RCB’s Yash Dayal Breaks Silence For First Time After IPL 2026 Snub: यश दयाल ने खोला राज
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिताबी सफर के बाद का बड़ा विवाद
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के लिए पिछला सीजन ऐतिहासिक रहा था। साल 2008 में आईपीएल की शुरुआत के बाद से पहली बार आरसीबी की टीम ने पंजाब किंग्स को हराकर अपना पहला आईपीएल खिताब जीता था। पूरे देश और बेंगलुरु में इस जीत का जश्न मनाया जा रहा था, लेकिन इस ऐतिहासिक जीत की खुशी ज्यादा समय तक नहीं टिक सकी। टीम के एक प्रमुख खिलाड़ी यश दयाल से जुड़े एक गंभीर विवाद ने इस शानदार जीत के माहौल को पूरी तरह से बदल दिया।
बाएं हाथ के तेज गेंदबाज यश दयाल, जो आरसीबी के खिताबी अभियान में एक महत्वपूर्ण कड़ी थे, उन पर गंभीर यौन दुराचार के आरोप लगे। इसके बाद फ्रेंचाइजी और खिलाड़ी दोनों को भारी आलोचना का सामना करना पड़ा। इस आलोचना और कानूनी दबाव के चलते आरसीबी ने उन्हें टीम से रिलीज तो नहीं किया, लेकिन आईपीएल 2026 के अभियान के लिए उन्हें मुख्य टीम में शामिल नहीं करने का फैसला किया। इस पूरे घटनाक्रम के बीच, RCB’s Yash Dayal Breaks Silence For First Time After IPL 2026 Snub और उन्होंने इस पूरे विवाद और टीम से अपनी दूरी पर पहली बार खुलकर बात की है।
क्या है यश दयाल से जुड़ा पूरा विवाद?
साल 2025 में यश दयाल के खिलाफ दो बेहद गंभीर कानूनी मामले सामने आए, जिसने क्रिकेट जगत को हिलाकर रख दिया। इन मामलों में यौन शोषण और एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म जैसे बेहद गंभीर आरोप शामिल थे।
- गाजियाबाद में दर्ज प्राथमिकी (FIR): जुलाई 2025 में, एक महिला ने गाजियाबाद में यश दयाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। महिला ने आरोप लगाया था कि खिलाड़ी ने उसका यौन, मानसिक और वित्तीय शोषण किया है। इसके अलावा, उन पर पॉक्सो (POCSO) और नाबालिग से जुड़े कड़े आरोप भी लगाए गए थे।
- जयपुर में दूसरी प्राथमिकी: इसके कुछ ही समय बाद, जयपुर में भी यश दयाल के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज की गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि दयाल ने साल 2023 में उसके साथ मारपीट की थी।
- अग्रिम जमानत याचिका खारिज होना: दिसंबर 2025 में, जयपुर की एक विशेष पॉक्सो (POCSO) अदालत ने यश दयाल की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।
इन कानूनी कार्यवाही और गंभीर आरोपों को देखते हुए, आरसीबी फ्रेंचाइजी ने खुद को विवादों से दूर रखने का फैसला किया। इसी वजह से उन्हें मौजूदा आईपीएल 2026 सीजन की टीम में शामिल नहीं किया गया था।
RCB’s Yash Dayal Breaks Silence For First Time After IPL 2026 Snub: यश दयाल ने क्या कहा?
