अजिंक्य रहाणे: Rahane: ‘When the team is struggling, it is important to show your character’ और KKR का वापसी का सफर
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 का सीज़न कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा। नीलामी में सबसे अधिक खर्च करने वाली टीम होने के बावजूद, चोटों और मुस्तफिजुर रहमान जैसे प्रमुख खिलाड़ियों के चले जाने से उनकी टीम काफी प्रभावित हुई। एक समय ऐसा आया जब KKR ने लगातार छह मुकाबले गंवाए, जिससे टीम का मनोबल पूरी तरह से टूट चुका था। यह वह समय था जब टीम अपने सबसे निचले स्तर पर थी, लेकिन ऐसे में उन्हें अजिंक्य रहाणे के रूप में एक सही और प्रेरणादायक कप्तान मिला।
अजिंक्य रहाणे का प्रेरणादायक नेतृत्व: मुश्किलों में ‘चरित्र’ का प्रदर्शन
अजिंक्य रहाणे ने पहले भी ऐसे ही मुश्किल हालात से अपनी टीम को बाहर निकाला था। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय टेस्ट टीम का नेतृत्व करते हुए, उन्होंने 36 रन पर ऑल आउट होने के बाद, चोटिल खिलाड़ियों से जूझते हुए भी एक चमत्कारी वापसी कराई थी। KKR की उस स्थिति और ऑस्ट्रेलिया के उस दौरे के बीच समानताएं स्पष्ट थीं। रहाणे ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे समय में टीम का ‘एकजुट’ रहना सबसे महत्वपूर्ण है। उनका मानना था कि जब टीम संघर्ष कर रही हो, तो अपना ‘चरित्र’ दिखाना सबसे अहम होता है।
लीग चरण के आखिरी दिन भी यही योजना थी, जब KKR दिल्ली कैपिटल्स (DC) के खिलाफ अपना मैच खेलने उतरी थी। टीम इस बात से अनजान थी कि उसी समय वानखेड़े स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स (RR) और मुंबई इंडियंस (MI) के बीच क्या चल रहा था। रहाणे ने बताया कि टीम ने निर्णय लिया था कि वे वास्तविक समय में किसी भी अपडेट पर ध्यान नहीं देंगे। खिलाड़ियों को RR की जीत और KKR के तत्काल बाहर होने की खबर तभी मिली जब DC की पारी समाप्त हो गई और KKR को जीत के लिए 2024 रनों का लक्ष्य मिला। अंततः KKR 163 रन पर ऑल आउट हो गई और अंक तालिका में सातवें स्थान पर रही।
चुनौतियों भरा सीज़न और ‘अवसरों’ की तलाश
रहाणे ने स्वीकार किया कि आईपीएल 2026 का सीज़न शुरुआत से ही मुश्किलों भरा था, खासकर उन झटकों को देखते हुए जो टीम को टूर्नामेंट से पहले लगे थे। उन्होंने सीज़न की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र किया, जहां उन्होंने इसे ‘अवसरों का सीज़न’ बताया था। उनके अनुसार, KKR के लिए सबसे बड़े सकारात्मक पहलू, जिन पर वे अगले सीज़न में निर्माण कर सकते हैं, वे दो खिलाड़ी थे जिन्होंने अपने मिले अवसरों को बखूबी भुनाया: कार्तिक त्यागी और अनुकूल रॉय।
युवा प्रतिभाओं का उदय: कार्तिक त्यागी और अनुकूल रॉय
- कार्तिक त्यागी: उन्होंने सीज़न का समापन 18 विकेटों के साथ किया, जो लीग चरण में सभी भारतीय गेंदबाजों में तीसरा सबसे अधिक था। त्यागी ने अपनी गति और सटीकता से प्रभावित किया।
- अनुकूल रॉय: अपने पहले पूर्ण सीज़न में अनुकूल ने 12 पारियों में नौ विकेट लिए और दो सफल लक्ष्य का पीछा करते हुए नाबाद भी रहे। उन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से महत्वपूर्ण योगदान दिया।
रहाणे ने अनुकूल रॉय की तारीफ करते हुए कहा, “जब हम सीज़न की शुरुआत में बैठे थे, तो मैंने सोचा था कि अनुकूल के लिए हर एक मैच में आकर खेलने का यह एक शानदार समय है। उनका सैयद मुश्ताक अली सीज़न शानदार रहा था। मेरा मानना है कि जो कोई भी घरेलू लीग में अच्छा प्रदर्शन करता है, वह उस आत्मविश्वास को आगे बढ़ाता है। अनुकूल रॉय ने ठीक वैसा ही किया।”
