विटैलिटी ब्लास्ट: Duan Jansen claims four as Gloucestershire win thriller
ब्रिस्टल के सीट यूनिक स्टेडियम में खेले गए विटैलिटी ब्लास्ट के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में, ग्लूस्टरशायर ने वर्सेस्टरशायर को सिर्फ तीन रनों से हराकर अपनी लगातार पांचवीं जीत दर्ज की। इस जीत के नायक डुआन जानसेन रहे, जिन्होंने 37 रन देकर 4 विकेट हासिल किए और अपनी टीम को एक शानदार थ्रिलर में जीत दिलाई। यह मैच अंतिम गेंद तक सांसें रोके रखने वाला था, जिसमें दोनों टीमों ने जीत के लिए जी-जान लगा दी। ग्लूस्टरशायर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और 8 विकेट के नुकसान पर 148 रन बनाए, जिसके जवाब में वर्सेस्टरशायर की टीम 145 रन पर ऑलआउट हो गई।
ग्लूस्टरशायर की पारी: चार्ल्सवर्थ का जुझारू अर्धशतक
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ग्लूस्टरशायर की शुरुआत अच्छी नहीं रही। सलामी बल्लेबाज डी’आर्सी शॉर्ट मैच की तीसरी ही गेंद पर टॉम टेलर का शिकार बने और गोल्डन डक पर आउट हो गए। इसके तुरंत बाद, जो फिलिप्स भी टेलर का शिकार बने, जबकि मील्स हैमंड 18 रन बनाकर एडम फिंच की गेंद पर आउट हुए। पावरप्ले में तीन विकेट गंवाने के बावजूद, ग्लूस्टरशायर ने 51 रन बनाए, जो एक चुनौतीपूर्ण शुरुआत थी।
हालांकि, बेन चार्ल्सवर्थ ने एक छोर संभाले रखा और शानदार बल्लेबाजी करते हुए 34 गेंदों पर 49 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली। उन्होंने अनुभवी स्पिनर सिकंदर रजा और उसामा मीर जैसे गेंदबाजों का डटकर सामना किया। चार्ल्सवर्थ ने जैक टेलर के साथ मिलकर 50 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई, जिससे टीम को कुछ स्थिरता मिली। जैक टेलर ने भी 26 रनों का उपयोगी योगदान दिया।
मध्य ओवरों में, वर्सेस्टरशायर के गेंदबाजों ने शानदार वापसी की। सिकंदर रजा ने अपने चार ओवरों में सिर्फ 19 रन देकर एक विकेट लिया, जबकि टॉम टेलर और मैथ्यू वेट ने दो-दो विकेट चटकाए। चार्ल्सवर्थ के 49 रन पर आउट होने के बाद, ग्लूस्टरशायर का बल्लेबाजी क्रम लड़खड़ा गया और टीम अंतिम छह ओवरों में केवल 45 रन ही जोड़ पाई। ओली प्राइस को हाथ की चोट के कारण 19 रन पर रिटायर होना पड़ा, जिसने टीम की रन गति को और धीमा कर दिया। ग्लूस्टरशायर अंततः 8 विकेट के नुकसान पर 148 रनों का सम्मानजनक स्कोर बनाने में सफल रही।
वर्सेस्टरशायर का पीछा: जानसेन का कहर और रजा का पलटवार
149 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वर्सेस्टरशायर की शुरुआत बेहद खराब रही। डुआन जानसेन ने अपनी बेहतरीन गेंदबाजी से विपक्षी टीम को शुरुआती झटके दिए। उन्होंने अपने तीसरे ओवर में ब्रेट डी’ओलिवेरा और इसाक मोहम्मद को आउट किया। जानसेन यहीं नहीं रुके और अपने अगले ओवर में काशिफ अली को भी पवेलियन भेजा। उन्होंने ईथन ब्रूक्स का विकेट लेकर अपने आंकड़ों को 4 विकेट पर 11 रन तक पहुंचा दिया। पावरप्ले के अंत तक, वर्सेस्टरशायर की टीम 47 रन पर 4 विकेट गंवा चुकी थी और पूरी तरह से बैकफुट पर थी।
हालांकि, सिकंदर रजा ने हार नहीं मानी और एक शानदार पलटवार किया। उन्होंने 31 गेंदों पर 47 रनों की आक्रामक पारी खेली, जिसमें उन्होंने मार्चेंट डी लैंग और मैट टेलर जैसे गेंदबाजों को बड़े-बड़े छक्के जड़े। रजा ने अपनी टीम को मैच में वापस लाने की भरपूर कोशिश की और कुछ समय के लिए ऐसा लगा कि वे लक्ष्य तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने एडम होज़ (14) के साथ भी एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई।
लेकिन ग्लूस्टरशायर के कप्तान जैक टेलर ने अहम मौके पर अपनी लेग स्पिन से कमाल दिखाया। उन्होंने 12वें ओवर में एडम होज़ को आउट किया और फिर सबसे महत्वपूर्ण विकेट सिकंदर रजा का लिया, जब रजा एक फुल लेंथ डिलीवरी पर बोल्ड हो गए। रजा के आउट होने के साथ ही वर्सेस्टरशायर का स्कोर 100 पर 6 विकेट हो गया और मैच एक बार फिर ग्लूस्टरशायर के पक्ष में झुक गया।
अंतिम ओवर का रोमांच और ग्लूस्टरशायर की जीत
रजा के जाने के बाद, पूर्व ग्लूस्टरशायर खिलाड़ी गैरेथ रोड्रिक (23 रन) ने कुछ देर संघर्ष किया, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त समर्थन नहीं मिला। अंतिम ओवर में वर्सेस्टरशायर को जीत के लिए 8 रनों की आवश्यकता थी और उनके पास सिर्फ एक विकेट शेष था। मैट टेलर को अंतिम ओवर डालने की जिम्मेदारी मिली। दबाव चरम पर था, लेकिन टेलर ने संयम बनाए रखा। अंतिम गेंद पर जब बाउंड्री की जरूरत थी, तब फिंच कैच आउट हो गए, और ग्लूस्टरशायर ने तीन रनों के रोमांचक अंतर से यह मुकाबला अपने नाम कर लिया।
इस जीत के साथ, ग्लूस्टरशायर ने विटैलिटी ब्लास्ट में अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखा और छह मैचों में पांचवीं जीत हासिल की, जिससे उनकी प्लेऑफ की उम्मीदें और मजबूत हुईं। डुआन जानसेन का 4 विकेट का प्रदर्शन, बेन चार्ल्सवर्थ की जुझारू पारी और पूरी टीम के सामूहिक प्रयास ने उन्हें यह यादगार जीत दिलाई। वर्सेस्टरशायर के लिए यह एक दिल तोड़ने वाली हार थी, जिन्होंने सिकंदर रजा के शानदार प्रयासों के बावजूद लक्ष्य से कुछ ही दूर रह गए।