देवदत्त पडिक्कल ने वैभव सूर्यवंशी की तारीफ की, कहा – ‘कॉपी करना मूर्खतापूर्ण होगा’
आईपीएल 2025 में एक के बाद एक युवा खिलाड़ी अपनी प्रतिभा के दम पर चर्चा में आ रहे हैं, और इस बार चर्चा के केंद्र में हैं राजस्थान रॉयल्स के 15 साल के बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी। उनके बल्ले से निकलते शॉट्स ने न सिर्फ फैंस को बल्कि सीनियर खिलाड़ियों को भी प्रभावित किया है। इसी कड़ी में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के स्टार खिलाड़ी देवदत्त पडिक्कल ने उनकी तारीफ में कोई कसर नहीं छोड़ी और खुलकर कह दिया कि ऐसी प्रतिभा को कॉपी करने की कोशिश करना ‘मूर्खता’ होगी।
वैभव सूर्यवंशी: 15 साल की उम्र में आईपीएल में छाप
वैभव सूर्यवंशी का इस सीज़न का प्रदर्शन किसी चमत्कार से कम नहीं है। सिर्फ 15 साल की उम्र में, उन्होंने आईपीएल के मैदान पर अपनी जगह बना ली है। अब तक के 13 मैचों में उन्होंने 579 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और कई अर्धशतक शामिल हैं। उनका स्ट्राइक रेट 236 का है, जो किसी भी फॉर्मेट में असाधारण माना जाएगा, लेकिन टी20 क्रिकेट में तो यह आंकड़ा शानदार है।
हालांकि शुरुआत में उन्हें एक मैच का खिलाड़ी समझा गया था, लेकिन वैभव ने लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के साथ इन सभी अटकलों को गलत साबित कर दिया है। अब न सिर्फ फैंस बल्कि कई अनुभवी क्रिकेटर भी मान रहे हैं कि उन्हें भारतीय टीम में मौका दिया जाना चाहिए, खासकर आगामी इंग्लैंड दौरे पर होने वाली व्हाइट-बॉल सीरीज़ के लिए।
देवदत्त पडिक्कल की सराहना: ‘कॉपी करना मूर्खता होगा’
आरसीबी के दिग्गज बल्लेबाज़ देवदत्त पडिक्कल, जो स्वयं एक दक्षिणपंथी बल्लेबाज़ हैं, ने वैभव की खास शैली को सलाम किया। उन्होंने कहा, “वैभव सूर्यवंशी जो कर रहे हैं, वह वाकई अनूठा है। इतनी कम उम्र में इतनी ताकत और आक्रामकता दिखाना कुछ खास है। किसी भी खिलाड़ी के लिए उन्हें कॉपी करने की कोशिश करना मूर्खता होगी। वह एक दुर्लभ प्रतिभा हैं।”
पडिक्कल ने यह भी स्पष्ट किया कि वह खुद एक अलग तरीके से खेलते हैं, लेकिन सूर्यवंशी के बल्लेबाजी के तरीके और उनके खेल प्रति दृष्टिकोण ने उन्हें प्रभावित किया है। पडिक्कल ने इस सीज़न में भी अपना असर दिखाया है — 412 रन, तीन अर्धशतक और 173 का स्ट्राइक रेट — जिससे उन्हें भारत की टेस्ट टीम में भी जगह मिली है।
भारतीय टीम में जगह की उम्मीद
वैभव सूर्यवंशी के प्रदर्शन को देखकर आईसीसी और भारतीय चयनकर्ता दोनों ही एक्टिव हो चुके हैं। कई अनुभवी खिलाड़ी और टीम मैनेजमेंट के सदस्यों ने उनके नाम की सिफारिश की है। ऐसी उम्मीद है कि भारत के इंग्लैंड दौरे पर होने वाली वनडे और टी20 सीरीज़ में उन्हें डेब्यू का मौका मिल सकता है, जो न सिर्फ उनके लिए बड़ा कदम होगा, बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए भी एक ऐतिहासिक पल हो सकता है।
इस उम्र में इतना ऊंचा प्रदर्शन कर पाना केवल अच्छी ट्रेनिंग का नतीजा नहीं है, बल्कि एक विशेष जुनून और फोकस का भी परिणाम है। वैभव सूर्यवंशी ने साबित कर दिया है कि जब युवा खिलाड़ियों को मौका मिलता है, तो वे न सिर्फ उसका फायदा उठाते हैं, बल्कि पूरी लीग को हैरान कर देते हैं।
अगले कुछ महीनों में सबकी निगाहें उन पर टिकी रहेंगी — क्या वह आईपीएल के बाद अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी छाप छोड़ेंगे? देवदत्त पडिक्कल जैसे विशेषज्ञों के बयान उनके भविष्य के बारे में बहुत कुछ कहते हैं।