Latest Cricket News

“Not working”: Former MI head coach urged Rishabh Pant to give up leadership rol

Chamari Athapaththu · · 1 min read
your paragraph text 2026 04 20t000329 659 1

ऋषभ पंत का संघर्ष: क्या कप्तानी उनके करियर पर भारी पड़ रही है?

आईपीएल 2026 का सीजन लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) और उनके कप्तान ऋषभ पंत के लिए बेहद निराशाजनक रहा है। लगातार दो सीज़न में टीम के खराब प्रदर्शन के बाद, अब क्रिकेट जगत में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या पंत को कप्तानी छोड़ देनी चाहिए। इस बीच, पूर्व दक्षिण अफ्रीकी विकेटकीपर और मुंबई इंडियंस के पूर्व कोच मार्क बाउचर ने एक तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि “Not working”: Former MI head coach urged Rishabh Pant to give up leadership rol ताकि वह एक बल्लेबाज के रूप में अपनी पुरानी लय हासिल कर सकें।

आंकड़ों की जुबानी: पंत का फॉर्म और टीम की नाकामी

ऋषभ पंत को संजीव गोयनका ने रिकॉर्ड 27 करोड़ रुपये में टीम में शामिल किया था। उम्मीद थी कि वह न केवल टीम का नेतृत्व करेंगे बल्कि अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से भी मैच जिताएंगे। हालांकि, आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां करते हैं। इस सीजन में 14 मैचों में उन्होंने 312 रन बनाए, जिसका स्ट्राइक रेट 138 रहा। यह पिछले सीजन से थोड़ा बेहतर जरूर है, लेकिन एक ऐसे खिलाड़ी के लिए यह प्रदर्शन काफी नहीं है जिससे विश्व स्तरीय होने की उम्मीद की जाती है। लखनऊ की टीम इस सीजन में अंक तालिका में सबसे निचले पायदान पर रही, जो उनकी विफलता को दर्शाता है।

मार्क बाउचर की कड़ी सलाह

ESPNcricinfo Timeout के दौरान बात करते हुए मार्क बाउचर ने कहा कि पंत की कप्तानी और उनका बल्लेबाजी प्रदर्शन आपस में तालमेल नहीं बिठा पा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘हम पिछले कुछ सीज़न से देख रहे हैं कि ऋषभ पंत वह प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं जिसकी उनसे अपेक्षा है। हर कोई ऋषभ पंत जैसा नहीं होता। कुछ खिलाड़ियों को सही ढंग से तैयारी की जरूरत होती है। उन्हें अपनी सोच को स्पष्ट रखना होता है।’ बाउचर ने आगे कहा, ‘हम सभी पंत को मैदान के चारों ओर शॉट खेलते देखना चाहते हैं। अगर कप्तानी उनके रास्ते में आ रही है, तो कप्तानी छोड़ देना ही बेहतर है।’

READ:  Mitchell McClenaghan snubs Mitchell Starc, Arshdeep Singh to name IPL's greatest

अंबाती रायडू का दृष्टिकोण

केवल बाउचर ही नहीं, बल्कि पूर्व सीएसके बल्लेबाज अंबाती रायडू ने भी ऋषभ पंत की कप्तानी शैली पर सवाल उठाए हैं। रायडू का मानना है कि पंत एक सहज खिलाड़ी हैं और उन्हें अपनी स्वाभाविक शैली में खेलने की आजादी मिलनी चाहिए। रायडू ने कहा, ‘जो व्यक्ति हमेशा अपनी वृत्ति (instinct) पर भरोसा करता है, उसके लिए हर चीज को व्यवस्थित करना मुश्किल होता है। या तो आप उन्हें कप्तानी दें और उन्हें वैसे ही रहने दें जैसे वे हैं, या फिर उन्हें कप्तानी न दें।’ उन्होंने जोर देकर कहा कि पंत रातों-रात अपना व्यक्तित्व नहीं बदल सकते, इसलिए बेहतर यही है कि वे दबाव मुक्त होकर खेलें।

क्या है आगे की राह?

लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए पंत का सफर अब तक काफी कठिन रहा है। पिछले दो वर्षों में 28 मैचों में कप्तानी करते हुए उन्होंने केवल 10 जीत हासिल की हैं, जिसका जीत प्रतिशत 35.71 है। यह आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि नेतृत्व का भार उनके व्यक्तिगत खेल को प्रभावित कर रहा है। यदि पंत को भारतीय क्रिकेट में एक बल्लेबाज के तौर पर अपनी चमक वापस पानी है, तो उन्हें संभवतः उन कठिन निर्णयों को लेना होगा जो उनके करियर के पुनरुद्धार के लिए आवश्यक हैं।

  • आईपीएल 2026 में पंत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है।
  • मार्क बाउचर का मानना है कि कप्तानी से मुक्त होना पंत के लिए फायदेमंद हो सकता है।
  • अंबाती रायडू ने पंत की स्वाभाविक बल्लेबाजी शैली का समर्थन किया है।
  • लखनऊ सुपर जायंट्स अंक तालिका में सबसे नीचे रही।
READ:  Sourav Ganguly rules Vaibhav Sooryavanshi out of Test cricket - सौरव गांगुली की वैभव सूर्यवंशी को सलाह: T20 के लिए तैयार, टेस्ट क्रिकेट में अभी इंतज़ार

अंत में, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ऋषभ पंत भविष्य में एक खिलाड़ी के रूप में अपनी भूमिका पर फिर से विचार करते हैं या नहीं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वह अपनी कप्तानी की जिम्मेदारियों से मुक्त होते हैं, तो वह फिर से दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में से एक बन सकते हैं।

Chamari Athapaththu

Chamari Athapaththu is a prominent Sri Lankan cricket analyst, bilingual commentator, and features writer for ThePapare.com. With an intimate understanding of the women’s game — from the pressures of international captaincy to the intricacies of franchise cricket — she offers a rare, player-informed perspective in her analysis. After representing Sri Lanka at youth level and retiring early due to injury, Athapaththu transitioned into sports media, where she has become a leading voice on women’s cricket in South Asia. She has covered ICC Women’s World Cups, the Women’s Premier League, and the Women’s Big Bash League, and is a regular face on Sri Lanka Rupavahini’s cricket broadcasts, delivering sharp, empathetic commentary in both Sinhala and English.