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Brothers Union boycott DPL match over unpaid salaries: ढाका प्रीमियर लीग में विवाद

Karim Rahimi · · 1 min read
brothers union dpl 05 06 2026

ढाका प्रीमियर लीग में बड़ा विवाद: ब्रदर्स यूनियन ने वेतन न मिलने पर मैच का बहिष्कार किया

ढाका प्रीमियर लीग (DPL) के नौवें दौर में एक गंभीर विवाद ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। ब्रदर्स यूनियन के खिलाड़ियों ने अग्रानी बैंक क्रिकेट क्लब के खिलाफ अपने निर्धारित मैच का बहिष्कार कर दिया। इस अप्रत्याशित घटना के कारण अग्रानी बैंक को बिना एक भी गेंद फेंके जीत से नवाजा गया। यह घटना ‘Brothers Union boycott DPL match over unpaid salaries’ के रूप में सामने आई है, जिसने खिलाड़ियों के अधिकारों और लीग के प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यह मैच बीकेएसपी ग्राउंड नंबर 4 पर खेला जाना था, लेकिन ब्रदर्स यूनियन के खिलाड़ी मैदान पर उतरने को तैयार नहीं थे। सोहाग गाजी और जुबैर हुसैन लिखोन जैसे अनुभवी क्रिकेटरों ने अपने फैसले पर अडिग रहते हुए मैच खेलने से साफ इनकार कर दिया। ब्रदर्स यूनियन के मैदान में उपस्थित न होने के कारण, मैच अधिकारियों ने नियमानुसार अग्रानी बैंक को विजेता घोषित कर दिया। यह केवल एक मैच का नुकसान नहीं है, बल्कि यह बांग्लादेश के घरेलू क्रिकेट में खिलाड़ियों के वेतन भुगतान की गंभीर समस्या को उजागर करता है।

बहिष्कार का कारण: खिलाड़ियों का बकाया वेतन

रिपोर्टों के अनुसार, ब्रदर्स यूनियन के खिलाड़ियों द्वारा मैच का बहिष्कार करने का मुख्य कारण उनके बकाया वेतन का भुगतान न होना था। खिलाड़ियों का दावा है कि लीग अपने अंतिम चरणों में होने के बावजूद, उन्हें अभी तक उनका पूरा भुगतान नहीं मिला है। यह स्थिति किसी भी पेशेवर लीग के लिए बेहद चिंताजनक है, जहाँ खिलाड़ियों की मेहनत और प्रतिबद्धता को वेतन के रूप में सम्मान मिलना चाहिए। इस तरह की घटना न केवल टीम के मनोबल को गिराती है, बल्कि पूरे टूर्नामेंट की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाती है।

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खिलाड़ियों के लिए, यह केवल पैसे का मामला नहीं है, बल्कि उनके पेशेवर अधिकारों और सम्मान का भी मुद्दा है। जब खिलाड़ी पूरे समर्पण के साथ खेलते हैं, तो उन्हें उम्मीद होती है कि उनके वित्तीय मामलों का प्रबंधन ठीक से किया जाएगा। वेतन भुगतान में देरी या कमी खिलाड़ियों के प्रदर्शन और उनके भविष्य की योजनाओं को सीधे प्रभावित करती है। इस ‘Brothers Union boycott DPL match over unpaid salaries’ की घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि डीएपीएल में अभी भी खिलाड़ियों के कल्याण के संबंध में महत्वपूर्ण सुधारों की आवश्यकता है।

ब्रदर्स यूनियन और अग्रानी बैंक की मौजूदा स्थिति

अग्रानी बैंक के लिए, इस वॉकओवर जीत ने उन्हें इस सीजन की अपनी पांचवीं जीत दिलाई। उन्होंने अब तक खेले गए नौ मैचों में से पांच जीते हैं और चार हारे हैं, जिससे उनकी स्थिति लीग तालिका में थोड़ी मजबूत हुई है। हालांकि, यह जीत खेल के मैदान पर मिली प्रतिस्पर्धात्मक जीत नहीं है, जो खेल भावना के लिए आदर्श स्थिति नहीं है।

दूसरी ओर, ब्रदर्स यूनियन के लिए यह सीजन बेहद मुश्किल भरा रहा है। इस घटना से पहले, टीम अपने पहले आठ मैचों में से सात हार चुकी थी और केवल एक जीत दर्ज कर पाई थी। इस बहिष्कार ने उनकी स्थिति को और भी खराब कर दिया है, जिससे न केवल उनके अंक तालिका पर असर पड़ा है, बल्कि टीम के भीतर चल रही आंतरिक समस्याओं को भी उजागर किया है। एक टीम के रूप में उनका मनोबल और प्रदर्शन दोनों इस विवाद से प्रभावित हुए हैं, जिससे उनके लिए बचे हुए टूर्नामेंट में वापसी करना और भी चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।

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डीपीएल के अन्य मैच और व्यापक निहितार्थ

इसी नौवें दौर में, कुछ अन्य महत्वपूर्ण मैच भी खेले गए। इनमें बशुंधरा स्ट्राइकर्स का ढाका लेपर्ड्स से मुकाबला, लेजेंड्स ऑफ रूपगंज का अबाहनी लिमिटेड से सामना, मोहम्मदन स्पोर्टिंग क्लब का गाजी ग्रुप क्रिकेटर्स से भिड़ना, गुलशन क्रिकेट क्लब का सिटी क्लब से मुकाबला, और प्राइम बैंक क्रिकेट क्लब का रूपगंज टाइगर्स क्रिकेट क्लब से सामना शामिल था। इन मैचों ने लीग में सामान्य खेल गतिविधियों को जारी रखा, लेकिन ब्रदर्स यूनियन की घटना ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

यह ‘Brothers Union boycott DPL match over unpaid salaries’ की घटना बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) और डीएपीएल आयोजकों के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है। खिलाड़ियों के अधिकारों और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए मजबूत तंत्र स्थापित करना आवश्यक है। यदि ऐसे मुद्दे अनसुलझे रहते हैं, तो यह न केवल लीग की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाएगा, बल्कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को खेल से दूर भी कर सकता है। यह घटना भविष्य में खिलाड़ी अनुबंधों और भुगतान नीतियों को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक प्रेरणा होनी चाहिए। क्रिकेट, एक जुनून और आजीविका दोनों है, और यह सुनिश्चित करना प्रबंधन का दायित्व है कि खिलाड़ियों को उनका उचित हक मिले।

Karim Rahimi

Karim Rahimi is a senior cricket correspondent for BBC Pashto and a contributor to Afghanistan International. Covering the remarkable rise of Afghan cricket from refugee camps to World Cups, Rahimi has become one of the most trusted voices on the sport in the region. He reported from Afghanistan’s historic first Test match in Bangalore, the 2019 ODI World Cup, and multiple ICC T20 World Cups. His work goes beyond match reports, exploring the impact of conflict, displacement, and politics on the players and their families. Rahimi’s interviews with stars like Rashid Khan and Mohammad Nabi are widely echoed in regional and international media. He is known for his measured tone and deep access to the Afghanistan Cricket Board (ACB) and team management.