“I knew he would play for Bangladesh” – Ashraful shares untold stories about Nah – मोहम्मद अशरफुल का बड़ा खुलासा
नाहिद राणा: बांग्लादेश क्रिकेट का उभरता हुआ सितारा
बांग्लादेश क्रिकेट में इन दिनों एक युवा तेज गेंदबाज की खूब चर्चा हो रही है, जिसका नाम नाहिद राणा है। उनकी गति और उछाल ने विश्व क्रिकेट के कई दिग्गजों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस बीच, बांग्लादेश के बल्लेबाजी कोच और पूर्व राष्ट्रीय कप्तान मोहम्मद अशरफुल ने इस युवा खिलाड़ी को लेकर कई चौंकाने वाले और अनसुने खुलासे किए हैं। अशरफुल ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार इस गेंदबाज को देखा था, तभी उन्हें अंदाजा हो गया था कि यह खिलाड़ी बहुत जल्द देश के लिए खेलेगा। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा, “I knew he would play for Bangladesh” – Ashraful shares untold stories about Nah। आइए जानते हैं नाहिद राणा के इस सफर की पूरी कहानी और उनके अनुशासन के कुछ ऐसे पहलू जो शायद ही कोई जानता हो।
पहली मुलाकात: जब कॉक्स बाजार में हुआ गति का सामना
मोहम्मद अशरफुल ने उस घटना को विस्तार से याद किया जब उनकी मुलाकात पहली बार नाहिद राणा से हुई थी। यह मुकाबला कॉक्स बाजार में खेला जा रहा था, जो नाहिद राणा का घरेलू क्रिकेट में डेब्यू मैच था। नाहिद उस समय बरीशाल की टीम के खिलाफ खेल रहे थे। अशरफुल ने बताया, “मैंने पहली बार नाहिद राणा को कॉक्स बाजार में देखा था। उस मैच में मैं बरीशाल के लिए पारी की शुरुआत कर रहा था और उनके खिलाफ बल्लेबाजी की थी। उनकी पहली ही कुछ गेंदों का सामना करने के बाद मुझे उनकी असाधारण गति का एहसास हो गया था।”
मैच खत्म होने के बाद, चूंकि दोनों खिलाड़ी एक ही होटल में ठहरे हुए थे, इसलिए अशरफुल ने नाहिद को अपने कमरे में बुलाया। अशरफुल ने कहा, “मैंने नाहिद को अपने कमरे में बुलाया ताकि मैं उनके बारे में अधिक जान सकूं। बातचीत के दौरान जब मुझे पता चला कि उनका नाम बांग्लादेश अंडर-19 के 45 खिलाड़ियों के प्रारंभिक दल में भी नहीं था, तो मैं पूरी तरह से हैरान रह गया। मुझे विश्वास नहीं हो रहा था कि इतने प्रतिभाशाली और तेज गेंदबाज को चयनकर्ताओं ने नजरअंदाज कर दिया था।”
“वह बांग्लादेश का सबसे तेज गेंदबाज था”
अशरफुल ने नाहिद राणा की गति की तुलना बांग्लादेश के अन्य स्थापित तेज गेंदबाजों से की। उन्होंने बताया, “नाहिद का सामना करने के बाद, मुझे स्पष्ट रूप से लगा कि वह उस समय बांग्लादेश के सबसे तेज गेंदबाज थे। हालांकि हमारे पास हसन महमूद सहित कई अन्य अच्छे और तेज गेंदबाज मौजूद थे, लेकिन नाहिद की गति उन सभी से कहीं अधिक खतरनाक लग रही थी।”
अशरफुल इस युवा तेज गेंदबाज की गति से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने तुरंत बांग्लादेश अंडर-19 के मुख्य चयनकर्ता शिपन भाई को फोन मिला दिया। अशरफुल ने बताया, “मैंने शिपन भाई को फोन किया और उन्हें बताया कि मैंने अभी-अभी एक अविश्वसनीय रूप से तेज गेंदबाज को गेंदबाजी करते देखा है। लेकिन उन्होंने मुझे बताया कि उनके पास टीम में दो या तीन ऐसे गेंदबाज हैं जो नाहिद से भी अधिक तेज हैं। यह सुनकर मुझे बहुत आश्चर्य हुआ। अगर वास्तव में देश में नाहिद से भी तेज गेंदबाज मौजूद थे, तो यह बांग्लादेश क्रिकेट के भविष्य के लिए बहुत ही शानदार खबर थी।”
13 साल के अंतरराष्ट्रीय अनुभव से की भविष्यवाणी
