Rohit Sharma Gets Credit For Rishabh Pant’s Gabba Heroics
गाबा की ऐतिहासिक जीत का असली नायक
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में 2020-21 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी एक स्वर्णिम अध्याय की तरह दर्ज है। ब्रिसबेन के गाबा मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के 32 साल के अजेय रथ को रोकना किसी चमत्कार से कम नहीं था। लेकिन अब खुलासा हुआ है कि उस ऐतिहासिक जीत के पीछे पर्दे के पीछे से एक रणनीतिक मास्टरमाइंड मौजूद था। जी हाँ, इस बात पर अब मुहर लग गई है कि Rohit Sharma Gets Credit For Rishabh Pant‘s Gabba Heroics, जिसने भारतीय टीम को ड्रॉ की मानसिकता से बाहर निकाल कर जीत की ओर अग्रसर किया।
मैच का वह निर्णायक मोड़
गाबा टेस्ट के पांचवें दिन भारत को जीत के लिए 300 से अधिक रनों की दरकार थी। शुभमन गिल ने 91 रनों की शानदार पारी खेलकर मंच तैयार किया, जबकि चेतेश्वर पुजारा ने एक छोर संभालकर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण का डटकर सामना किया। हालांकि, मौसम की अनिश्चितता और जीत के लक्ष्य की दूरी को देखते हुए ड्रेसिंग रूम में घबराहट का माहौल था।
रविचंद्रन अश्विन ने हाल ही में ईएसपीएन क्रिकइन्फो के साथ बातचीत में खुलासा किया कि उस समय हेड कोच रवि शास्त्री का झुकाव मैच को ड्रॉ कराने की ओर था। टीम की सुरक्षा और सीरीज को बचाने के लिए शास्त्री का सोचना तार्किक था, लेकिन रोहित शर्मा की सोच बिल्कुल अलग थी।
रोहित शर्मा का अटूट विश्वास
अश्विन के अनुसार, उस तनावपूर्ण स्थिति में रोहित शर्मा ने ऋषभ पंत पर पूरा भरोसा जताया। रोहित चाहते थे कि पंत अपनी स्वाभाविक आक्रामक शैली में बल्लेबाजी करें और जीत के लिए जाएं। अश्विन ने याद करते हुए कहा, “एक तरफ रवि भाई थे जो ड्रॉ के पक्ष में थे और दूसरी तरफ रोहित थे जो जीत चाहते थे। गाबा में ऋषभ पंत के साहसिक शॉट और रोहित का उन पर अटूट विश्वास ही वह कारण था जिसने हमें जीत दिलाई।”
रोहित की सलाह को मानते हुए ऋषभ पंत ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन तालमेल बिठाया और अंत तक नाबाद रहकर 89 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। यह जीत भारतीय क्रिकेट के लिए एक नई सुबह की तरह थी।
रोहित शर्मा की नेतृत्व क्षमता
हालांकि रोहित शर्मा का उस सीरीज में व्यक्तिगत बल्लेबाजी प्रदर्शन औसत रहा (4 पारियों में 129 रन), लेकिन विराट कोहली की अनुपस्थिति में उनकी भूमिका एक मेंटॉर की रही। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को न केवल प्रोत्साहित किया बल्कि महत्वपूर्ण टैक्टिकल इनपुट भी दिए। गाबा में उनकी रणनीति और पंत को दिया गया प्रोत्साहन साबित करता है कि एक बड़े कप्तान के लिए केवल रन बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही समय पर सही निर्णय लेना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2020-21 का महत्व
यह श्रृंखला कई मायनों में विशेष थी। एक तरफ टीम के मुख्य खिलाड़ी चोटिल थे, तो दूसरी तरफ कप्तानी का जिम्मा अजिंक्य रहाणे के कंधों पर था। मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह और रविचंद्रन अश्विन जैसे दिग्गज खिलाड़ियों की कमी के बावजूद, युवा टीम इंडिया ने वह कर दिखाया जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल था।
- इतिहास: गाबा में ऑस्ट्रेलिया की 32 साल की अजेय स्ट्रीक का अंत।
- संघर्ष: खिलाड़ियों की भारी चोटों और मानसिक थकान के बावजूद वापसी।
- नेतृत्व: रहाणे की कप्तानी और रोहित शर्मा का ड्रेसिंग रूम में मार्गदर्शन।
अंततः, यह जीत केवल एक मैच की नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य की जीत थी। ऋषभ पंत की उस पारी ने उन्हें वैश्विक स्तर पर एक मैच विनर के रूप में स्थापित कर दिया और रोहित शर्मा के उस एक फैसले ने यह सिद्ध कर दिया कि क्रिकेट केवल मैदान पर खेले जाने वाला खेल नहीं, बल्कि सही समय पर लिए गए साहसपूर्ण निर्णयों का परिणाम भी है। आज भी जब हम उस दिन को याद करते हैं, तो रोहित शर्मा का वह समर्थन एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में उभरकर सामने आता है।