Vaibhav Sooryavanshi Leaves Behind MS Dhoni, Virat Kohli In Popularity Race – वैभव सूर्यवंशी: एमएस धोनी और विराट कोहली को पछाड़कर बने फैंस की पहली पसंद
क्रिकेट की दुनिया का नया सुपरस्टार: वैभव सूर्यवंशी
आईपीएल 2026 के मौजूदा सीजन में एक नाम जो हर किसी की जुबान पर है, वह है वैभव सूर्यवंशी। बुधवार को मुल्लानपुर में खेले गए एलिमिनेटर मुकाबले में इस 15 वर्षीय युवा खिलाड़ी ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ जो पारी खेली, उसे आईपीएल इतिहास की सबसे शानदार पारियों में गिना जाएगा। मात्र 29 गेंदों में 97 रनों की उनकी तूफानी पारी ने यह साबित कर दिया कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य का एक बड़ा सितारा मिल चुका है।
लोकप्रियता की नई ऊंचाइयां
दिलचस्प बात यह है कि वैभव की लोकप्रियता का ग्राफ तेजी से ऊपर जा रहा है। स्टेडियम में अब फैंस एमएस धोनी की ‘7’ नंबर की जर्सी, विराट कोहली की ’18’ नंबर या रोहित शर्मा की ’45’ नंबर की जर्सी के साथ-साथ वैभव सूर्यवंशी की ’03’ नंबर वाली जर्सी पहने हुए बड़ी संख्या में नजर आ रहे हैं। राजस्थान रॉयल्स के एक सूत्र ने बताया कि टीम ने अपने इतिहास में किसी भी खिलाड़ी की जर्सी के लिए इतनी जबरदस्त मांग पहले कभी नहीं देखी है। यह उपलब्धि उस खिलाड़ी के लिए और भी बड़ी है जो अभी महज 15 साल का है और अपने आदर्शों (कोहली और रोहित) की बराबरी कर रहा है।
रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन और ऑरेंज कैप की दौड़
वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन इस सीजन में लगातार शानदार रहा है। उन्होंने अब तक 15 पारियों में 680 रन बना लिए हैं और वह फिलहाल ऑरेंज कैप की दौड़ में सबसे आगे हैं। 242.85 का उनका स्ट्राइक रेट और इस सीजन में अब तक लगाए गए 65 छक्के यह दर्शाते हैं कि वह निडर होकर बल्लेबाजी करते हैं।
- एलिमिनेटर प्रदर्शन: 29 गेंदों में 97 रन, जिसमें 5 चौके और 12 छक्के शामिल थे।
- ऑरेंज कैप: 680 रन के साथ सूची में शीर्ष पर।
- भविष्य: अंडर-19 वर्ल्ड कप जीत और इंडिया ए टीम में चयन।
सचिन तेंदुलकर के बाद से शायद ही किसी युवा खिलाड़ी ने इतनी कम उम्र में विश्व स्तरीय गेंदबाजों पर इतना दबदबा बनाया हो। जब उन्हें आईपीएल के लिए चुना गया था, तब वह सिर्फ 13 वर्ष के थे, और तब से उन्होंने अपने खेल में लगातार निखार लाया है।
टीम की सफलता और नेतृत्व का असर
राजस्थान रॉयल्स के लिए यह सीजन बेहद खास रहा है। संजू सैमसन के जाने के बाद टीम की कमान में बदलाव के बावजूद, वैभव सूर्यवंशी को टीम प्रबंधन ने बहुत अच्छी तरह से संभाला है। एलिमिनेटर मैच में वैभव की शानदार पारी की बदौलत राजस्थान रॉयल्स ने 243/8 का विशाल स्कोर खड़ा किया और अंततः 47 रनों से मैच जीतकर क्वालीफायर-2 में जगह बनाई। जहां यशस्वी जायसवाल, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन जैसे स्थापित खिलाड़ी उस रात संघर्ष करते दिखे, वहीं वैभव ने अपनी बल्लेबाजी से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
क्या वह इतिहास रच पाएंगे?
अब राजस्थान रॉयल्स का अगला मुकाबला गुजरात टाइटंस के खिलाफ क्वालीफायर-2 में है। यदि वैभव इस मैच में भी अपने फॉर्म को बरकरार रखते हैं, तो वह आईपीएल इतिहास के सबसे युवा ऑरेंज कैप विजेता बन सकते हैं। क्रिकेट विशेषज्ञ और प्रशंसक अब यह देखने के लिए उत्साहित हैं कि क्या यह युवा खिलाड़ी अपनी टीम को फाइनल तक ले जा पाएगा। वैभव की यात्रा अभी शुरू हुई है, लेकिन जिस तरह से उन्होंने खुद को साबित किया है, यह निश्चित है कि आने वाले वर्षों में वह भारतीय क्रिकेट के मुख्य स्तंभों में से एक होंगे।