“Those runs hold no value” – Vaibhav Sooryavanshi opens up on missing the fastes – IPL 2026: वैभव सूर्यवंशी का बड़ा बयान, शतक से चूकने पर बोले- टीम की जीत ही सर्वोपरि
IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी का जलवा
आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलने वाले 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी बल्लेबाजी से हर किसी को प्रभावित किया है। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेले गए मैच में वैभव ने मात्र 29 गेंदों पर 97 रनों की विस्फोटक पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 5 चौके और 12 छक्के जड़े। हालांकि, वह आईपीएल इतिहास का सबसे तेज शतक लगाने के रिकॉर्ड से महज तीन रन दूर रह गए, लेकिन उनका इरादा और सोच किसी अनुभवी खिलाड़ी से कम नहीं थी।
व्यक्तिगत रिकॉर्ड से ऊपर टीम की जीत
मैच के बाद जब वैभव से शतक से चूकने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही परिपक्व जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धि से ज्यादा टीम की जीत महत्वपूर्ण है। वैभव ने बताया कि उन्हें बचपन से ही उनके पिता ने यही सिखाया है।
वैभव ने कहा, ‘मेरे पिता हमेशा कहते थे कि यदि आप शतक, दोहरा शतक या तिहरा शतक भी बना लें, लेकिन आपकी टीम वह मैच न जीत सके, तो उन रनों का कोई मूल्य नहीं होता। वे केवल आपके रिकॉर्ड के लिए होते हैं, लेकिन उनसे टीम को कोई लाभ नहीं मिलता। क्रिकेट अंततः एक टीम गेम है। इसलिए, यदि मैं शतक बनाने के बजाय 80 रन बनाता हूं और मेरी टीम जीत जाती है, तो वह 80 रन मेरे लिए शतक से अधिक मायने रखते हैं।’
टूर्नामेंट में आगे बढ़ने का लक्ष्य
वैभव का मानना है कि यदि टीम टूर्नामेंट में आगे बढ़ती है, तो उन्हें व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाने के मौके खुद-ब-खुद मिलते रहेंगे। उन्होंने कहा, ‘जितना लंबा मेरी टीम टूर्नामेंट में बनी रहेगी, उतना ही मुझे शतक बनाने और अपने रिकॉर्ड तोड़ने का मौका मिलेगा। यह मेरे और टीम दोनों के लिए फायदेमंद है।’
शानदार रहा है आईपीएल 2026 सीजन
15 वर्षीय इस युवा बल्लेबाज का आईपीएल 2026 का सफर बेहद शानदार रहा है। उन्होंने 15 पारियों में 45.33 की औसत और 242.85 के स्ट्राइक रेट से 680 रन बनाए हैं। इस सीजन में उन्होंने एक शतक और चार अर्धशतक जड़े हैं। उन्होंने केवल 280 गेंदों का सामना करते हुए 55 चौके और 65 छक्के लगाए हैं, जो उनकी आक्रामक शैली को दर्शाता है।
क्वालीफायर 2 के लिए तैयार राजस्थान रॉयल्स
राजस्थान रॉयल्स की टीम अब क्वालीफायर 2 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ आमने-सामने होगी। इस मुकाबले के विजेता को फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का सामना करना होगा। इस बड़े मुकाबले से पहले वैभव पूरी तरह से शांत और सकारात्मक हैं।
वैभव ने अपनी रणनीति पर बात करते हुए कहा, ‘हम एक अच्छी मानसिकता और सकारात्मक इरादे के साथ मैदान पर उतरना चाहते हैं। हम वही करना जारी रखेंगे जो हमने पूरे टूर्नामेंट में किया है। हमें खेल का आनंद लेना है, बड़े मैच का दबाव नहीं लेना है और अपनी ताकत पर भरोसा रखना है। एक टीम के रूप में, हम फाइनल तक पहुंचना चाहते हैं और उम्मीद है कि ट्रॉफी भी उठाएंगे।’
आक्रामक खेल जारी रखने का संकल्प
एलिमिनेटर मैच में वैभव ने दिखाया कि वह दबाव में भी अपने आक्रामक खेल से समझौता नहीं करते। जब उन्हें शतक पूरा करने के लिए केवल एक बाउंड्री की जरूरत थी, तब भी उन्होंने प्रफुल्ल हिंगे की गेंद पर आक्रामक शॉट खेलने का फैसला किया और डीप थर्ड मैन पर कैच आउट हो गए। यह दर्शाता है कि वे रिकॉर्ड के पीछे भागने के बजाय टीम के लिए तेजी से रन बनाने पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
उनकी यह निडरता और टीम-प्रथम मानसिकता ही उन्हें अन्य युवा खिलाड़ियों से अलग बनाती है। क्रिकेट जगत की नजरें अब इस युवा सितारे पर टिकी हैं कि वे क्वालीफायर 2 में कैसा प्रदर्शन करते हैं।