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Sachin Tendulkar suggests radical changes to make IPL competitive

Nusrat Jahan · · 1 min read
sachin tendulkar 2026 05 31 16 05 33

सचिन तेंदुलकर ने आईपीएल में बदलाव की वकालत की

क्रिकेट की दुनिया के भगवान माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने हाल ही में ईएसपीएन क्रिकइन्फो अवार्ड शो के दौरान भारतीय क्रिकेट और आईपीएल के भविष्य पर अपनी राय रखी। मास्टर ब्लास्टर के नाम से मशहूर तेंदुलकर ने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं, जिनका उद्देश्य टूर्नामेंट की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि Sachin Tendulkar suggests radical changes to make IPL competitive और इसके लिए उन्होंने खेल के मौजूदा नियमों में बदलाव की मांग की है।

इंपैक्ट प्लेयर नियम को हटाने की मांग

सचिन तेंदुलकर का सबसे प्रमुख सुझाव ‘इंपैक्ट प्लेयर’ नियम को लेकर है। उन्होंने खुलकर कहा है कि इस नियम को पूरी तरह से समाप्त कर देना चाहिए। तेंदुलकर के अनुसार, टी20 प्रारूप में जब केवल 20 ओवर का खेल होता है, तो 12वें खिलाड़ी को शामिल करने से संतुलन बिगड़ जाता है। उन्होंने तर्क दिया कि अतिरिक्त बल्लेबाज को शामिल करने से खेल एकतरफा हो सकता है। यह चिंता केवल सचिन की नहीं है, बल्कि अक्षर पटेल जैसे कई खिलाड़ी भी पहले ही इस नियम के प्रति अपनी असहमति जता चुके हैं। उनका मानना है कि इस नियम से ऑलराउंडरों की भूमिका कम हो गई है, जो खेल की खूबसूरती को प्रभावित करता है।

पावरप्ले के नियमों में बदलाव का प्रस्ताव

तेंदुलकर ने आईपीएल के पावरप्ले नियमों में भी बदलाव का सुझाव दिया है। वर्तमान में पावरप्ले के ओवर निश्चित होते हैं, लेकिन सचिन का मानना है कि इसे अधिक गतिशील बनाया जा सकता है। उन्होंने प्रस्ताव दिया है कि बल्लेबाजी टीम के लिए चार ओवर का पावरप्ले होना चाहिए, जिसमें केवल दो फील्डर घेरे के बाहर हों। इसके बाद, शेष दो पावरप्ले ओवरों को खेल के दौरान किसी भी समय लिया जा सकता है, जिसका निर्णय क्षेत्ररक्षण करने वाली टीम के कप्तान द्वारा लिया जाएगा, जिसमें तीन फील्डर घेरे के बाहर होंगे। यह सुझाव खेल में रणनीतिक गहराई जोड़ने के उद्देश्य से दिया गया है।

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गेंदबाजों के लिए अतिरिक्त ओवर

गेंदबाजों के महत्व को रेखांकित करते हुए, सचिन तेंदुलकर ने एक और क्रांतिकारी सुझाव दिया है कि एक गेंदबाज को अपने कोटे के चार के बजाय पांच ओवर फेंकने की अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि प्रशंसक हमेशा सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों को गेंदबाजी करते देखना चाहते हैं, तो फिर उन्हें एक अतिरिक्त ओवर क्यों नहीं दिया जा सकता? तेंदुलकर के अनुसार, जब शीर्ष बल्लेबाज पूरी 20 ओवर की पारी में बल्लेबाजी कर सकते हैं, तो एक अच्छे गेंदबाज को भी अतिरिक्त जिम्मेदारी और मौका मिलना चाहिए।

क्रिकेट के भविष्य पर एक सकारात्मक नजरिया

सचिन के ये सुझाव न केवल खेल के तकनीकी पहलुओं को बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं, बल्कि वे यह भी सुनिश्चित करना चाहते हैं कि बल्लेबाजी और गेंदबाजी के बीच का संतुलन बना रहे। उनकी बातों में खेल के प्रति गहरा सम्मान और जुनून झलकता है। हालांकि, ये सुझाव अभी केवल सुझाव ही हैं, लेकिन क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच इन पर चर्चा तेज हो गई है। क्या बीसीसीआई इन बदलावों पर विचार करेगा? यह भविष्य के गर्भ में है, लेकिन यह स्पष्ट है कि खेल को बेहतर बनाने के लिए निरंतर सुधार और चर्चा की आवश्यकता हमेशा बनी रहती है।

निष्कर्ष के तौर पर कहा जाए तो सचिन का विजन स्पष्ट है: खेल को अधिक कौशल-आधारित बनाना और ऐसे नियमों को हटाना जो खेल के मूल संतुलन को बिगाड़ते हैं। उनके विचारों ने खेल प्रेमियों और क्रिकेट पंडितों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हम वास्तव में एक अधिक प्रतिस्पर्धी और निष्पक्ष आईपीएल देखने के लिए तैयार हैं।

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Nusrat Jahan

Nusrat Jahan is a senior cricket journalist for Prothom Alo English and a familiar face on T Sports, Bangladesh's leading sports broadcaster. A graduate of the University of Dhaka, she has been at the forefront of covering Bangladesh women's cricket, from their historic Asia Cup triumph to their growing presence in ICC global events. Her reporting goes beyond match scores to illuminate the systemic challenges facing female cricketers in South Asia, the rise of private investment in women’s sport, and the power of grassroots cricket in rural Bangladesh. Jahan is also a passionate advocate for gender-inclusive sports media and regularly conducts workshops for aspiring young female journalists. Her commentary style blends tactical insight with human-interest storytelling, making her a trusted voice for both traditional audiences and the new generation of cricket fans.