gets a ‘feel of the red ball’ after underwhelming IPL
अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट से पहले कुलदीप यादव की तैयारी
Ahead of Afghanistan Test, Kuldeep gets a ‘feel of the red ball’ after underwhelming IPL – यह खबर भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। आईपीएल 2026 में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाने के बाद, कुलदीप यादव अब अपना पूरा ध्यान लाल गेंद की क्रिकेट यानी टेस्ट फॉर्मेट पर लगा रहे हैं। चंडीगढ़ में होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच से पहले, भारतीय स्पिनर ने अपनी तैयारियों के बारे में खुलकर बात की है।
आईपीएल से टेस्ट क्रिकेट का कठिन सफर
कुलदीप यादव ने स्वीकार किया है कि आईपीएल के रोमांचक और तेज-तर्रार टी20 फॉर्मेट से अचानक टेस्ट क्रिकेट की लाल गेंद पर स्विच करना बिल्कुल भी आसान नहीं होता। उन्होंने बताया, ‘आईपीएल के बाद लाल गेंद से खेलने के लिए ढलना काफी कठिन होता है। इसके लिए सही तैयारी बहुत जरूरी है।’ आईपीएल 2026 में कुलदीप का प्रदर्शन थोड़ा फीका रहा, जहां उन्होंने 12 मैचों में केवल 10 विकेट लिए और उनका इकॉनमी रेट 10.29 रहा। हालांकि, दिल्ली कैपिटल्स के प्लेऑफ में न पहुंच पाने के कारण उन्हें लाल गेंद के अभ्यास के लिए अतिरिक्त 10 से 15 दिन का समय मिल गया।
मानसिकता में बदलाव की जरूरत
कुलदीप के अनुसार, टेस्ट क्रिकेट और टी20 के बीच सबसे बड़ा अंतर ‘माइंडसेट’ का है। उन्होंने कहा, ‘टी20 में आप हमेशा आक्रामक होते हैं और बल्लेबाज के पीछे भागते हैं। लेकिन टेस्ट क्रिकेट में ऐसा नहीं है। वहां बल्लेबाज के पास काफी समय होता है, इसलिए धैर्य रखना सबसे बड़ी कुंजी है।’ कुलदीप ने इस बात पर जोर दिया कि उन्हें इस दौरान लाल गेंद की लय को फिर से महसूस करने का मौका मिला है, जो इस टेस्ट मैच के लिए बहुत उपयोगी साबित होगा।
अनुभवी स्पिनरों की अनुपस्थिति और नए खिलाड़ियों का मौका
इस टेस्ट मैच में भारत के पास अनुभवी स्पिनरों की कमी है। आर अश्विन संन्यास ले चुके हैं, रवींद्र जडेजा को आराम दिया गया है, और अक्षर पटेल का चयन नहीं हुआ है। ऐसे में भारतीय स्पिन आक्रमण काफी युवा और अनुभवहीन नजर आ रहा है। हर्ष दुबे और मानव सुथार को पहली बार टीम में शामिल किया गया है। कुलदीप का मानना है कि भले ही उन्हें अंतरराष्ट्रीय अनुभव कम हो, लेकिन वे नियमित रूप से घरेलू क्रिकेट जैसे दलीप ट्रॉफी और ईरानी ट्रॉफी खेल रहे हैं, जिससे उनकी तैयारी काफी मजबूत है।
एक टीम लीडर के रूप में कुलदीप की भूमिका
टीम में एक वरिष्ठ खिलाड़ी के तौर पर कुलदीप यादव का मानना है कि नए खिलाड़ियों को सहज महसूस कराना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, ‘वॉशिंगटन सुंदर अब टीम में काफी समय से हैं और सेटल हैं। नए खिलाड़ियों के साथ हमारा काम उन्हें यह बताना है कि वे हमें एक पार्टनर की तरह देखें। अगर उन्हें कोई समस्या है, तो वे बेझिझक बात कर सकते हैं।’
पिच और रणनीति पर चर्चा
कुलदीप ने खुलासा किया कि वे अपने नए स्पिन साथियों के साथ लगातार बातचीत करते हैं। उनकी चर्चाओं में मुख्य रूप से निम्नलिखित विषय शामिल होते हैं:
- पिच की स्थिति और बर्ताव को समझना।
- मौसम के अनुसार गेंदबाजी की रणनीति।
- गेंद की लंबाई (length) और गति पर नियंत्रण।
- टेस्ट क्रिकेट में धैर्य का महत्व।
कुलदीप यादव का मानना है कि इन युवा खिलाड़ियों के पास मैच अवेयरनेस की कमी नहीं है, क्योंकि वे लगातार रेड-बॉल क्रिकेट खेल रहे हैं। भारतीय टीम प्रबंधन और फैंस को उम्मीद है कि कुलदीप का मार्गदर्शन और उनकी मेहनत अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में रंग लाएगी। टेस्ट क्रिकेट का यह मुकाबला न केवल भारतीय स्पिनरों की परीक्षा होगी, बल्कि आने वाले समय के लिए टीम इंडिया के नए स्पिन चेहरों की प्रतिभा को परखने का एक बड़ा मंच भी साबित होगा।