एमएस धोनी की स्थिति पर पूर्व क्रिकेटर बद्रिनाथ ने सीएसके पर उठाए सवाल, गायकवाड़ की कप्तानी पर भी संदेह
आईपीएल 2024: सीएसके के प्लेऑफ की दौड़ और अंदरूनी विवाद
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के इस सीज़न में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) अपना आखिरी लीग मैच खेलने के लिए पूरी तरह तैयार है। टीम को गुजरात टाइटन्स का सामना नरेंद्र मोदी स्टेडियम में करना है, और प्लेऑफ में अपनी जगह सुनिश्चित करने के लिए उन्हें एक बड़ी जीत की सख्त जरूरत है। हालांकि, केवल एक जीत भी पूर्व आईपीएल विजेताओं को प्लेऑफ में पहुंचने की गारंटी नहीं देगी, क्योंकि उनकी किस्मत अन्य टीमों के परिणामों पर भी निर्भर करेगी। इस महत्वपूर्ण मोड़ पर, टीम के अंदरूनी मामलों और फैसलों पर कई पूर्व खिलाड़ियों और विशेषज्ञों द्वारा गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिससे फ्रेंचाइजी के प्रबंधन पर गहरी बहस छिड़ गई है।
एमएस धोनी की चोट की स्थिति पर पूर्व बल्लेबाज बद्रिनाथ ने उठाए सवाल
पूर्व भारतीय और सीएसके के अनुभवी बल्लेबाज सुब्रमण्यम बद्रिनाथ ने एमएस धोनी की चोट की स्थिति को लेकर अपनी पूर्व टीम, चेन्नई सुपर किंग्स, पर कड़ा प्रहार किया है। इस सीज़न में धोनी अपनी चोटों के कारण पूरी तरह से फिट नहीं दिखे और उन्होंने कई मैचों में सीमित भूमिका निभाई। हैरान करने वाली बात यह है कि वह टीम के साथ अहमदाबाद यात्रा भी नहीं कर रहे हैं, जिससे उनकी स्थिति को लेकर अटकलें और तेज हो गई हैं। 44 वर्षीय धोनी को सीएसके बनाम एसआरएच मैच के दौरान चेन्नई में टीम फोटो के लिए हाफ-टाइम ब्रेक के दौरान देखा गया था, जिससे उनकी उपलब्धता और चोट की गंभीरता के बारे में लगातार सवाल उठ रहे थे।
बद्रिनाथ ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “एमएस धोनी के खेलने की स्थिति को लेकर लगातार सवाल थे। इस पूरी स्थिति को टीम ने ठीक से नहीं संभाला, और इसके पीछे का असली कारण कोई नहीं जानता। किसी को यह सोचना होगा कि क्या यह मैच के लिए दिलचस्पी पैदा करने के लिए किया गया था या यह कोई व्यावसायिक निर्णय था।” यह बयान धोनी जैसे दिग्गज खिलाड़ी की स्थिति के प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाता है, जो सीएसके के लिए केवल एक खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि एक मार्गदर्शक और एक प्रतीक हैं। प्रबंधन के इस रवैये से टीम के अंदर पारदर्शिता की कमी भी उजागर होती है।
रुतुराज गायकवाड़ की कप्तानी पर संदेह
पूर्व भारतीय बल्लेबाज बद्रिनाथ ने टीम के कप्तान के रूप में रुतुराज गायकवाड़ की नियुक्ति पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह स्पष्ट नहीं है कि क्या एमएस धोनी वास्तव में गायकवाड़ को अगले कप्तान के रूप में चाहते थे। बद्रिनाथ ने अपने बयान में कहा, “यह ज्ञात नहीं है कि क्या एमएस गायकवाड़ को अगले कप्तान के रूप में चाहते थे। धोनी ने केवल कुछ सुझाव दिए होंगे, लेकिन अंत में, यह प्रबंधन का निर्णय है। इसलिए, जिम्मेदारी टीम प्रबंधन की है।”
यह टिप्पणी सीएसके के कप्तानी बदलाव के पीछे की प्रक्रिया और पारदर्शिता पर संदेह पैदा करती है, खासकर जब धोनी जैसे अनुभवी और प्रभावशाली खिलाड़ी की पसंद पर सवाल उठाया जा रहा हो। टीम प्रबंधन को इस तरह के महत्वपूर्ण फैसलों की जिम्मेदारी लेनी होगी और प्रशंसकों तथा क्रिकेट विशेषज्ञों के सामने स्पष्टता पेश करनी होगी। गायकवाड़ ने इस सीज़न में कुछ अच्छी पारियां खेली हैं, लेकिन उनकी कप्तानी में टीम का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा है, जिससे ये सवाल और भी प्रासंगिक हो जाते हैं।
एमएस धोनी ने रवींद्र जडेजा को कप्तान के रूप में पसंद किया होता?
