विराट कोहली ने BCCI के रोबोटिक डॉग ‘चंपक’ पर जताई नाराजगी
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मैदान पर खिलाड़ियों की प्राइवेसी और BCCI का ‘चंपक’
आईपीएल 2026 के दौरान क्रिकेट के मैदान पर तकनीक का इस्तेमाल नए स्तर पर पहुँच गया है। इसी बीच रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने एक बड़ा बयान देकर चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। कोहली ने BCCI द्वारा तैनात किए गए रोबोटिक डॉग ‘चंपक’ के प्रति अपनी झुंझलाहट जाहिर की है। उनका मानना है कि मैदान पर खिलाड़ियों के हर मूवमेंट को कैप्चर करने की यह तकनीक अब सीमा लांघ रही है।
क्या है BCCI का रोबोट ‘चंपक’?
IPL 2025 में BCCI और ब्रॉडकास्टर्स ने एक अनोखी तकनीक पेश की थी—एक रोबोटिक कुत्ता, जिसे ‘चंपक’ नाम दिया गया है। यह रोबोट कैमरे से लैस है और मैदान पर होने वाली हर गतिविधि को लाइव कैप्चर करने के लिए बनाया गया है। wTVision द्वारा डिजाइन किया गया यह रोबोट अपने कस्टम-बिल्ट गिम्बल सिस्टम, पैन-टिलट मैकेनिज्म और वीडियो RF सिस्टम की मदद से किसी भी सतह पर स्थिर फुटेज लेने में सक्षम है। इसका उद्देश्य प्रशंसकों को खेल के करीब लाना है, लेकिन खिलाड़ियों के लिए यह एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
केन विलियमसन के साथ बातचीत के दौरान हुई परेशानी
विराट कोहली ने ‘RCB पॉडकास्ट’ पर एक विशेष वाकये का जिक्र किया। लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ मैच के बाद, कोहली की मुलाकात अपने पुराने दोस्त और न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान केन विलियमसन से हुई थी। जब वे दोनों गंभीर चर्चा में व्यस्त थे, तब ‘चंपक’ रोबोट वहां पहुंच गया और अपने पंजे हिलाकर ध्यान खींचने लगा। कोहली ने बताया कि उन्हें यह बेहद अजीब और परेशान करने वाला लगा।
कोहली ने कहा, “मैं केन के साथ किसी गंभीर विषय पर बात कर रहा था, और वह रोबोट वहां आकर पंजे हिलाने लगा। मुझे समझ नहीं आया कि वह ऐसा क्यों कर रहा है। यह बहुत ज्यादा हो जाता है और मुझे यह बिल्कुल पसंद नहीं है।”
खिलाड़ियों की निजता का महत्व
विराट कोहली का मानना है कि ब्रॉडकास्टर्स और बोर्ड को खिलाड़ियों की मानसिक स्थिति और उनकी निजता का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे केन विलियमसन के साथ अपने पुराने संबंधों के कारण बिना किसी शोर-शराबे के बात करना चाहते थे। कोहली ने आगे कहा, “मैंने उस रोबोट को नजरअंदाज करने की कोशिश की, लेकिन जब वह नहीं माना, तो मुझे ऑपरेटर से कहना पड़ा कि इसे यहां से हटा लीजिए। मुझे अपने दोस्त से शांति से बात करने दीजिए।”
कोहली ने यह भी चिंता जताई कि मैदान पर की गई कोई भी छोटी सी बातचीत सोशल मीडिया पर तुरंत सुर्खियां बन जाती है। “केन मामा (विलियमसन) और विराट कोहली की बातचीत को एक ‘मोमेंट’ बना दिया जाता है। हम अंडर-19 के दिनों से दोस्त हैं। अगर मैं किसी से बात करूं तो वह बड़ी खबर बन जाती है। यह थोड़ा ज्यादा है,” कोहली ने अपनी बात पूरी करते हुए कहा।
तकनीक बनाम मानवता
यह घटना आधुनिक क्रिकेट में तकनीक और खिलाड़ियों की मानवीय संवेदनाओं के बीच चल रहे द्वंद को दर्शाती है। हालांकि प्रशंसक मैदान पर होने वाली हर गतिविधि को करीब से देखना पसंद करते हैं, लेकिन खिलाड़ियों का एक निजी स्पेस भी होता है। कोहली की यह टिप्पणी बोर्ड के लिए एक संकेत है कि नवाचार के नाम पर खिलाड़ियों के निजी पलों का व्यवसायीकरण करने से पहले उनकी राय भी ली जानी चाहिए।
अंततः, क्रिकेट केवल एक खेल नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के लिए उनके इमोशन्स का भी एक मंच है। ‘चंपक’ जैसे रोबोट्स भविष्य में तकनीक के नजरिए से शानदार हो सकते हैं, लेकिन उन्हें कब और कैसे इस्तेमाल करना है, यह संतुलन बनाना बेहद जरूरी है। विराट कोहली का यह बयान इस बहस को और तेज करेगा कि क्या हम तकनीक के नाम पर खिलाड़ियों को एक ‘प्रोडक्ट’ की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।