विराट कोहली ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप खेलने पर तोड़ी चुप्पी: आलोचकों और चयनकर्ताओं को दिया करारा जवाब
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विराट कोहली का बड़ा खुलासा: 2027 विश्व कप में खेलने की जताई इच्छा
भारतीय क्रिकेट के रन-मशीन कहे जाने वाले विराट कोहली ने अपने भविष्य को लेकर जारी तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है। कोहली ने स्पष्ट किया है कि उनमें अभी भी देश के लिए खेलने और जीतने का जज्बा बरकरार है। 2027 का वनडे विश्व कप, जो दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया और जिम्बाब्वे की संयुक्त मेजबानी में खेला जाना है, कोहली के करियर का अगला बड़ा लक्ष्य है।
कोहली ने अपनी इस इच्छा को साझा करते हुए कहा कि वे खेल के प्रति अपने अटूट प्रेम के कारण ही आज भी मैदान पर उतरते हैं। एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में जिसने अपने करियर में लगभग हर बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है—चाहे वह 50 ओवर का विश्व कप हो, टी20 विश्व कप हो, दो आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी हो या रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ आईपीएल का खिताब—कोहली का खेल के प्रति यह समर्पण काबिले तारीफ है।
चयनकर्ताओं और आलोचकों को कोहली का स्पष्ट संदेश
भले ही कोहली का लक्ष्य स्पष्ट है, लेकिन भारतीय चयन समिति के प्रमुख अजीत अगरकर और मुख्य कोच गौतम गंभीर ने आगामी विश्व कप के लिए कोहली की जगह को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इस अनिश्चितता पर कोहली ने अपनी राय बेबाकी से रखी है।
कोहली ने कहा, “हम अभी 2026 के मध्य में हैं और 2027 वनडे विश्व कप में अभी समय है। मुझसे कई बार पूछा गया है कि क्या मैं 2027 में खेलना चाहता हूँ। मैं अपना घर छोड़कर उन चीजों के पीछे क्यों भागूंगा जिनमें मेरी रुचि नहीं है? मैं खेल रहा हूं क्योंकि मैं भारत के लिए खेलना चाहता हूं और मैं विश्व कप का हिस्सा बनना चाहता हूं।”
‘खुद को साबित करने’ की शर्त पर कोहली की दो-टूक
विराट कोहली ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण बिंदु उठाया कि इस स्तर पर पहुंचने के बाद उन्हें बार-बार खुद को साबित करने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर मैं टीम के लिए कोई मूल्य (Value) जोड़ सकता हूं और टीम को लगता है कि मैं योगदान दे सकता हूं, तो मैं तैयार हूं। लेकिन अगर मुझे अब खुद को साबित करने के लिए मजबूर किया जाता है, तो मैं उस स्थिति में नहीं रहना चाहता। मैं अपनी तैयारियों और दृष्टिकोण को लेकर हमेशा ईमानदार रहा हूं। मैं अपना सिर झुकाकर कड़ी मेहनत करता हूं और भगवान का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझे क्रिकेट करियर में सब कुछ दिया है।”
शानदार फॉर्म और फिटनेस का प्रमाण
स्रोत के अनुसार, कोहली ने अब टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है और वे केवल वनडे और आईपीएल में अपनी चमक बिखेर रहे हैं। लंबे ब्रेक के बाद भी कोहली की बल्लेबाजी में कोई जंग नहीं दिखी है। उनके हालिया आंकड़े उनके कौशल की गवाही देते हैं:
- कुल मैच: 7
- शतक: 3
- अर्धशतक: 3
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि कोहली न केवल तकनीकी रूप से सक्षम हैं, बल्कि उनकी रन बनाने की भूख आज भी पहले जैसी ही है। वे मैदान पर आज भी एक बच्चे की तरह ऊर्जावान नजर आते हैं, डाइव लगाते हैं और विरोधियों से लोहा लेते हैं।
कार्यस्थल और भरोसे का उदाहरण
कोहली ने अपने ऊपर उठने वाले सवालों को एक कार्यस्थल के उदाहरण से समझाया। उन्होंने कहा, “अगर आप अपने कार्यस्थल पर जाते हैं और आपसे कहा जाता है कि हमें आप पर भरोसा है, लेकिन एक हफ्ते बाद ही वे आपके तरीकों पर सवाल उठाने लगें, तो इससे भ्रम पैदा होता है। या तो मुझे बताएं कि मैं पर्याप्त अच्छा नहीं हूं, लेकिन अगर आप मानते हैं कि मैं हूं, तो मेरा समर्थन करें। आप अपना रुख नहीं बदल सकते। प्रदर्शन की कभी गारंटी नहीं दी जा सकती, लेकिन प्रयासों और प्रतिबद्धता के बारे में आप हमेशा आश्वस्त रह सकते हैं।”
तैयारी और जीवनशैली: क्रिकेट से परे समर्पण
विराट कोहली की सफलता का राज उनकी अनुशासनपूर्ण जीवनशैली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी विशेष सीरीज के लिए अचानक मेहनत शुरू नहीं करते, बल्कि वह पूरे साल फिटनेस, आहार और अनुशासन पर ध्यान देते हैं।
उन्होंने अंत में कहा, “जब मैं खेलने आता हूं, तो अपना सर्वश्रेष्ठ देता हूं। अगर मुझे वनडे में 40 ओवर तक दौड़ना पड़े, तो मैं शिकायत नहीं करूंगा क्योंकि मैं उसके लिए तैयार हूं। मैं हर गेंद का सामना ऐसे करता हूं जैसे वह मेरे करियर की आखिरी गेंद हो। मैं केवल क्रिकेट के लिए ही ऐसा नहीं करता, बल्कि मुझे इस तरह से जीना पसंद है।”
अब यह तो समय ही बताएगा कि क्या भारतीय क्रिकेट का यह दिग्गज दक्षिण अफ्रीका की धरती पर 2027 के विश्व कप में एक्शन में नजर आएगा या नहीं, लेकिन कोहली के शब्दों ने यह साफ कर दिया है कि उनके भीतर की आग अभी ठंडी नहीं हुई है।