सुब्रमण्यम बद्रिनाथ ने एक बड़ा और सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि उनके पूर्व आईपीएल विजेता कप्तान एमएस धोनी ने रुतुराज के बजाय रवींद्र जडेजा को कप्तान के रूप में पसंद किया होगा। यह दावा टीम के अंदरूनी गतिशीलता और खिलाड़ियों के बीच की पसंद-नापसंद पर प्रकाश डालता है।
2022 में, जडेजा को कप्तान नियुक्त करने का फैसला टीम के लिए अच्छा साबित नहीं हुआ था, और टीम ने उस सीज़न की खराब शुरुआत की थी। बाद में, टीम की कप्तानी वापस प्रतिष्ठित नंबर 7 धोनी को सौंप दी गई थी, जिन्होंने 2023 में टीम को अपना पांचवां आईपीएल खिताब दिलाकर विश्वास का बदला चुकाया। यह घटनाक्रम दिखाता है कि कप्तानी एक बेहद संवेदनशील मुद्दा है और सही चुनाव टीम के प्रदर्शन पर गहरा असर डाल सकता है। गौरतलब है कि 2026 सीज़न से पहले, जडेजा को संजू सैमसन के बदले राजस्थान रॉयल्स में ट्रेड कर दिया गया था, जिससे सीएसके के मध्यक्रम में एक बड़ा बदलाव आया और टीम की रणनीति पर भी इसका असर पड़ा।
मनोज तिवारी ने भी चेन्नई की कप्तानी पर उठाए सवाल
बद्रिनाथ अकेले ऐसे पूर्व खिलाड़ी नहीं हैं जिन्होंने चेन्नई की कप्तानी पर चिंता व्यक्त की है। कुछ दिनों पहले, मनोज तिवारी ने भी इसी तरह की चिंताएं व्यक्त की थीं। 40 वर्षीय तिवारी, जो मौजूदा सुपर किंग्स कप्तान (गायकवाड़) की क्षमताओं से पूरी तरह आश्वस्त नहीं थे, ने टीम से 2027 सीज़न के लिए संजू सैमसन को कप्तानी देने के लिए कहा। यह विभिन्न क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच एक उभरती हुई बहस को दर्शाता है कि क्या गायकवाड़ सीएसके के दीर्घकालिक नेतृत्व के लिए सही विकल्प हैं।
धोनी के बाद कप्तानी की बागडोर संभालना किसी भी खिलाड़ी के लिए एक विशाल चुनौती है, क्योंकि उम्मीदों का दबाव हमेशा बना रहता है। टीम प्रबंधन को इन आलोचनाओं और चिंताओं पर ध्यान देना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि वे भविष्य के लिए एक ठोस रणनीति के साथ आगे बढ़ें, ताकि टीम आईपीएल में अपनी पहचान और सफलता को बनाए रख सके। इन आलोचनाओं के बीच, सीएसके को न केवल मैदान पर बेहतरीन प्रदर्शन करना है, बल्कि अपने प्रशंसकों और हितधारकों के विश्वास को भी बनाए रखना है। यह देखना दिलचस्प होगा कि चेन्नई सुपर किंग्स इन चुनौतियों का सामना कैसे करती है और भविष्य में अपने नेतृत्व ढांचे को कैसे आकार देती है।