IPL 2026: ऋषभ पंत बल्लेबाजी करने क्यों नहीं उतरे? जानिए पूरा सच
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ऋषभ पंत का बड़ा फैसला: जीत के बावजूद क्यों नहीं की बल्लेबाजी?
आईपीएल 2026 के एक रोमांचक मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) ने चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) को मात दी। इस मैच के दौरान एक घटना ने दर्शकों और विशेषज्ञों का ध्यान खींचा, वह थी कप्तान ऋषभ पंत का बल्लेबाजी के लिए न आना। जबकि लखनऊ की टीम लक्ष्य का पीछा कर रही थी और मैच के दौरान टीम ने विकेट भी खोए, लेकिन पंत के बजाय अन्य खिलाड़ियों को मौका दिया गया।
मैच का परिदृश्य और रणनीति
लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए यह लक्ष्य 188 रनों का था। 12वें ओवर तक टीम का स्कोर बिना किसी नुकसान के 135 रन था। हालांकि, इसके बाद नौ रनों के भीतर टीम ने तीन विकेट गंवा दिए। उम्मीद की जा रही थी कि कप्तान पंत क्रीज पर आएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। निकोलस पूरन नंबर 3 पर आए और उनके बाद अब्दुल समद और मुकुल चौधरी ने पारी को संभाला। अंत में लखनऊ ने सात विकेट से यह मैच जीत लिया।
पंत ने स्वयं दी सफाई
मैच के बाद प्रेजेंटेशन के दौरान ऋषभ पंत ने इस फैसले के पीछे की वजह साझा की। उन्होंने कहा, ‘मैं बल्लेबाजी के लिए तैयार था, लेकिन ड्रेसिंग रूम में विचार आया कि क्यों न उन खिलाड़ियों को मौका दिया जाए जिन्हें इस सीजन में ज्यादा खेलने का मौका नहीं मिला है।’ पंत ने स्वीकार किया कि वह खुद मैदान पर उतरना चाहते थे, लेकिन टीम के ‘थिंक टैंक’ के निर्णय का सम्मान करना भी जरूरी था।
टीम का संतुलन और ओवरसीज खिलाड़ियों पर निर्भरता
इस सीजन में लखनऊ की टीम ने अपने ओपनिंग कॉम्बिनेशन के साथ काफी प्रयोग किए हैं। मिशेल मार्श और जोश इंग्लिश की नई ओपनिंग जोड़ी ने इस मैच में शानदार शुरुआत दी। पंत के अनुसार, टीम का मुख्य विचार शुरुआती ओवरों यानी पावरप्ले में आक्रामक शुरुआत करने का था, जिसके लिए विदेशी खिलाड़ियों को ऊपर के क्रम में भेजा गया। हालांकि, जोश इंग्लिश के चोटिल होने और अन्य खिलाड़ियों के फॉर्म में उतार-चढ़ाव के कारण टीम को अपनी रणनीति में बार-बार बदलाव करना पड़ा।
‘बहुत अधिक विचार’ हो सकते हैं घातक
पंत ने अपनी टीम के प्रदर्शन पर बात करते हुए एक बड़ी सीख भी दी। उन्होंने माना कि जब एक टीम जानती है कि उनके पास बेहतरीन प्रतिभा है, तो भी कई बार ‘बहुत ज्यादा विचार’ (too many thought process) होने के कारण चीजें वैसी नहीं हो पातीं जैसी योजना बनाई गई थी। उन्होंने कहा कि टीम अपनी क्षमता पर गर्व करती है और वे एक इकाई के रूप में आत्मविश्वास से भरे हुए हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘एकमात्र चीज जो हमें नुकसान पहुंचा सकती है, वह है बहुत अधिक सोचना। कभी-कभी हमें चीजों को सरल रखने की आवश्यकता होती है।’
निष्कर्ष
ऋषभ पंत का यह फैसला न केवल उनके खिलाड़ी के प्रति उदारता को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि टीम प्रबंधन आने वाले मैचों के लिए बेंच स्ट्रेंथ को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। भले ही पंत का बल्लेबाजी के लिए न आना प्रशंसकों के लिए हैरान करने वाला था, लेकिन टीम की जीत ने यह साबित किया कि प्रयोग करने का यह तरीका उस दिन काम कर गया। अब देखना यह होगा कि क्या लखनऊ की टीम इसी निरंतरता के साथ टूर्नामेंट में आगे बढ़ पाती है या नहीं।