बेन स्टोक्स की फॉर्म पर इंग्लैंड के दिग्गजों की चिंता: तकनीक में बदलाव से बचने की सलाह
बेन स्टोक्स की बल्लेबाजी पर उठ रहे सवाल
इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार कारण उनकी कप्तानी नहीं बल्कि उनकी बल्लेबाजी की फॉर्म है। काउंटी क्रिकेट में डर्हम के लिए वापसी करने वाले स्टोक्स का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है, जिसके बाद इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज क्रिकेटरों ने उन्हें अपनी बल्लेबाजी तकनीक में बार-बार बदलाव न करने की सलाह दी है।
स्टोक्स अब न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली आगामी घरेलू टेस्ट सीरीज के लिए तैयार हो रहे हैं। यह सीरीज इंग्लैंड के लिए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के नजरिए से बेहद महत्वपूर्ण है। इसके बाद इंग्लैंड को पाकिस्तान के खिलाफ भी तीन मैचों की घरेलू सीरीज खेलनी है। वर्तमान में इंग्लैंड डब्ल्यूटीसी अंक तालिका में सातवें स्थान पर है और अब तक केवल तीन मैच ही जीत पाया है। फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए टीम को अपने कप्तान से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की उम्मीद है।
माइकल एथर्टन का नजरिया: प्रतिस्पर्धी क्रिकेट की कमी
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल एथर्टन ने ‘स्काई स्पोर्ट्स क्रिकेट पॉडकास्ट’ पर बात करते हुए कहा कि स्टोक्स की मौजूदा बल्लेबाजी समस्या उनकी क्षमता की कमी नहीं, बल्कि प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में मैच खेलने की कमी का परिणाम है। एथर्टन का मानना है कि चोटों के कारण स्टोक्स का मैदान से बाहर रहना उनके खेल पर भारी पड़ा है।
एथर्टन ने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह स्टोक्स के खेल का सार है। उन्होंने लंबे समय से प्रतिस्पर्धी मैच नहीं खेले हैं। चोटों के कारण वे अंतरराष्ट्रीय स्तर के बाहर मैच खेलने से बचते रहे हैं। नेट में बहुत ज्यादा अभ्यास करना और मैच अभ्यास की कमी होना उनके लिए एक बड़ा मुद्दा बन गया है। भले ही कोई खिलाड़ी कितना भी अनुभवी क्यों न हो, उन्हें लय हासिल करने के लिए प्रतिस्पर्धी क्रिकेट की आवश्यकता होती है। कुछ खिलाड़ी इसे अचानक से शुरू कर सकते हैं, लेकिन हर किसी के लिए ऐसा करना संभव नहीं है।’
नासिर हुसैन की सलाह: तकनीक के साथ छेड़छाड़ बंद करें
वहीं, नासिर हुसैन ने स्टोक्स की नेट प्रैक्टिस करने की आदतों पर सवाल उठाए हैं। हुसैन के अनुसार, जब स्टोक्स गेंदबाजी नहीं कर पाते, तो वे नेट्स पर बहुत अधिक समय बिताते हैं, जिससे वे अपनी तकनीक के साथ अनावश्यक छेड़छाड़ करने लगते हैं।
हुसैन ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा, ‘समस्या यह है कि स्टोक्स नेट्स में इतना ज्यादा समय बिताते हैं कि वे अपनी तकनीक के साथ प्रयोग करने लगते हैं। उन्होंने 18 महीने पहले हैरी ब्रूक के सीधे खड़े होने के अंदाज को कॉपी करने की कोशिश की थी, जबकि स्टोक्स की अपनी एक स्वाभाविक लय है। वे बार-बार अपने क्रीज पर खड़े होने के तरीके या ट्रिगर में बदलाव करते रहते हैं। मैं मानता हूं कि उनके करियर का यह वह पड़ाव है जहां उन्हें अपनी एक तकनीक तय कर लेनी चाहिए और उसे बार-बार बदलने के बजाय एक स्वाभाविक खिलाड़ी के रूप में खेलना चाहिए।’
इंग्लैंड के लिए आगे की राह
बेन स्टोक्स का फिट होना और गेंदबाजी में वापसी करना इंग्लैंड के लिए एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि, उनकी बल्लेबाजी फिलहाल एक बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है। आगामी टेस्ट सत्र में लगातार मैचों के कारण इंग्लैंड के कप्तान का शारीरिक और तकनीकी रूप से स्वस्थ और स्थिर होना टीम की सफलता के लिए अनिवार्य है।
इंग्लैंड टीम प्रबंधन और प्रशंसक यही उम्मीद कर रहे होंगे कि स्टोक्स नेट की घिसाई के बजाय अपनी स्वाभाविक शैली पर वापस लौटेंगे। एक अनुभवी खिलाड़ी के तौर पर स्टोक्स को यह समझना होगा कि तकनीक में बार-बार बदलाव उन्हें सफलता के बजाय और अधिक दुविधा में डाल सकते हैं। आने वाले समय में स्टोक्स की बल्लेबाजी का प्रदर्शन ही तय करेगा कि इंग्लैंड डब्ल्यूटीसी की अपनी बाकी चुनौतियों में कैसा प्रदर्शन कर पाता है।
क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि स्टोक्स एक मैच विनर हैं, और उन्हें बस अपनी पुरानी लय पाने के लिए खुद पर भरोसा करने की जरूरत है। तकनीक में मामूली सुधार अच्छे होते हैं, लेकिन लगातार बदलाव करना किसी भी बल्लेबाज की एकाग्रता और आत्मविश्वास को प्रभावित कर सकता है।