Patidar: Mindset is the same as last year’s final – आरसीबी की खिताबी जंग
आरसीबी की खिताबी तैयारी: रजत पाटीदार का नजरिया
आईपीएल 2026 का फाइनल मुकाबला दस्तक दे चुका है और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) एक बार फिर इतिहास रचने के करीब है। टीम के कप्तान रजत पाटीदार इस बड़े मुकाबले को लेकर काफी शांत और संयमित नजर आ रहे हैं। अहमदाबाद में ट्रेनिंग सेशन के दौरान पाटीदार ने स्पष्ट किया कि उनके लिए यह फाइनल कोई विरासत तय करने वाला पल नहीं है, बल्कि यह एक और अवसर है जिसे टीम पूरी मेहनत से भुनाना चाहती है।
दबाव से दूर, वर्तमान में विश्वास
जब पाटीदार से उनकी कप्तानी और भारतीय टीम में चयन की संभावनाओं के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही पेशेवर अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘मैंने कभी नहीं सोचा कि मुझसे पहले के कप्तानों ने क्या किया है या मुझे किसी के साथ प्रतिस्पर्धा करनी है। मेरा सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है, लेकिन मेरा ध्यान हमेशा वर्तमान क्षण पर रहता है। हम सिर्फ अपना सर्वश्रेष्ठ देने पर केंद्रित हैं।’
नेतृत्व और टीम का समर्थन
2025 में अपना पहला सीजन जीत चुके पाटीदार का मानना है कि कप्तानी के दबाव ने उन्हें बदला नहीं है। उन्होंने कहा, ‘प्रबंधन और वरिष्ठ खिलाड़ियों ने मुझे हमेशा खुद को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया है। मुझे किसी और की तरह बनने की जरूरत नहीं है। टीम का समर्थन मुझे अपने जोन में रहने में मदद करता है।’
Patidar: Mindset is the same as last year’s final
फाइनल में उतरने की रणनीति पर चर्चा करते हुए पाटीदार ने कहा, ‘Patidar: Mindset is the same as last year’s final। हम खुद को डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में नहीं देख रहे हैं। पिछले साल जो हुआ वह बीत चुका है। यह एक नया सीजन है और हमारे लिए यह एक नई चुनौती है। हमारी सोच यही है कि हमें एक और खिताब जीतना है।’
युवा खिलाड़ियों को जिम्मेदारी सौंपना
पाटीदार की कप्तानी की एक बड़ी खूबी यह है कि वे युवा खिलाड़ियों को कैसे प्रेरित करते हैं। 2021 में अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं युवा खिलाड़ियों के साथ समय बिताता हूँ। मैं उन्हें बताता हूँ कि वे यहाँ अपनी योग्यता के दम पर हैं। उन्हें बड़े खिलाड़ियों या ड्रेसिंग रूम के माहौल से डरने की जरूरत नहीं है। अपनी ताकत पर भरोसा करना ही सफलता की कुंजी है।’
रसीख डार का शानदार प्रदर्शन
टीम के युवा गेंदबाज रसीख डार की प्रशंसा करते हुए पाटीदार ने कहा, ‘गेंदबाजी में रसीख का योगदान अविश्वसनीय रहा है। यश दयाल की अनुपस्थिति में उन्होंने जिम्मेदारी बखूबी निभाई है। भुवनेश्वर और हेज़लवुड जैसे दिग्गज गेंदबाजों के साथ मिलकर रसीख ने जिस तरह से विकेट चटकाए हैं, उससे पूरी टीम का काम आसान हो गया है। यह पूरी तरह से एक सामूहिक प्रयास है।’
आरसीबी की बदलती संस्कृति
आरसीबी के पिछले छह सीजन में पांच बार प्लेऑफ में पहुंचने के पीछे के कारणों पर बात करते हुए पाटीदार ने ‘जिम्मेदारी’ को सबसे महत्वपूर्ण शब्द बताया। उन्होंने कहा, ‘अब हर खिलाड़ी बल्लेबाजी हो या गेंदबाजी, अपनी जिम्मेदारी समझता है। हम सिर्फ प्लेऑफ में पहुंचने के लिए नहीं खेलते; हमारा लक्ष्य फाइनल खेलना और उन्हें जीतना है। इसी मानसिकता ने हमारी टीम को एक अलग स्तर पर खड़ा किया है।’
अंत में, पाटीदार का यह शांत व्यक्तित्व और टीम के प्रति उनका नजरिया आरसीबी के प्रशंसकों के लिए निश्चित रूप से विश्वास जगाने वाला है। क्रिकेट प्रेमी अब रविवार का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, यह देखने के लिए कि क्या पाटीदार की सेना एक बार फिर ट्रॉफी के साथ घर लौटेगी।