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भारतीय T20 कप्तानी में बड़ा बदलाव? सूर्यकुमार यादव की फॉर्म ने बढ़ाई BCCI की चिंता

Nusrat Jahan · · 1 min read
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भारतीय टी20 क्रिकेट में बदलाव की आहट: क्या सूर्या की कप्तानी सुरक्षित है?

आईपीएल 2026 अब अपने निर्णायक मोड़ पर है और इसके तुरंत बाद भारतीय टीम का अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम काफी व्यस्त होने वाला है। जून के महीने में ‘मेन इन ब्लू’ अफगानिस्तान के खिलाफ एक टेस्ट और तीन वनडे मैचों की मेजबानी करेंगे। इसके ठीक बाद टीम इंडिया को दो मैचों की टी20 सीरीज के लिए आयरलैंड का दौरा करना है। लेकिन इन सबके बीच भारतीय क्रिकेट गलियारों में सूर्यकुमार यादव की टी20 कप्तानी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

अफगानिस्तान और आयरलैंड दौरे का कार्यक्रम

भारतीय क्रिकेट टीम के आगामी घरेलू सत्र की शुरुआत 6 से 10 जून तक मुल्लांपुर में अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच से होगी। इसके बाद धर्मशाला, लखनऊ और चेन्नई में तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी। घरेलू अभियान समाप्त होते ही भारतीय टीम आयरलैंड के लिए रवाना होगी, जहां बेलफास्ट में 26 और 28 जून को दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले जाने हैं।

हालांकि, आयरलैंड दौरे से पहले बीसीसीआई के चयनकर्ताओं की नजरें विशेष रूप से टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव पर टिकी हैं। सूर्या, जो अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं, पिछले कुछ समय से रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जिसने बोर्ड को नेतृत्व परिवर्तन के बारे में सोचने पर विवश किया है।

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सूर्यकुमार यादव का गिरता प्रदर्शन: आंकड़ों की जुबानी

भले ही सूर्यकुमार यादव ने इस साल की शुरुआत में भारत को टी20 विश्व कप का खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी, लेकिन व्यक्तिगत रूप से उनका बल्ला खामोश रहा है। पूर्णकालिक टी20 कप्तान बनने के बाद से उनके प्रदर्शन में निरंतरता की भारी कमी देखी गई है।

वर्ष 2025 में स्काई (SKY) ने 19 टी20 पारियों में मात्र 218 रन बनाए, जिसमें उनका औसत 13.62 और स्ट्राइक रेट 123.16 रहा। टी20 विश्व कप 2026 के दौरान उन्होंने 9 पारियों में 30.25 की औसत और 136.72 की स्ट्राइक रेट से 242 रन जरूर जोड़े, लेकिन यह उनके पुराने आक्रामक अंदाज के मुकाबले काफी कम था।

आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस का प्रतिनिधित्व करते हुए भी उनकी फॉर्म निराशाजनक रही। उन्होंने 11 मैचों में केवल 17 की औसत और 144 की स्ट्राइक रेट से 195 रन बनाए हैं, जिसमें उनके नाम सिर्फ एक अर्धशतक दर्ज है। हालांकि, यदि 2026 के कुल टी20 अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों को देखा जाए, तो उन्होंने 14 मैचों में 44.00 की औसत और 161.33 की स्ट्राइक रेट से 484 रन बनाए हैं, लेकिन हालिया ‘लीन पैच’ ने प्रबंधन की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

गुवाहाटी में बीसीसीआई की अहम बैठक और भविष्य की योजना

रिपोर्ट्स के अनुसार, बीसीसीआई की चयन समिति 19 मई को गुवाहाटी में एक बैठक करने वाली है। आधिकारिक तौर पर यह बैठक अफगानिस्तान टेस्ट के लिए टीम चुनने के लिए बुलाई गई है, लेकिन माना जा रहा है कि इसमें टी20 कप्तानी के भविष्य पर भी अनौपचारिक चर्चा होगी।

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बीसीसीआई के भीतर एक गुट टी20 वर्ल्ड कप की जीत के बाद नेतृत्व में स्थिरता चाहता था, लेकिन सूर्या की खराब फॉर्म ने चयनकर्ताओं को 2028 टी20 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक योजना बनाने पर मजबूर कर दिया है। टीम प्रबंधन अब एक ऐसे नेतृत्व की तलाश में है जो बल्लेबाजी में भी टीम को मजबूती दे सके।

कौन ले सकता है सूर्यकुमार यादव की जगह?

यदि चयनकर्ता कप्तानी में बदलाव का मन बनाते हैं, तो कई दिग्गज नाम रेस में शामिल हैं। हार्दिक पांड्या कप्तानी के सबसे मजबूत दावेदारों में से एक हैं, क्योंकि उनके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व का अच्छा अनुभव है।

वहीं, आईपीएल में पंजाब किंग्स के लिए शानदार नेतृत्व करने वाले श्रेयस अय्यर ने भी अपनी कप्तानी शैली से सबको प्रभावित किया है। इनके अलावा संजू सैमसन और ईशान किशन के नामों पर भी विचार किया जा सकता है। बीसीसीआई का लक्ष्य 2028 टी20 विश्व कप के लिए एक सशक्त और संतुलित टीम तैयार करना है, और इसके लिए वे कड़े फैसले लेने से पीछे नहीं हटेंगे।

Nusrat Jahan

Nusrat Jahan is a senior cricket journalist for Prothom Alo English and a familiar face on T Sports, Bangladesh's leading sports broadcaster. A graduate of the University of Dhaka, she has been at the forefront of covering Bangladesh women's cricket, from their historic Asia Cup triumph to their growing presence in ICC global events. Her reporting goes beyond match scores to illuminate the systemic challenges facing female cricketers in South Asia, the rise of private investment in women’s sport, and the power of grassroots cricket in rural Bangladesh. Jahan is also a passionate advocate for gender-inclusive sports media and regularly conducts workshops for aspiring young female journalists. Her commentary style blends tactical insight with human-interest storytelling, making her a trusted voice for both traditional audiences and the new generation of cricket fans.