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‘Every team prepares pitches that suit them’ – Shaheen defends Pakistan pitches

Arsalan Qureshi · · 1 min read
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पिच विवाद पर शाहीन अफरीदी का स्पष्ट रुख

पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच हाल ही में संपन्न हुई तीन मैचों की ओडीआई सीरीज क्रिकेट प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बनी रही। इस सीरीज का मुख्य आकर्षण मैदान पर खेले गए खेल से कहीं ज्यादा वे पिचेस थीं, जिन पर मैच आयोजित किए गए थे। रावलपिंडी और लाहौर में पाकिस्तान ने स्पिन के अनुकूल ‘स्क्वायर-टर्नर’ पिचों का इस्तेमाल किया, जिसका उद्देश्य मेहमान टीम के खिलाफ अपनी घरेलू परिस्थितियों का अधिकतम लाभ उठाना था।

‘Every team prepares pitches that suit them’ – Shaheen defends Pakistan pitches के अपने बयान के जरिए कप्तान शाहीन शाह अफरीदी ने इस रणनीति का पुरजोर समर्थन किया है। सीरीज का परिणाम पाकिस्तान के पक्ष में 2-1 रहा, लेकिन इस जीत के बाद देश भर में यह बहस छिड़ गई कि क्या ऐसी पिचों पर खेलकर पाकिस्तान वास्तव में अगले साल होने वाले ओडीआई वर्ल्ड कप की तैयारी कर रहा है। आगामी वर्ल्ड कप दक्षिणी अफ्रीका में होने वाला है, जहां परिस्थितियां तेज गेंदबाजों के लिए अधिक अनुकूल होने की उम्मीद है।

रणनीति का बचाव और भविष्य की तैयारी

माइक हेसन ने भी रावलपिंडी की पिच का बचाव करते हुए कहा था कि दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया के सभी वेन्यू पर उछाल वाली पिचें नहीं होतीं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शाहीन अफरीदी ने कहा, ‘वर्ल्ड कप में अभी 15 महीने का समय है। हर टीम अपने घरेलू मैदान पर जीत हासिल करने के लिए अपनी सुविधा के अनुसार पिच तैयार करती है। हमने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मोहम्मद रिजवान की कप्तानी में हरी और उछाल वाली पिचों पर सीरीज जीती थी। हम ऑस्ट्रेलिया को यहां भी वैसी ही पिचें नहीं दे सकते क्योंकि हमें मैच जीतना है।’

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शाहीन ने आगे स्पष्ट किया कि यह कठिन विकेट थे और इन पर रन बनाना आसान नहीं था। उन्होंने आश्वासन दिया कि वर्ल्ड कप से पहले पाकिस्तान विभिन्न प्रकार की पिचों पर खेलकर अपनी तैयारियों को पुख्ता करेगा।

युवा प्रतिभाओं और अनुभवी खिलाड़ियों का संगम

पाकिस्तान क्रिकेट का थिंक-टैंक 2027 वर्ल्ड कप से पहले एक मजबूत प्लेयर पूल तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसी क्रम में अराफात मिन्हास ने अपने ओडीआई करियर की शानदार शुरुआत की। उन्होंने अपने पहले ही मैच में पांच विकेट लेकर इतिहास रच दिया और प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब अपने नाम किया।

सीरीज में शादाब खान की वापसी भी चर्चा का केंद्र रही। हालांकि वे शुरुआती दो मैचों में महंगे साबित हुए, लेकिन उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से परिपक्वता दिखाई। दूसरे वनडे में 71 रनों की महत्वपूर्ण पारी और अंतिम मैच में 29 रनों की नाबाद पारी खेलकर शादाब ने अपनी उपयोगिता सिद्ध की। शाहीन ने शादाब की तारीफ करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में केवल परिपक्व खिलाड़ी ही टीम को जीत दिला सकते हैं।

आगे का रास्ता

पाकिस्तान टीम अब अगले डेढ़ महीने के ब्रेक पर है। इसके बाद टीम को वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के खिलाफ महत्वपूर्ण टेस्ट सीरीज खेलनी है। इसके बाद अक्टूबर-नवंबर के आसपास श्रीलंका के खिलाफ घरेलू सीरीज का कार्यक्रम है, जहां टीम अपनी सफेद गेंद की रणनीतियों को और अधिक निखारने का प्रयास करेगी।

कुल मिलाकर, शाहीन अफरीदी का यह रुख स्पष्ट करता है कि जीत के लिए घरेलू परिस्थितियों का उपयोग करना किसी भी टीम का अधिकार है, बशर्ते लंबी अवधि के लक्ष्य यानी वर्ल्ड कप की तैयारी में कोई कोताही न बरती जाए। क्रिकेट प्रशंसक अब यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि क्या आने वाले महीनों में पाकिस्तान वास्तव में अलग-अलग परिस्थितियों में खुद को ढालने में सफल होता है या नहीं।

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Arsalan Qureshi

Arsalan Qureshi is one of Pakistan’s most distinctive cricket voices, serving as a senior analyst and bilingual commentator for Geo Super and a columnist for The News International. A Karachi native and graduate of the University of Karachi, Qureshi spent his early years absorbing the city’s famous fast-bowling culture before turning to the microphone. Known for his intricate breakdowns of reverse swing mechanics and his uncompromising, conversational tone, he resonates equally with Test-match purists and PSL fans. He has called multiple editions of the Pakistan Super League, bilateral series against England and Australia, and was part of the official commentary team for the 2023 Asia Cup. His columns and on-air segments are defined by a rare balance of old-school Karachi candour and modern analytical rigour.