“Win the trophy”: Vaibhav Sooryavanshi throws challenge to Virat Kohli and RCB a – IPL 2026: वैभव सूर्यवंशी का धमाका, SRH को हराकर RR फाइनल की ओर
IPL 2026 एलिमिनेटर: वैभव सूर्यवंशी का ऐतिहासिक प्रदर्शन
आईपीएल 2026 का 71वां मुकाबला, जो कि टूर्नामेंट का एलिमिनेटर मैच था, पूरी तरह से राजस्थान रॉयल्स के युवा सितारे वैभव सूर्यवंशी के नाम रहा। सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ खेले गए इस करो या मरो के मुकाबले में वैभव ने अपनी बल्लेबाजी का ऐसा जलवा दिखाया कि क्रिकेट जगत दंग रह गया। राजस्थान रॉयल्स ने इस मैच को 47 रनों से जीतकर न केवल SRH को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखाया, बल्कि क्वालीफायर-2 में अपनी जगह पक्की कर ली।
तूफानी पारी और रिकॉर्ड्स की बारिश
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी राजस्थान रॉयल्स के लिए वैभव सूर्यवंशी ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने महज 29 गेंदों का सामना करते हुए 97 रनों की विस्फोटक पारी खेली। इस दौरान उन्होंने कुल 12 छक्के जड़े। इसी के साथ, इस सीजन में उनके छक्कों की कुल संख्या 65 हो गई है, जो आईपीएल के एक सीजन में किसी भी बल्लेबाज द्वारा लगाए गए सबसे अधिक छक्के हैं। वैभव अपनी सेंचुरी के बेहद करीब थे, लेकिन 97 के स्कोर पर आउट हो गए।
टीम को यशस्वी जायसवाल (29 रन) और ध्रुव जुरेल (50 रन) का भी अच्छा साथ मिला। रॉयल्स ने पावरप्ले में ही 80 रन ठोक दिए थे, जिससे टीम का स्कोर 20 ओवरों में 243/8 तक पहुंच गया। कप्तान रियान पराग ने भी 26 रनों का योगदान दिया।
SRH का संघर्ष और हार
244 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद की शुरुआत बेहद खराब रही। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा शून्य पर आउट हुए, जबकि ट्रैविस हेड भी केवल 17 रन बना सके। ईशान किशन ने 33 रनों की पारी जरूर खेली, लेकिन टीम 10 ओवर के भीतर ही पांच विकेट गंवा चुकी थी। हालांकि, नितीश कुमार रेड्डी (38 रन) और सलिल अरोड़ा (35 रन) ने बीच में कुछ प्रतिरोध किया, लेकिन अंततः SRH की पूरी टीम 196 रनों पर सिमट गई।
वैभव का मंत्र: ‘ट्रॉफी जीतना ही लक्ष्य है’
मैन ऑफ द मैच चुने गए 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने मैच के बाद अपनी शानदार फॉर्म के बारे में बात की। उन्होंने कहा, ‘जब हम जीतते हैं, तो हमारा पूरा ध्यान सकारात्मक इरादों के साथ अगले मैच पर होता है। मैं बहुत ज्यादा नहीं सोचता, बस वर्तमान में रहकर अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करता हूं। मेरा लक्ष्य व्यक्तिगत शतक नहीं, बल्कि टीम को ट्रॉफी जिताना है।’
अपनी तैयारी के बारे में पूछे जाने पर वैभव ने बताया कि वे विरोधी गेंदबाजों की रणनीति और पिच की परिस्थितियों का अध्ययन करते हैं, लेकिन हमेशा अपनी योजनाओं पर टिके रहते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं नहीं सोचता कि विपक्षी टीम क्या योजना बना रही है, मैं सिर्फ अपनी सामान्य क्रिकेट खेलने पर ध्यान देता हूं।’
अगली चुनौती: क्वालीफायर-2
अब राजस्थान रॉयल्स का सामना क्वालीफायर-2 में गुजरात टाइटंस (GT) से होगा। वैभव सूर्यवंशी, जो इस सीजन में 680 रनों के साथ सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं, अपनी इस लय को अगले मैच में भी बरकरार रखने के लिए तैयार हैं। 15 साल की उम्र में इतनी परिपक्वता दिखाना वास्तव में अविश्वसनीय है। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब अगले मुकाबले पर टिकी हैं, जहां राजस्थान रॉयल्स का लक्ष्य फाइनल की टिकट हासिल करना होगा।
वैभव सूर्यवंशी की यह पारी न केवल एक रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन थी, बल्कि यह दिखाती है कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। क्या राजस्थान रॉयल्स इस साल खिताब अपने नाम कर पाएगी? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन फिलहाल वैभव का प्रदर्शन चर्चा का विषय बना हुआ है।