मोहम्मद अशरफुल ने अपने लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर और कप्तानी के अनुभव का हवाला देते हुए बताया कि वे खिलाड़ियों की प्रतिभा को पहचानने में कभी गलती नहीं करते। उन्होंने कहा, “मैंने 13 साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला है और बांग्लादेश टीम की कप्तानी भी की है। मेरे इस अनुभव ने मुझे बताया कि नाहिद राणा बहुत जल्द राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह बना लेंगे। मैंने उसी समय नाहिद से कहा था कि उन्हें हमेशा खुद को अनुशासित रखना चाहिए और अपनी फिटनेस का विशेष ध्यान रखना चाहिए।”
अशरफुल की यह भविष्यवाणी सच साबित हुई और नाहिद ने बहुत ही कम समय में राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह पक्की कर ली। पिछले छह-सात महीनों से अशरफुल राष्ट्रीय टीम के सेटअप में नाहिद के साथ काम कर रहे हैं और उनका मानना है कि नाहिद का चरित्र और अनुशासन उनके खेल जितना ही प्रभावशाली है।
धार्मिक निष्ठा और असाधारण अनुशासन
अशरफुल ने बताया कि लोकप्रियता मिलने के बाद भी नाहिद राणा के स्वभाव में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने नाहिद के दैनिक जीवन के बारे में बात करते हुए कहा, “आमतौर पर जब कोई खिलाड़ी अचानक स्टार बन जाता है, तो उसके व्यवहार और रवैये में बदलाव देखने को मिलता है। लेकिन पिछले सात महीनों में मैंने देखा है कि नाहिद आज भी वैसे ही हैं। वह हर दिन सुबह फज्र की नमाज के लिए जल्दी उठते हैं और नियमित रूप से पांचों वक्त की नमाज अदा करते हैं।”
नाहिद का यह सरल और धार्मिक स्वभाव उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाता है। वह आज भी पूरी तरह से जमीन से जुड़े हुए हैं और अपनी सफलता का श्रेय अपनी कड़ी मेहनत और ईश्वर की कृपा को देते हैं।
फिटनेस के प्रति अद्भुत समर्पण: पीएसएल का वह किस्सा
अशरफुल ने नाहिद के फिटनेस के प्रति पागलपन को दर्शाने वाली एक अनसुनी कहानी भी साझा की। उन्होंने बताया, “पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) का एक महत्वपूर्ण फाइनल मैच खेलने के बाद नाहिद जब होटल वापस लौटे, तो उन्होंने अपने कमरे में अपना बैग रखा और बिना आराम किए सीधे रात के समय होटल के स्विमिंग पूल में चले गए। वहां उन्होंने लगभग आधे घंटे तक कड़ी तैराकी की। इतनी थकान के बाद भी अपनी रिकवरी और फिटनेस के प्रति इस स्तर का समर्पण देखना वास्तव में मेरे लिए बेहद प्रेरणादायक था।”
इसके अलावा, नाहिद ने अपने शुरुआती करियर में गंभीर चोटों का भी सामना किया है। अशरफुल ने बताया, “मुझे बाद में पता चला कि नाहिद को पैर में गंभीर चोट लगी थी, शायद फ्रैक्चर हुआ था। लेकिन उन्होंने अपने रिहैबिलिटेशन को बहुत गंभीरता से पूरा किया और मैदान पर वापसी करने के लिए कड़ी मेहनत की। खुद को साबित करने और वापसी करने का वह जज्बा हमेशा उनके भीतर जीवित रहा है।”
अशरफुल के अपने संघर्षों से तुलना
नाहिद राणा के संघर्षों को देखकर मोहम्मद अशरफुल को अपने पुराने दिन याद आ गए। उन्होंने खुलासा किया कि कैसे एक बार अंडर-13 टीम में चयन न होने के बाद वह इतने निराश हो गए थे कि उन्होंने क्रिकेट छोड़ने का मन बना लिया था। अशरफुल ने कहा, “शायद नाहिद के भीतर भी वही अटूट दृढ़ संकल्प था। उन्होंने बहुत ही शुरुआती दौर से खुद को संभाला और कठिन परिश्रम करना शुरू किया। आज उन्हें बांग्लादेश के लिए सभी प्रारूपों में इतना शानदार प्रदर्शन करते हुए देखना वाकई अद्भुत है।”
अशरफुल ने बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) में रंगपुर राइडर्स के लिए खेलते हुए भी नाहिद के प्रदर्शन को करीब से देखा है। उन्होंने कहा, “रंगपुर राइडर्स के साथ पिछले दो बीपीएल सीजनों के दौरान मैंने देखा है कि नाहिद अपने क्रिकेट को लेकर कितने गंभीर हैं। वह हर प्रारूप में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं।”