कार्तिक त्यागी के बारे में बात करते हुए रहाणे ने कहा, “वह स्पष्ट थे। हमने अभ्यास मैच खेले – दो, तीन अभ्यास मैच – और अभ्यास सत्र भी। वह अपनी विचार प्रक्रिया के बारे में वास्तव में स्पष्ट थे। आप एक गेंदबाज के रूप में रन देंगे लेकिन जब तक आप स्पष्ट हैं कि आप अपनी टीम के लिए क्या करना चाहते हैं, वही मायने रखता है।” उन्होंने आगे कहा, “इन दोनों लड़कों के लिए, यह तो बस शुरुआत है। मुझे यकीन है कि उनमें भविष्य में बहुत अच्छा प्रदर्शन करने और उच्चतम स्तर पर भी खेलने की क्षमता है।”
नेतृत्व का दर्शन: दबाव में डटे रहना
रहाणे से पूछा गया था कि क्या उन्होंने सीज़न के दौरान कप्तानी छोड़ने के बारे में सोचा, जैसा कि दिनेश कार्तिक, रिकी पोंटिंग और गौतम गंभीर जैसे खिलाड़ियों ने अतीत में किया था। इस पर रहाणे का जवाब दृढ़ था।
उन्होंने कहा, “क्रिकेटर के रूप में, हम अपने प्रशंसकों की वजह से ही हैं। जब हम अच्छा करते हैं तो वे सराहना करते हैं और जब हम अच्छा नहीं करते तो आलोचना करते हैं। यह खेल का हिस्सा है और सभी क्रिकेटर इसे समझते हैं। मेरे लिए, मैंने अपना पूरा क्रिकेट सही रवैये के साथ खेला है। चरित्र हमेशा मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण रहा है। मैं कभी भी पीछे हटने वाला नहीं हूं। Rahane: ‘When the team is struggling, it is important to show your character’।”
दबाव के बारे में बात करते हुए, रहाणे ने कहा, “दबाव आता है, हाँ, यह बहुत स्वाभाविक है। दबाव सौभाग्यशाली लोगों पर आता है। जब आप पांच-छह मैच हार जाते हैं, तो आपका दिमाग अतीत और भविष्य में चला जाता है, लेकिन उस पल में रहना महत्वपूर्ण है। चीजें कभी भी बदल सकती हैं। मैंने छह मैच हारने के बाद खिलाड़ियों से कहा था कि चीजों को बदलने के लिए सिर्फ एक मैच की जरूरत है; टीम के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात विश्वास रखना और वही करते रहना है जो हम कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि “हमें कुछ बदलाव करने पड़े, लेकिन यह ठीक है। हमने स्वीकार किया कि कभी-कभी हमने खराब क्रिकेट खेला। राजस्थान रॉयल्स के खेल (जो KKR ने इस सीज़न में पहला जीता था) से पहले मिले लंबे ब्रेक ने मदद की।”
संघर्षपूर्ण अभियान का मीठा अनुभव और भविष्य की उम्मीदें
आईपीएल 2027 के बारे में, रहाणे ने कहा कि अभी इस बारे में सोचना बहुत जल्दबाजी होगी। इसके बजाय, वह अपने टीम के संघर्ष की सराहना करते हुए इस सीज़न का अंत करना चाहते थे, एक ऐसा अभियान जो भले ही निराशाजनक रहा हो, लेकिन उसमें लड़ने की भावना की कमी नहीं थी।
रहाणे ने अपनी टीम की सराहना करते हुए कहा, “खिलाड़ियों को शायद ही कभी इस तरह की वापसी का अनुभव मिलता है, जिस तरह की वापसी हमने की – उन सात मैचों के बाद इतनी दूर तक आए। हर एक को सलाम। सीखने के लिए बहुत कुछ है। हाँ, जब आप प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई नहीं करते हैं तो हमेशा बुरा लगता है, और हर टीम शीर्ष चार में रहना चाहती है। लेकिन मेरे लिए, टीम के एक नेता के रूप में, मुझे लड़कों पर वास्तव में गर्व है, जिस तरह से उन्होंने खुद को संभाला।” यह सीज़न KKR के लिए भले ही खिताब न ला सका हो, लेकिन इसने टीम के चरित्र और युवाओं के भविष्य की उज्ज्वल संभावनाओं को सामने रखा।