जब विराट कोहली और ट्रैविस हेड ने मिलकर पैट कमिंस को बनाया था अपना शिकार
जब मैदान पर एक थे कोहली और हेड
आईपीएल 2026 के दौरान रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच का मुकाबला भले ही पॉइंट्स टेबल के लिहाज से एक सामान्य मैच रहा हो, लेकिन इसने प्रशंसकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था। इसका मुख्य कारण विराट कोहली और ट्रैविस हेड के बीच हुई नोक-झोंक थी। स्टंप माइक में कैद हुई हेड की टिप्पणियों और उसके बाद कोहली की प्रतिक्रिया ने खेल जगत में काफी हलचल मचाई। मैच के बाद दोनों का एक-दूसरे से हाथ न मिलाना इस तनाव की पराकाष्ठा थी।
लेकिन क्रिकेट का इतिहास काफी दिलचस्प होता है। आज जो खिलाड़ी एक-दूसरे के कट्टर प्रतिद्वंद्वी दिख रहे हैं, नौ साल पहले 2017 में वे एक ही ड्रेसिंग रूम का हिस्सा थे। यह कहानी आईपीएल 2017 के 56वें मैच की है, जब कोहली और हेड दोनों आरसीबी की ओर से खेल रहे थे।
आईपीएल 2017: एक यादगार साझेदारी
दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए उस मुकाबले में आरसीबी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 161 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था। उस मैच में विराट कोहली ने 58 रनों की कप्तानी पारी खेली थी, जबकि क्रिस गेल ने 38 गेंदों में 48 रन बनाए थे। हालांकि उस मैच में ट्रैविस हेड बल्ले से तो कुछ खास नहीं कर पाए थे और महज दो रन बनाकर आउट हो गए थे, लेकिन जब गेंदबाजी की बारी आई, तब कोहली और हेड ने मिलकर पैट कमिंस को आउट करने की एक बेहतरीन रणनीति बनाई थी।
पैट कमिंस का संघर्ष और कोहली-हेड का जाल
उस समय पैट कमिंस दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) के लिए खेल रहे थे। दिल्ली की शुरुआत खराब रही थी और संजू सैमसन शून्य पर आउट हो गए थे। श्रेयस अय्यर और ऋषभ पंत के विकेट जल्दी गिरने के बाद जब दिल्ली की टीम 87 रन पर 4 विकेट खोकर संघर्ष कर रही थी, तब पैट कमिंस बल्लेबाजी करने उतरे।
कमिंस ने शुरुआत में ट्रैविस हेड की गेंद पर एक रन लेकर अपना खाता खोला। इसके बाद उन्होंने हेड की ही एक गेंद पर मिड-विकेट के ऊपर से शानदार छक्का जड़कर दर्शकों में उम्मीद जगाई थी। लेकिन उनकी यह आक्रामकता ज्यादा देर नहीं टिक सकी। ठीक अगली ही गेंद पर कोहली और हेड की जोड़ी ने कमिंस को अपना शिकार बना लिया।
कैसे हुआ पैट कमिंस का पतन
16वें ओवर की आखिरी गेंद पर ट्रैविस हेड ने ऑफ-स्टंप के बाहर एक फुल लेंथ गेंद डाली। कमिंस उस पर बड़ा शॉट खेलना चाहते थे, लेकिन गेंद उनके बल्ले के निचले हिस्से (toe-end) से लगकर सीधे लॉन्ग-ऑफ की ओर हवा में गई। वहां विराट कोहली तैनात थे, जिन्होंने कोई गलती नहीं की और आसान कैच पकड़ लिया। उस समय आरसीबी के इन दोनों खिलाड़ियों की खुशी देखने लायक थी।
आज, नौ साल बाद, हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। कोहली और हेड अपने करियर के उस मोड़ पर हैं जहाँ मैदान पर उनकी प्रतिस्पर्धा चरम पर है। कभी एक-दूसरे के लिए विकेट लेने की योजना बनाने वाले ये खिलाड़ी आज एक-दूसरे को नीचा दिखाने या मात देने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। क्रिकेट का यह सफर न केवल खेल की अनिश्चितता को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि समय के साथ खिलाड़ियों के रिश्ते कैसे बदल जाते हैं।
यह कहानी हमें याद दिलाती है कि आईपीएल न केवल विवादों का मंच है, बल्कि यह पुरानी यादों और बदलते समीकरणों का एक बड़ा समामेलन भी है। चाहे कोहली हों, हेड हों या कमिंस, इन दिग्गजों का हर मैच प्रशंसकों के लिए रोमांच और पुरानी यादों का पिटारा खोलता है।