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Mehidy confident of taking on Australia on green-tinged pitch: बांग्लादेश-ऑस्ट्रेलिया सीरीज से पहले बड़ा बयान

Nusrat Jahan · · 1 min read
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मीरपुर की पिच में बड़ा बदलाव: धीमी टर्नर से हरी पिच की ओर बांग्लादेश

जैसे ही शेर-ए-बांग्ला नेशनल स्टेडियम के मुख्य स्क्वायर से कवर हटाए गए, बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहले वनडे मुकाबले के लिए घास से ढकी हुई एक हरी-भरी पिच सामने आई। यह बदलाव बांग्लादेशी क्रिकेट के पारंपरिक दृष्टिकोण में एक बड़े बदलाव का संकेत देता है। कप्तान मेहदी हसन मिराज ने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश की टीम अब स्पिनरों की मदद के लिए सूखी और धीमी पिचें बनाने की रणनीति से आगे बढ़ चुकी है।

बांग्लादेशी टीम प्रबंधन का मानना है कि अधिक खेल अनुकूल (स्पोर्टिंग) पिचों पर खेलने से उनके बल्लेबाजों का आत्मविश्वास बढ़ेगा। इस नए दृष्टिकोण का मुख्य कारण हाल ही में ढाका की अच्छी विकेटों पर मिली सफलताएं हैं, विशेष रूप से पिछले महीने पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच में मिली शानदार जीत।

मेहदी हसन मिराज ने पिच के बारे में बात करते हुए कहा, “हर कोई सोचता है कि मीरपुर का मतलब केवल एक स्पिनिंग विकेट या खराब विकेट है, लेकिन अब ऐसा नहीं है। मुझे लगता है कि हम मीरपुर में भी अच्छी पिचें तैयार कर सकते हैं। हमने पिछले दो या तीन श्रृंखलाओं में यह देखा है।”

कप्तान ने टीम के भविष्य और आगामी बड़े टूर्नामेंटों को ध्यान में रखते हुए कहा, “हम अच्छी पिचों पर खेलने का प्रयास करेंगे। यदि हम अच्छी पिचों पर मैच जीतने में सफल रहते हैं, हमारे गेंदबाज बेहतरीन गेंदबाजी करते हैं और हमारे बल्लेबाज बड़े रन बनाते हैं, तो अंततः पूरी टीम का आत्मविश्वास बढ़ेगा। चूंकि हमारे सामने वनडे विश्व कप जैसी बड़ी प्रतियोगिता है, इसलिए अच्छे विकेटों पर खेलकर हासिल किया गया आत्मविश्वास टीम के लिए बेहद फायदेमंद होगा।”

ऑस्ट्रेलियाई कप्तान जोश इंगलिस की प्रतिक्रिया और रणनीति

दूसरी तरफ, ऑस्ट्रेलियाई कप्तान जोश इंगलिस ने इस पिच को लेकर अपनी रणनीति साझा की है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई टीम बांग्लादेश की पिछली न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई वनडे श्रृंखला को एक संदर्भ के रूप में उपयोग कर रही है।

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इंगलिस ने कहा, “हमने न्यूजीलैंड श्रृंखला को देखा है जो यहां आयोजित की गई थी। उस समय विकेट पर थोड़ी अधिक घास दिखाई दे रही थी। नई गेंद से गेंदबाजों को मदद मिल रही थी और यह स्पिन के बजाय सीम के अधिक अनुकूल लग रही थी। हम इन सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर मैदान पर उतरेंगे और हम हर तरह की चुनौती के लिए तैयार हैं।”

ऑस्ट्रेलियाई टीम में कुछ वरिष्ठ तेज गेंदबाजों की अनुपस्थिति के बावजूद, इंगलिस को अपनी युवा गेंदबाजी इकाई पर पूरा भरोसा है। उन्होंने नेथन एलिस (Nathan Ellis) की भूमिका को टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। इंगलिस ने कहा, “भले ही हमारे कुछ बड़े खिलाड़ी इस समय टीम का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन जेवियर बार्टलेट, बेन ड्वारशुइस और विशेष रूप से नेथन एलिस जैसे खिलाड़ियों के पास अब इस स्तर पर खेलने का अच्छा अनुभव है।”

उन्होंने आगे कहा, “नेथन हमारी टीम के एक बेहद महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने हर जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है। उनके पास गेंदबाजी में कई तरह की विविधताएं हैं, वे अविश्वसनीय रूप से कुशल हैं और खेल के तीनों चरणों (शुरुआती, मध्य और अंतिम ओवरों) में प्रभावी गेंदबाजी कर सकते हैं। मुझे उम्मीद है कि वे इस श्रृंखला में बहुत बड़ी भूमिका निभाएंगे।”

नाहिद राणा का खौफ और बांग्लादेशी तेज गेंदबाजी का नया चेहरा

ऑस्ट्रेलियाई कप्तान जोश इंगलिस को बांग्लादेश के सबसे रोमांचक और तेज गेंदबाज नाहिद राणा (Nahid Rana) का सामना करने का व्यक्तिगत अनुभव नहीं है, लेकिन वे राणा की फुटेज देखकर उनकी गति से अच्छी तरह वाकिफ हैं। इंगलिस ने स्वीकार किया, “मैंने उन्हें बहुत अधिक खेलते हुए नहीं देखा है, लेकिन मैंने जो भी वीडियो देखे हैं, उससे वह एक बेहद प्रभावशाली और रोमांचक गेंदबाज नजर आते हैं। वह लंबे कद के हैं और काफी तेज गेंदबाजी करते हैं, जो किसी भी बल्लेबाज के लिए एक खतरनाक संयोजन है। उनका सामना करना हमारे लिए कठिन चुनौती होगी।”