लंबे समय तक इस मामले पर मौन रहने के बाद, यश दयाल ने आखिरकार आरसीबी के फैसले और टीम में अपनी स्थिति पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि वह इस बात से खुश हैं कि फ्रेंचाइजी ने उन्हें पूरी तरह से टीम से बाहर या रिलीज नहीं किया है। वह अभी भी खुद को आरसीबी परिवार का हिस्सा मानते हैं।
यश दयाल ने एक बयान में कहा:
“वह मेरी टीम है, और सबसे बड़ी बात यह है कि उन्होंने मुझे टीम से बाहर नहीं किया है। उन्होंने मुझे रिटेन किया और मेरे रिप्लेसमेंट की घोषणा भी नहीं की। वे मानते हैं कि मैं टीम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हूं। इस सीजन से बाहर रहने का फैसला मेरा व्यक्तिगत फैसला नहीं था। यह निर्णय अधिकारियों द्वारा लिया गया था, इसलिए मुझे नहीं पता कि आरसीबी ने मुझे क्यों नहीं खिलाया। लेकिन अब मैं इस विवाद के बारे में और बात नहीं करना चाहता।”
दयाल के इस बयान से साफ है कि वह फ्रेंचाइजी के प्रति आभारी हैं कि उन्होंने उनके स्थान पर किसी अन्य खिलाड़ी को टीम में शामिल नहीं किया, जो यह दर्शाता है कि टीम अभी भी उन पर भरोसा रखती है, बशर्ते वे कानूनी मामलों से बरी हो जाएं।
यश दयाल का आईपीएल सफर: फर्श से अर्श तक की कहानी
यश दयाल का आईपीएल करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। साल 2022 में आईपीएल में डेब्यू करने वाले इस गेंदबाज को साल 2023 में अपने करियर के सबसे बड़े झटके का सामना करना पड़ा था। गुजरात टाइटंस (GT) की ओर से खेलते हुए कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ मैच में रिंकू सिंह ने उनके एक ही ओवर में लगातार पांच छक्के जड़कर मैच छीन लिया था।
उस मैच के बाद ऐसा लग रहा था कि यश दयाल का आईपीएल करियर समाप्त हो चुका है। उनका आत्मविश्वास पूरी तरह से डगमगा गया था। लेकिन अगले ऑक्शन में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने उन पर भरोसा जताया और अपनी टीम में शामिल किया। दयाल ने इस भरोसे का मान रखा और आरसीबी के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए 14 मैचों में 15 विकेट चटकाए और टीम को प्लेऑफ तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
इसके बाद, आरसीबी के खिताब जीतने वाले सीजन (2025) में भी इस बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 विकेट लिए और टीम की ऐतिहासिक सफलता में बड़ा योगदान दिया। लेकिन आईपीएल 2026 की शुरुआत से पहले कानूनी विवादों के कारण उन्हें टीम की मुख्य लाइनअप से दूर होना पड़ा, क्योंकि उन्हें अभी तक अदालतों से क्लीन चिट नहीं मिली है।
क्या आरसीबी का यह फैसला सही था?
एक पेशेवर खेल फ्रेंचाइजी के रूप में, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का यह फैसला पूरी तरह से तार्किक और सही प्रतीत होता है। जब कोई खिलाड़ी इतने गंभीर कानूनी मुकदमों और कोर्ट ट्रायल का सामना कर रहा हो, तो उसे मैदान पर उतारने से टीम की छवि पर गहरा असर पड़ सकता था। आरसीबी जानती थी कि यश दयाल को खिलाने से उन्हें भारी सार्वजनिक और मीडिया आलोचना का सामना करना पड़ेगा, इसलिए उन्होंने खिलाड़ी को मुख्य टीम से दूर रखना ही बेहतर समझा।
हालांकि, आरसीबी ने उन्हें रिलीज न करके और उनका रिप्लेसमेंट घोषित न करके एक मानवीय दृष्टिकोण भी अपनाया है। यदि भविष्य में यश दयाल इन सभी आरोपों से पूरी तरह निर्दोष साबित होते हैं और उन्हें कोर्ट से क्लीन चिट मिल जाती है, तो आरसीबी को निश्चित रूप से इस प्रतिभाशाली गेंदबाज का टीम में खुले दिल से स्वागत करना चाहिए और उन्हें दोबारा मैदान पर उतरने का मौका देना चाहिए। तब तक, फैंस और क्रिकेट जगत को इस मामले में कानूनी फैसले का इंतजार करना होगा।