Latest Cricket News

“Need to cut that career now”: Legendary cricketer asks MS Dhoni to retire immed – Need to cut that career now: Legendary cricketer asks MS Dhoni to retire immed

Arsalan Qureshi · · 1 min read
ms dhoni csk 1

आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स का निराशाजनक प्रदर्शन

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का सीजन चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के प्रशंसकों के लिए काफी दुखद रहा। पांच बार की चैंपियन टीम इस सीजन में अंक तालिका में आठवें स्थान पर रही। 14 मैचों में केवल 12 अंक हासिल करने वाली चेन्नई की टीम लगातार तीसरे सीजन में प्लेऑफ में जगह बनाने में नाकाम रही। इस खराब प्रदर्शन के बीच, पूर्व दक्षिण अफ्रीकी दिग्गज डेल स्टेन ने एमएस धोनी के भविष्य को लेकर एक बड़ी टिप्पणी की है।

डेल स्टेन की सीधी सलाह: धोनी का संन्यास

एबी डिविलियर्स के यूट्यूब चैनल पर एक चर्चा के दौरान, डेल स्टेन ने स्पष्ट रूप से कहा कि अब एमएस धोनी के लिए करियर को विराम देने का समय आ गया है। उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं पता, लेकिन मुझे लगता है कि धोनी, आपको अब यह करियर खत्म करने की जरूरत है। वह एक शानदार खिलाड़ी रहे हैं, लेकिन अब अन्य खिलाड़ियों पर मुख्य ध्यान देने की आवश्यकता है।’ स्टेन का मानना है कि धोनी का लंबा करियर अब टीम के विकास में बाधक बन रहा है।

धोनी की अनुपस्थिति पर उठे सवाल

आईपीएल 2026 में एमएस धोनी की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही। चोट के कारणों के चलते धोनी ने पूरे सीजन में एक भी मैच नहीं खेला। यही नहीं, वे डग-आउट में भी नजर नहीं आए। रिपोर्टों के अनुसार, धोनी ने खुद को सुर्खियों से दूर रखने के लिए डग-आउट में बैठना उचित नहीं समझा ताकि युवा खिलाड़ियों को पूरी लाइमलाइट मिल सके।

READ:  मोहम्मद शमी, संजू सैमसन की अफगानिस्तान सीरीज में वापसी, टीम इंडिया में संभावित बदलाव

हालांकि, डेल स्टेन इस विचार से सहमत नहीं हैं। उन्होंने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का उदाहरण दिया, जो मुंबई इंडियंस के हर मैच में टीम का समर्थन करने के लिए मैदान पर मौजूद रहते हैं। स्टेन ने कहा, ‘एमएस किसी भी मैच में नहीं आए। वह कहते हैं कि उन्हें मैचों में आना पसंद नहीं है क्योंकि वे इसे अपने बारे में नहीं बनाना चाहते। लेकिन मुझे खेद है, जब भी कोई पीली जर्सी के बारे में सोचता है, तो वे एमएस धोनी के बारे में सोचते हैं। सचिन अभी भी हर एमआई मैच में आते हैं। मुझे लगता है कि एमएस की मैदान पर मौजूदगी ड्रेसिंग रूम का मनोबल बढ़ा सकती थी।’

एबी डिविलियर्स की निराशा

एबी डिविलियर्स ने भी इस पूरे प्रकरण पर अपनी निराशा जाहिर की। उन्होंने स्वीकार किया कि वह भी धोनी को खेलते हुए देखने के लिए उत्सुक थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। डिविलियर्स ने कहा, ‘हर कोई यही चर्चा कर रहा था कि क्या धोनी अगला मैच खेलेंगे? क्या वे अगला मैच खेलेंगे? और अंत में टूर्नामेंट खत्म हो गया। उन्होंने एक भी मैच नहीं खेला।’

निष्कर्ष

एमएस धोनी का क्रिकेट में योगदान अमूल्य रहा है, लेकिन आईपीएल 2026 के आंकड़ों और दिग्गजों की राय को देखते हुए यह स्पष्ट है कि चेन्नई सुपर किंग्स के लिए भविष्य की योजनाएं बनाने का समय आ गया है। चाहे धोनी मैदान पर हों या बाहर, प्रशंसकों और विशेषज्ञों की नजरें हमेशा उन पर टिकी रहती हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि धोनी अपने भविष्य को लेकर क्या फैसला लेते हैं और चेन्नई सुपर किंग्स आने वाले सीजन के लिए किस तरह की रणनीति तैयार करती है।

READ:  IPL 2026: हरभजन सिंह ने बताया वैभव सूर्यवंशी को रोकने का अचूक मंत्र

क्रिकेट के गलियारों में यह चर्चा लंबे समय तक जारी रहेगी कि क्या एमएस धोनी की अनुपस्थिति ने वाकई में टीम के प्रदर्शन पर असर डाला। एक ऐसे खिलाड़ी के लिए जिसने टीम को पांच बार खिताब जिताया हो, उसका संन्यास हमेशा से भावुक करने वाला होता है, लेकिन डेल स्टेन जैसे विशेषज्ञों की राय क्रिकेट के बदलते समीकरणों की ओर इशारा करती है।

Arsalan Qureshi

Arsalan Qureshi is one of Pakistan’s most distinctive cricket voices, serving as a senior analyst and bilingual commentator for Geo Super and a columnist for The News International. A Karachi native and graduate of the University of Karachi, Qureshi spent his early years absorbing the city’s famous fast-bowling culture before turning to the microphone. Known for his intricate breakdowns of reverse swing mechanics and his uncompromising, conversational tone, he resonates equally with Test-match purists and PSL fans. He has called multiple editions of the Pakistan Super League, bilateral series against England and Australia, and was part of the official commentary team for the 2023 Asia Cup. His columns and on-air segments are defined by a rare balance of old-school Karachi candour and modern analytical rigour.