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मेहदी हसन मिराज ने नाहिद राणा को वनडे टीम में वापस शामिल करने के फैसले को टीम में जीत की मानसिकता विकसित करने का मुख्य कारण बताया। मिराज ने अपनी कप्तानी के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा, “जब मुझे पहली बार कप्तानी की जिम्मेदारी मिली थी, तब परिस्थितियां काफी चुनौतीपूर्ण थीं। टीम की स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं थी। मैं एक मजबूत टीम संयोजन बनाना चाहता था और हम सभी नाहिद राणा की क्षमता से वाकिफ थे। वह न केवल तेज बल्कि बेहद सटीक गेंदबाजी भी कर सकते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “चूंकि अगला विश्व कप दक्षिण अफ्रीका में होने वाला है, इसलिए हमारी टीम में मजबूत तेज गेंदबाजों का होना अनिवार्य है। इसी विचार के साथ हमने राणा का समर्थन किया और उन्हें आत्मविश्वास के साथ टीम में शामिल किया।”

मध्यक्रम की चिंता और घरेलू क्रिकेट (DPL) का सहारा

बांग्लादेश के लिए इस समय सबसे बड़ी चिंता उनका मध्यक्रम है, जो पिछले 12 महीनों में वनडे प्रारूप में निरंतरता दिखाने में असमर्थ रहा है। हालांकि, मेहदी हसन मिराज को हाल ही में संपन्न ढाका प्रीमियर लीग (DPL) में कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं। तौहीद हृदोय ने इस लीग में 500 से अधिक रन बनाए हैं, जबकि नजमुल हुसैन शंटो और मोसाद्देक हुसैन ने भी बल्ले से शानदार फॉर्म दिखाया है।

मिराज ने बल्लेबाजी संयोजन पर बात करते हुए कहा, “यदि आप अतीत को देखें, तो कई अनुभवी खिलाड़ी इन महत्वपूर्ण स्थानों पर बल्लेबाजी करते थे। स्वाभाविक रूप से, उन खाली जगहों को भरने में थोड़ा समय लगता है। लेकिन मुझे लगता है कि अब हमने खुद को अच्छे से व्यवस्थित कर लिया है। हमारे मध्यक्रम के खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट (DPL) में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी हैं। तौहीद हृदोय, मोसाद्देक हुसैन और लिटन दास सभी इस समय शानदार लय में हैं।”

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मोसाद्देक हुसैन की वापसी और ‘प्रतिद्वंद्विता’ की खबरों पर विराम

चार साल बाद वनडे टीम में वापसी करने वाले मोसाद्देक हुसैन को लेकर बांग्लादेशी कप्तान काफी सकारात्मक हैं। मिराज का मानना है कि मोसाद्देक की सटीक ऑफ-स्पिन गेंदबाजी टीम के गेंदबाजी आक्रमण को एक नया संतुलन प्रदान करेगी। उन्होंने कहा, “जब आपके पास पांच मुख्य गेंदबाजों के साथ एक अतिरिक्त गेंदबाजी विकल्प होता है, तो कप्तान के रूप में आपका आत्मविश्वास काफी बढ़ जाता है। मोसाद्देक ने घरेलू क्रिकेट में खुद को साबित किया है और यदि वे सही क्षेत्रों में गेंदबाजी करते हैं, तो टीम को बहुत फायदा होगा।”

इसके साथ ही मेहदी हसन मिराज ने पिछले साल मुख्य चयनकर्ता गाजी अशरफ हुसैन के उस बयान से उपजे विवाद को भी पूरी तरह से खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि जब तक मिराज टीम में हैं, तब तक मोसाद्देक को बांग्लादेश की टीम में जगह नहीं मिलेगी।

मिराज ने दोनों खिलाड़ियों के बीच किसी भी प्रकार की प्रतिद्वंद्विता की खबरों को खारिज करते हुए कहा, “हम दोनों ने बांग्लादेश के लिए कई वर्षों तक एक साथ क्रिकेट खेला है (लगभग 39 मैच)। हमने 2019 का विश्व कप भी साथ खेला था। इसलिए मुझे नहीं लगता कि यह स्थिति कुछ अलग है। मोसाद्देक टीम में अपनी भूमिका निभाएंगे और मैं अपनी। मोसाद्देक एक बल्लेबाजी ऑलराउंडर हैं, जबकि मैं एक गेंदबाजी ऑलराउंडर हूं। हमारी भूमिकाएं पूरी तरह से अलग हैं और हम टीम की जीत के लिए मिलकर योगदान देने के लिए तैयार हैं।”

Nusrat Jahan

Nusrat Jahan is a senior cricket journalist for Prothom Alo English and a familiar face on T Sports, Bangladesh's leading sports broadcaster. A graduate of the University of Dhaka, she has been at the forefront of covering Bangladesh women's cricket, from their historic Asia Cup triumph to their growing presence in ICC global events. Her reporting goes beyond match scores to illuminate the systemic challenges facing female cricketers in South Asia, the rise of private investment in women’s sport, and the power of grassroots cricket in rural Bangladesh. Jahan is also a passionate advocate for gender-inclusive sports media and regularly conducts workshops for aspiring young female journalists. Her commentary style blends tactical insight with human-interest storytelling, making her a trusted voice for both traditional audiences and the new generation of cricket fans.